किसान आंदोलन

आंदोलन के दौरान किसानों की मौत पर परिजनों को सहायता से संबंधित कोई रिकॉर्ड नहीं: कृषि मंत्री

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यसभा में बताया कि सरकार ने किसानों के साथ 11 दौर की वार्ता के दौरान कृषि क़ानूनों की क़ानूनी वैधता सहित उनसे होने वाले लाभों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया है. हालांकि किसान यूनियनों ने इस पर चर्चा करने पर कभी भी सहमति व्यक्त नहीं की, वे केवल क़ानूनों को वापस लेने पर अड़े रहे.

अंग्रेज़ गांधी को ‘आंदोलनजीवी’ बताकर मज़ाक उड़ाते, तो क्या हम आज़ाद होते

काश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बातें बनाने के बजाय समझते कि आंदोलन तो होते ही सत्ताओं की निरंकुशता पर लगाम लगाने के लिए हैं और उन्हें ख़त्म करने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि ख़ुद पर उनका अंकुश हमेशा महसूस किया जाता रहे.

मोदी के आंदोलन-जीवी और सलवा-जुडूम की तर्ज पर नए साइबर योद्धा

वीडियो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में राज्यसभा में एक नए शब्द का ज़िक्र करते हुए कहा था कि पिछले कुछ समय से देश में एक नई बिरादरी ‘आंदोलनजीवी’ सामने आई है. ये पूरी टोली आंदोलन के बिना जी नहीं सकती और ये आंदोलन से जीने के लिए रास्ते ढूंढते रहते हैं. इस पर आरफा ख़ानम शेरवानी का नज़रिया.

नेता जब विश्वास के साथ झूठ दोहराता है, तो जनता में उसकी प्रामाणिकता बढ़ती जाती है

2002 जनसंहार के समय गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने पूछा कि क्या राज्य में घर जलाए गए, क्या बलात्कार, हत्याएं हुईं? नेता जब ऐसा पूछे तो वो ‘न’ सुनना चाहता है और नेता का स्वभाव जानने वाली जनता ने यही कहा. इसी जनता की तरह अब देश की जनता को असत्य में यक़ीन करने के लिए तैयार किया जा रहा है.

पत्रकारों, कार्यकर्ताओं, नेताओं के ख़िलाफ़ कार्रवाई अभिव्यक्ति की आज़ादी का उल्लंघनः ट्विटर

ट्विटर इंडिया ने कहा कि भारत सरकार के आदेश अनुसार कुछ कार्रवाई की है लेकिन वह मीडिया संस्थाओं, पत्रकारों, कार्यकर्ताओं और नेताओं से जुड़े एकाउंट को ब्लॉक नहीं करेगा. माइक्रोब्लॉगिंग मंच ने यह भी कहा कि वह अपने और प्रभावित हुए एकाउंट दोनों के लिए भारतीय क़ानून के तहत विकल्प तलाश कर रहा है.

किसान आंदोलन: प्रधानमंत्री के संबोधन से प्रदर्शनकारी किसानों को हुई निराशा

वीडियो: केंद्र के नए कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आंदोलनजीवी’ बयान पर रोष जताते हुए कहा कि यह किसानों का अपमान है. आंदोलनों के कारण भारत को औपनिवेशिक शासन से आज़ादी मिली और उन्हें गर्व है कि वे ‘आंदोलनजीवी’ हैं.

1974 में नरेंद्र मोदी ने आंदोलनजीवियों को सरकार के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतारा था…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि कुछ समय से देश में एक नई जमात पैदा हुई है, आंदोलनजीवी. वकीलों, छात्रों, मज़दूरों के आंदोलन में नज़र आएंगे, कभी पर्दे के पीछे, कभी आगे. ये पूरी टोली है जो आंदोलन के बिना जी नहीं सकते और आंदोलन से जीने के लिए रास्ते ढूंढते रहते हैं.

मोदी की ‘आंदोलनजीवी’ टिप्पणी की कड़ी आलोचना, नेताओं ने कहा- आंदोलन से ही मिली थी आज़ादी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राज्यसभा में एक नए शब्द ‘आंदोलनजीवी’ का ज़िक्र करते हुए कहा था कि पिछले कुछ समय से देश में एक नई बिरादरी ‘आंदोलनजीवी’ सामने आई है. ये पूरी टोली है जो आंदोलनजीवी है, ये आंदोलन के बिना जी नहीं सकते और आंदोलन से जीने के लिए रास्ते ढूंढते रहते हैं.

किसान आंदोलन: मशहूर हस्तियों द्वारा केंद्र के समर्थन में ट्वीट करने की जांच करेगी महाराष्ट्र सरकार

अंतरराष्ट्रीय हस्तियों द्वारा किसान आंदोलन को मिले समर्थन के बाद कई भारतीय कलाकारों और खेल हस्तियों ने केंद्र सरकार के समर्थन वाले हैशटैग के साथ जवाबी ट्वीट किए थे. महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा है कि राज्य का ख़ुफ़िया विभाग कुछ हस्तियों पर ट्वीट के लिए दबाव डाले जाने के आरोपों की जांच करेगा.

केंद्र सरकार ने ट्विटर इंडिया से किसान आंदोलन से जुड़े ग्यारह सौ से अधिक एकाउंट हटाने को कहा

केंद्र सरकार का कहना है कि जिन एकाउंट्स को हटाने को कहा गया है,वे खालिस्तान समर्थकों या पाकिस्तान द्वारा समर्थित हैं. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सरकार को लगता है कि ट्विटर के सीईओ जैक डॉर्सी किसान आंदोलनों के समर्थन में कुछ ट्वीट को लाइक कर रहे हैं, जो प्लेटफॉर्म की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है.

भारत ने ‘टूलकिट’ को षड्यंत्रकारी बताया, सोशल मीडिया कंपनियों से जानकारी मांगी

पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने किसान आंदोलन से संबंधित एक ‘गूगल टूलकिट’ ट्विटर पर साझा किया था, जिसे लेकर दिल्ली पुलिस गूगल और अन्य सोशल मीडिया कंपनियों से इससे संबंधित ईमेल आईडी, डोमेन यूआरएल और कुछ सोशल मीडिया एकाउंट्स की जानकारी देने को कहा है.

किसान आंदोलन: स्वतंत्र पत्रकार को ज़मानत के बाद डिजिटल मीडिया पेशेवरों ने कहा- हम डटे रहेंगे

वीडियो: दिल्ली पु​लिस ने स्वतंत्र पत्रकार मनदीप पुनिया को सिंघू बॉर्डर प्रदर्शन स्थल से गिरफ्तार किया था जहां केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान प्रदर्शन कर रहे हैं. द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी ने ग़ाज़ीपुर बॉर्डर जाकर डिजिटल मीडिया के पत्रकारों से बात की.

‘जो स्वतंत्र पत्रकार हैं, उन्हें ये लोग इंसान भी नहीं समझते’

वीडियो: दिल्ली के सिंघू बाॅर्डर पर किसानों के आंदोलन को कवर कर रहे स्वतंत्र पत्रकार मनदीप पुनिया को बीते 30 जनवरी को दिल्ली पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया था. रिहा होने के बाद उनसे द वायर के सिराज अली ने बातचीत की.

यूपी: किसान आंदोलन में शामिल किसान की मौत, पत्नी व भाई पर राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का केस दर्ज

पीलीभीत के सेहरामऊ थाना क्षेत्र के बलविंदर सिंह 23 जनवरी को ग़ाज़ीपुर सीमा के लिए निकले थे. एक हफ़्ते बाद उनके परिवार को दिल्ली पुलिस ने फोन कर सड़क दुर्घटना में उनकी मौत के बारे में बताया. बुधवार को अंतिम संस्कार के समय उनके शव को तिरंगे में लपेटा गया था.