किसान मार्च

आर्थिक समीक्षा में विकिपीडिया, अन्य निजी संस्थानों से भी लिए गए आंकड़े

केंद्रीय बजट से एक दिन पहले जारी किए गए आर्थिक सर्वे में भगवद गीता, ऋगवेद, कौटिल्य के अर्थशास्त्र, तमिल संत तिरुवल्लुवुर की शिक्षाओं ‘द तिरुकुरल’ के उद्धरण भी दिए गए हैं.

Karad: Farmers plough their field as they sow soyabean at a field in Ghogaon village near Karad, Friday, July 5, 2019. Finance Minister Nirmala Sitharaman said the government will invest widely in agriculture infrastructure and support private entrepreneurship for value addition in farm sector. (PTI Photo) (PTI7_5_2019_000217B)

आर्थिक सर्वे में कृषि मशीनीकरण पर जोर, जल संरक्षण के लिए माइक्रो इरिगेशन पर फोकस

रिपोर्ट में इस ओर इशारा किया गया है कि अगर सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को पूरा करना चाहती है तो उसे कृषि क्षेत्र में मूलभूत चुनौतियों का समाधान करना होगा.

Nagpur: A farmer ploughs his field at a cotton plantation, in Hingna village near Nagpur, Friday, July 5, 2019. (PTI Photo) (PTI7_5_2019_000147B)

कृषि विकास दर में गिरावट जारी, अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी घटकर 16.5 फीसदी हुई: आर्थिक सर्वे

वित्त वर्ष 2019-20 के लिए कृषि विकास दर घटकर मात्र 2.8 फीसदी पर आ गई है. आर्थिक सर्वे 2019-20 में कृषि क्षेत्र की मूलभूत चुनौतियों का समाधान करने के लिए कहा गया है.

खरीफ 2019-20 की फसलों के एमएसपी में मामूली बढ़ोतरी, धान में सिर्फ 3.7 फीसदी की वृद्धि

केंद्र सरकार द्वारा धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 65 रुपये प्रति क्विंटल, ज्वार में 120 रुपये प्रति क्विंटल और रागी में 253 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है.

किसानों की आय बढ़ाने के लिए धान की फसल के हर हिस्से की मूल्यवृद्धि की ज़रूरत: स्वामीनाथन

भारत में हरित क्रांति के जनक एमएस स्वामीनाथन ने राष्ट्रीय किसान आयोग की सिफारिशों को जल्द लागू करने की मांग की. इसके मुताबिक किसानों को लागत का कम से कम डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलना चाहिए.

भारत के पास नहीं हैं सही और प्रामाणिक कृषि आंकड़े

कृषि क्षेत्र के बहुत सारे आंकड़े या तो उपलब्ध नहीं है या देरी से जारी किए गए हैं. अक्सर, यह आंकड़े, दूसरे आंकड़ों से मिलते जुलते नहीं हैं.

नासिक-मुंबई किसान मार्च: महाराष्ट्र पुलिस ने दूसरी बड़ी रैली से पहले लोगों को हिरासत में लिया

नंदूरबार ज़िले के किसान संगठन सत्यशोधक शेतकरी सभा ने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र पुलिस ने उनके 3000 लोगों को हिरासत में लिया था. नासिक से मुंबई तक किसान मार्च 20 फरवरी से प्रस्तावित है.

जलवायु परिवर्तन के दायरे में दुग्ध उत्पादन भी, नहीं संभले तो अगले साल तक दिखने लगेगा असर

भाजपा सांसद मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 तक चावल के उत्पादन में चार से छह प्रतिशत, आलू में 11 प्रतिशत, मक्का में 18 प्रतिशत और सरसों के उत्पादन में दो प्रतिशत तक की कमी संभावित है. इसके अलावा एक डिग्री सेल्सियस तक तापमान वृद्धि के साथ गेंहू की उपज में 60 लाख टन तक कमी आ सकती है.

कृषि को लेकर नीतियां बहुत हैं लेकिन किसानों की आय बढ़ाने पर ज़ोर नहीं: संसदीय समिति

वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने कहा कि सरकार टिकाऊ खेती के लिए पहल तो कर रही है लेकिन उसमें किसान केंद्र में नहीं है. स्थायी व्यवसाय के रूप में कृषि तभी बच सकती है जब किसानों को खुद को बचाए रखने का मौका दिया जाएगा.

जलवायु परिवर्तन से कृषि पर पड़ रहा बुरा प्रभाव, 23 प्रतिशत तक कम हो सकता है गेहूं का उत्पादन

विशेष रिपोर्ट: कृषि मंत्रालय ने वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली संसद की प्राक्कलन समिति को बताया कि अगर समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो धान, गेहूं, मक्का, ज्वार, सरसों जैसी फसलों पर जलवायु परिवर्तन का काफी बुरा प्रभाव पड़ सकता है. समिति ने इस समस्या को हल करने के लिए सरकार की कोशिशों को नाकाफी बताया है.

किसानों को नहीं मिल रही एमएसपी, औने-पौने दाम पर उपज बेचने को मजबूर

सभी फसलों के लिए एमएसपी निर्धारित नहीं की जाती है जिसकी वजह से टमाटर, प्याज और आलू जैसे उत्पादों की हालत बेहद ख़राब है.

750 किलो प्याज़ बेचने पर मिले महज़ 1064 रुपये, नाराज़ किसान ने पूरा पैसा नरेंद्र मोदी को भेजा

महाराष्ट्र के संजय साठे नाम के एक किसान को अपना 750 किलो प्याज़ मात्र 1.40 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचनी पड़ी. इससे नाराज़ किसान ने पूरा पैसा प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के आपदा राहत कोष में दान कर दिया.

दिल्ली की सड़कों पर उतरे देश भर के किसान बोले- अयोध्या नहीं, क़र्ज़ माफ़ी

गुरुवार को रामलीला मैदान में देश के विभिन्न हिस्सों से आए किसानों ने कहा कि उन्हें राम मंदिर या राम मूर्ति के बजाय क़र्ज़ माफ़ी और अपने उत्पादों का लाभकारी मूल्य चाहिए.

‘किसनवा के भेजले मौत के करीब भईया, देसवा क फूटल नसीब भईया’

देश के विभिन्न हिस्सों से आए किसान अपनी मांगों के साथ दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं. इनकी मुख्य मांग है कि उनका कर्ज़ा माफ़ किया जाए और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू कर उन्हें फसलों की लागत का डेढ़ गुना मूल्य दिया किया जाए.

संसद का दरवाज़ा खोलिए, अब किसान देश को संबोधित करेगा: पी. साईनाथ

वीडियो: देश के किसान एक बार फिर विभिन्न मांगों के साथ दिल्ली पहुंच गए हैं. उनकी मांगों और समस्याओं पर कृषि मामलों के जानकार और वरिष्ठ पत्रकार पी. साईनाथ से धीरज मिश्रा की बातचीत.