कैराना

उत्तर प्रदेशः कैराना से सपा विधायक नाहिद हसन भगोड़ा घोषित, संपत्ति कुर्क करने का आदेश

उत्तर प्रदेश के कैराना से समाजवादी पार्टी के विधायक नाहिद हसन के ख़िलाफ़ 12 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें हत्या की कोशिश और रंगदारी मांगना भी शामिल है. वह लगातार गिरफ़्तारी से बच रहे हैं.

यूपी: कैराना में पुलिस पर परेशान करने का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा, जवान ने की हवाई फायरिंग

उत्तर प्रदेश में कैराना लोकसभा क्षेत्र के कांधला के रसूलपुर गुजरान गांव का मामला. पुलिस ने बताया कि कुछ लोग बिना पहचान पत्र के जबरन वोट डालने की कोशिश कर रहे थे.

क्या कैराना में उल्टा पड़ा पुलवामा का असर?

पुलवामा आतंकी हमला और बालाकोट एयरस्ट्राइक आगामी लोकसभा चुनाव में ज़मीन पर कितने प्रभावी साबित होंगे? द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कैराना के लोगों से जानने की कोशिश की.

उत्तर प्रदेश: पुलिस की गाड़ी से खींचकर भीड़ ने की युवक की पीट-पीटकर हत्या

शामली ज़िले के हथछोया गांव में हुई घटना. मृतक राजेंद्र के परिजनों ने आरोप लगाया है कि गांव के ही 6 लोग, जिनका एक दिन पहले राजेंद्र से झगड़ा हुआ था, ने उसे लाठियों से पीट-पीटकर मार डाला.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हिंदू परिवारों के पलायन की कोई रिपोर्ट नहीं: केंद्र सरकार

गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर ने राज्यसभा में बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक देवबंद में हिंदू परिवारों के पलायन से संबंधित कोई मामला सूचित नहीं किया गया है.

अब चुनाव में हिंदू-मुस्लिम नहीं होने देंगे, भाजपा के प्रयासों को विफल करेंगे: जयंत चौधरी

राष्ट्रीय लोक दल के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि उपचुनाव के नतीजों ने लोगों को एक संभावित विकल्प दिखाया है. लोगों को लगता था कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की ‘चाणक्य नीति’ का सामना कोई नहीं कर सकता है.

Kairana: RLD candidate for Kairana Lok Sabha seat, Tabassum Hasan visits a polling station, in Kairana on Monday, May 28, 2018. PTI Photo (PTI5_28_2018_000149B)

कैराना सांसद तबस्सुम हसन को लेकर सोशल मीडिया पर किए जा रहे फ़र्ज़ी पोस्ट की जांच के आदेश

पुलिस में दर्ज कराई शिकायत में सांसद ने कहा है कि ऐसे पोस्ट वॉट्सऐप और अन्य दूसरे माध्यमों से सामाजिक सौहार्द्रता और भाईचारे को नुकसान पहुंचाने के लिए फैलाए जा रहे हैं.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi addresses BJP party workers after Karnataka Assembly election results 2018, in New Delhi, on Tuesday. (PTI Photo) (PTI5_15_2018_000222B)

क्या 2019 में विपक्ष एकजुट होकर मोदी को रोक पाएगा?

आम तौर पर उपचुनाव या स्थानीय चुनाव परिणाम को प्रधानमंत्री से जोड़कर नहीं देखा जाता, लेकिन जब प्रधानमंत्री हर छोटे-बड़े चुनाव में पार्टी का स्टार प्रचारक बन जाएं तो ऐसे में हार को उनकी छवि और गिरती साख से अलग कर पाना मुश्किल हो जाता है.

2014 के बाद हुए 27 लोकसभा उपचुनाव में एनडीए एक भी नई सीट जीत नहीं पाया

15 राज्यों में लोकसभा की 27 सीटों पर उपचुनाव हुए हैं. इन 27 में से 16 सीटों पर राजग का क़ब्ज़ा था लेकिन उपचुनावों के बाद इसमें से 9 सीटों पर भाजपा और उनके सहयोगी दलों को हार मिली है, जबकि सात सीट बचाए रखने में वो कामयाब रहे हैं.

Mumbai: Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis addresses the media at BJP office, Nariman Point, in Mumbai on Thursday, May 31, 2018. (PTI Photo)(PTI5_31_2018_000200B)

भाजपा को ईवीएम में गड़बड़ी का नुकसान उपचुनाव में उठाना पड़ा: देवेंद्र फड़णवीस

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने भंडारा-गोंदिया उपचुनाव में मिली हार पर कहा कि यदि चुनाव मानसून में होता तो भाजपा ज़रूर जीतती. उधर, एक भाजपा विधायक ने उत्तर प्रदेश में मिली हार के लिए योगी सरकार, उनके मंत्रियों और नौकरशाही को ज़िम्मेदार ठहराया है.

जन गण मन की बात, एपिसोड 252: उपचुनाव परिणाम और हवा होती मोदी लहर

जन गण मन की बात की 252वीं कड़ी में विनोद दुआ उपचुनाव परिणाम और भाजपा की चुनावी बयानबाज़ी में आए बदलाव पर चर्चा कर रहे हैं.

Lucknow: Samajwadi Party (SP) workers celebrate their party success in Uttar Pradesh by-elections, outside their party office in Lucknow on Thursday, May 31, 2018. (PTI Photo/Nand kumar)(PTI5_31_2018_000089B)

उपचुनाव परिणाम: गोरखपुर-फूलपुर के बाद भाजपा ने कैराना में गठबंधन के आगे ​टेके घुटने

चार लोकसभा और 11 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे भाजपा के लिए सुखद नहीं रहे. विपक्ष ने 11 सीटें जीती, भाजपा और उसके सहयोगी तीन सीटों तक ही सीमित.

उपचुनाव परिणाम: लगता है जिन्ना के भूत पर गन्ना ​किसानों की पीड़ा भारी पड़ गई

वीडियो: विभिन्न राज्यों की चार लोकसभा और 11 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों का विश्लेषण कर रहे हैं द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु, अजय आशीर्वाद और कबीर अग्रवाल.