एलगार परिषद

फादर स्टेन स्वामी. (फाइल फोटो: पीटीआई)

भारत मानवाधिकारों के समर्थकों को उचित सुरक्षा नही देताः संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि

मानवाधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि मैरी लॉलर एक ऑनलाइन कार्यक्रम में एल्गार परिषद मामले में हुई 83 वर्षीय स्टेन स्वामी की गिरफ़्तारी पर चिंता जताते हुए कहा कि देश मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति जवाबदेह है.

गौतम नवलखा (फोटो: यूट्यूब)

एल्गार परिषद: नवलखा, बाबू और भारद्वाज ने कहा, उन्हें भेजी गईं किताबें जेल प्रशासन लौटा दे रहा है

एल्गार परिषद मामले में जेल में बंद कार्यकर्ताओं गौतम नवलखा, हेनी बाबू और सुधा भारद्वाज ने कहा है कि पिछले कई महीने से परिवार द्वारा भेजी जा रहीं किताबें उन्हें नहीं मिल रही हैं. हालांकि जेल प्रशासन ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है.

भीमा-कोरेगांव में बना विजय स्तंभ. भीमा-कोरेगांव की लड़ाई में पेशवा बाजीराव द्वितीय पर ईस्ट इंडिया कंपनी ने जीत दर्ज की थी. इसकी याद में कंपनी ने विजय स्तंभ का निर्माण कराया था, जो दलितों का प्रतीक बन गया. कुछ विचारक और चिंतक इस लड़ाई को पिछड़ी जातियों के उस समय की उच्च जातियों पर जीत के रूप में देखते हैं. हर साल 1 जनवरी को हजारों दलित लोग श्रद्धाजंलि देने यहां आते हैं. (फोटो साभार: विकीपीडिया)

भीमा-कोरेगांव: निषेधाज्ञा लागू, वर्षगांठ पर युद्ध स्मारक के नज़दीक बाहरियों के जाने पर रोक

हर साल एक जनवरी को दलित वर्ष 1818 की जंग की वर्षगांठ मनाते हैं, जिसमें ईस्ट इंडिया कंपनी के जवानों ने दलित सैनिकों के साथ मिलकर पुणे के पेशवा की सेना को पराजित किया था. पुणे के पेरने गांव में भीमा-कोरेगांव की जंग की स्मृति में ‘जय स्तंभ’ बना है, वर्षगांठ पर यहां स्मृति कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है.

गौतम नवलखा. (फोटो साभार: विकिपीडिया)

गौतम नवलखा का नया चश्मा वापस करने पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने जेल अधिकारियों को लगाई फटकार

भीमा-कोरेगांव मामले में गिरफ़्तार मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा का चश्मा महाराष्ट्र की तलोजा जेल से चोरी हो गया था. उनके परिवार ने डाक के माध्यम से नया चश्मा भेजा था, जिसे जेल अधिकारियों ने वापस कर दिया था.

गौतम नवलखा (फोटो: यूट्यूब)

महाराष्ट्र: लगभग दृष्टिहीन हो चुके गौतम नवलखा को जेल अधिकारियों ने चश्मा देने से इनकार किया

मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा को इस साल अप्रैल में कथित तौर पर भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले से जुड़े होने के संबंध में गिरफ़्तार किया गया था. उनकी पार्टनर का कहना है कि डाक के माध्यम से उन्होंने महाराष्ट्र की तलोजा जेल में उनका चश्मा भेजा था, लेकिन जेल अधिकारियों ने उसे वापस लौटा दिया.

वरवरा राव.

बॉम्बे हाईकोर्ट ने वरवरा राव को अस्पताल में भर्ती करने का आदेश दिया, कहा- वे मृत्युशैया पर हैं

तेलुगू कवि एवं कार्यकर्ता वरवरा राव की बिगड़ती हालत को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि अदालत को बताए बिना उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज नहीं किया जाएगा. 81 वर्षीय राव को एल्गार परिषद मामले में 28 अगस्त 2018 को गिरफ़्तार किया गया था.

वरवरा राव. (फोटो: पीटीआई )

बॉम्बे हाईकोर्ट ने वरवरा राव की तत्काल मेडिकल जांच करने का आदेश दिया

मेडिकल जांच के आधार पर बॉम्बे हाईकोर्ट ये फैसला लेगा कि तेलुगू कवि एवं कार्यकर्ता वरवरा राव को जेल से अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा या नहीं. 81 वर्षीय राव को एल्गार परिषद मामले में 28 अगस्त 2018 को गिरफ़्तार किया गया था.

तेलुगू कवि वरवरा राव. (फोटो: पीटीआई)

भीमा-कोरेगांवः सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से वरवरा राव की ज़मानत पर जल्द सुनवाई करने को कहा

81 वर्षीय तेलुगू कवि एवं कार्यकर्ता वरवरा राव को एल्गार परिषद मामले में 28 अगस्त 2018 को गिरफ़्तार किया गया था. उनकी पत्नी ने याचिका में कहा है कि राव की तबीयत बहुत ख़राब है, जिसके कारण उनकी लगातार देखभाल की ज़रूरत है.

सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े. (फोटो: पीटीआई)

एल्गार परिषद मामला: एनआईए का दावा, आरोपी ‘दलित मिलिटेंसी’ शुरू करने की कोशिश कर रहे थे

एल्गार परिषद मामले में दायर तीसरी चार्जशीट में एनआईए ने कहा है कि आरोपियों ने ‘जंगलों में जाकर हथियार चलाने की ट्रेनिंग’ ली थी. अपने आरोपपत्र में एनआईए ने पुणे पुलिस द्वारा ‘प्रधानमंत्री की हत्या की साज़िश रचने’ के दावे को तवज्जो नहीं दी है.

फादर स्टेन स्वामी. (फोटो: पीटीआई)

एल्गार परिषद मामला: स्टेन स्वामी ने स्वास्थ्य आधार पर ज़मानत याचिका दायर की

एनआईए ने एल्गार परिषद मामले में 83 वर्षीय स्टेन स्वामी को आठ अक्टूबर को रांची से गिरफ़्तार किया था. एनआईए ने उनकी याचिका के जवाब में कहा है कि वे कोरोना वायरस की मौजूदा स्थिति की आड़ में ज़मानत मांगकर स्थिति का अनुचित लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं.

वरवरा राव.

भीमा-कोरेगांव: वरवरा राव की पत्नी ने दायर की ज़मानत याचिका, कहा- लगातार हिरासत अमानवीय है

81 वर्षीय तेलुगू कवि एवं कार्यकर्ता वरवरा राव को एल्गार परिषद मामले में 28 अगस्त 2018 को गिरफ़्तार किया गया था. उनकी पत्नी ने याचिका में कहा है कि राव की तबीयत बहुत ख़राब है, जिसके कारण उनकी लगातार देखभाल की ज़रूरत है.

अक्टूबर 2020 में सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा रांची में स्टेन स्वामी की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन. (फोटो: पीटीआई)

भीमा-कोरेगांव: मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने फादर स्टेन स्वामी की गिरफ़्तारी की निंदा की

एनआईए ने भीमा-कोरेगांव मामले में 83 वर्षीय स्टेन स्वामी को आठ अक्टूबर को झारखंड के रांची स्थित उनके घर से गिरफ़्तार किया था. उन पर भाकपा (माओवादी) के साथ संबंध होने का आरोप लगाया गया है.

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

भीमा-कोरेगांव: आठ लोगों के ख़िलाफ़ आरोप-पत्र दाख़िल, स्टेन स्वामी न्यायिक हिरासत में भेजे गए

एनआईए ने भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में सामाजिक कार्यकर्ताओं स्टेन स्वामी, गौतम नवलखा, आनंद तेलतुंबड़े समेत आठ लोगों के ख़िलाफ़ आरोप-पत्र दाख़िल किया है, उनमें मिलिंद तेलतुंबड़े को छोड़कर सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं.

वकील और सामाजिक कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज. (फोटो: द वायर)

भीमा कोरेगांव: सुप्रीम कोर्ट का सुधा भारद्वाज की अंतरिम ज़मानत याचिका पर विचार करने से इनकार

भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में आरोपी सामाजिक कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज की वकील ने कहा कि वह दो साल से भी ज़्यादा समय से जेल में बंद हैं और अब तक आरोप भी तय नहीं हुए हैं. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मेरिट के आधार पर आपके पास अच्छा मामला है. आप नियमित ज़मानत के लिए आवेदन क्यों नहीं करतीं.

(पार्थसारथी रे, के सत्यनारायण और केवी कुरमानाथ)

एल्गार परिषद मामलाः एनआईए ने पूछताछ के लिए प्रोफेसर और पत्रकार को तलब किया

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने एल्गार परिषद मामले में पूछताछ के लिए हैदराबाद की ईएफएलयू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के सत्यनारायण और द हिंदू के पत्रकार केवी कुरमानाथ को तलब किया है. ये दोनों कवि और सामाजिक कार्यकर्ता वरवरा राव के दामाद हैं.