कोरोना वैक्सीन

सरकारी पैनल ने कोविड-19 रोधी टीके से जुड़ी पहली मौत की पुष्टि की

कोविड-19 का टीका लगाए जाने के बाद प्रतिकूल प्रभावों (एईएफआई) का अध्ययन करने वाली राष्ट्रीय समिति ने माना है कि 68 साल के एक व्यक्ति को बीते मार्च में को टीका लगाया गया था, जिसके बाद गंभीर एलर्जी (एनाफिलैक्सिस) होने से उनकी मृत्यु हो गई. हालांकि समिति ने कहा कि कोविड-19 से मौत के ज्ञात जोख़िम की तुलना में टीकाकरण से मृत्यु का जोख़िम नगण्य है.

गुजरात: लोक गायिका ने घर पर लगवाया कोविड-19 का टीका, जांच के आदेश

गुजरात की लोक गायिका गीता रबारी सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा की थी, जहां वे अपने घर पर कथित रूप से कोविड-19 टीका लगवाते हुए दिख रही हैं. इस पर विवाद होने के बाद तस्वीर सोशल मीडिया से हटा ली गई है. प्रशासन ने संबंधित महिला स्वास्थ्यकर्मी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

सिर्फ़ 56 फ़ीसदी स्वास्थ्यकर्मियों और 47 फ़ीसदी फ्रंटलाइन वर्कर्स का पूर्ण टीकाकरण हुआः सरकार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि 82 फ़ीसदी स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना वायरस टीके की सिर्फ़ एक डोज़ लगी है, जबकि 56 फ़ीसदी को वैक्सीन की दोनों डोज़ लग चुकी है. इसी तरह 85 फ़ीसदी फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीके की एक, जबकि 47 फ़ीसदी को दोनों डोज़ लगी है.

अमेरिका के एफडीए ने भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल की मंज़ूरी नहीं दी

अमेरिकी खाद्य एवं दवा नियामक (एफडीए) ने भारत बायोटेक के अमेरिकी साझेदार ओक्यूजेन इंक को सलाह दी है कि वह भारतीय वैक्सीन के इस्तेमाल की मंज़ूरी हासिल करने के लिए अतिरिक्त आंकड़ों के साथ जैविक लाइसेंस आवेदन (बीएलए) पाने के लिए अनुरोध करे. ऐसे में कोवैक्सीन को अमेरिकी मंज़ूरी मिलने में थोड़ा और वक़्त लग सकता है.

वैक्सीन वितरण में असमानता: निजी क्षेत्र के लिए निर्धारित कोटे का 50 फीसदी नौ अस्पतालों ने खरीदा

मई महीने में केंद्र द्वारा वैक्सीन पॉलिसी में संशोधन किए जाने और इसे बाज़ार के लिए खोलने के बाद वैक्सीन की कुल 1.20 करोड़ खुराक में से 60.57 लाख नौ निजी अस्पतालों ने खरीदी हैं. बाकी पचास फीसदी टीके भी अधिकतर शहरों में बने 300 अस्पतालों द्वारा खरीदे गए हैं.

आंकड़े दिखाते हैं कि सरकार को जितने टीके मिले, उससे 6.95 करोड़ अधिक वितरित किए: आरटीआई कार्यकर्ता

आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश बत्रा ने अपने आवेदनों पर आए केंद्र के जवाबों और सरकार द्वारा सार्वजनिक की गई जानकारी की तुलना करते हुए सवाल किया है कि यह कैसे संभव है कि 2 मई तक केंद्र ने केवल 16.23 करोड़ टीके प्राप्त किए थे, पर तब उसके द्वारा 23.18 करोड़ टीकों की खुराक वितरित या आपूर्ति की बात कही गई थी.

महामारी से मानव जाति अस्तित्व के संकट से गुज़र रही, टीके की कमी से हर कोई प्रभावित: अदालत

रूस में निर्मित कोविड-19 टीके स्पुतनिक वी से जुड़े मुद्दों पर सुनवाई कर रहे दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि इस असाधारण समय में नियमावली से गुज़रते हुए मानव जीवन को बचाना कठिन हो जाएगा. इस समय लचीलापन और तत्परता मंत्र होना चाहिए.

टीका उत्पादन क्षमता का इस्तेमाल न करने पर कोर्ट ने कहा- कुछ लोगों पर हत्या का केस दर्ज हो

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा कि टीकों की कमी से जान गंवाने वालों को आप क्या जवाब देंगे? अदालत ने केंद्र से कहा कि टीकों के निर्माण के लिए बहुत सारी गुंजाइश और बुनियादी ढांचा उपलब्ध है. इस्तेमाल न की गई इस क्षमता का उपयोग करना होगा. आपके अधिकारियों को इसका एहसास नहीं हो रहा है.

कोविड: सरकारी वादों के बावजूद निकट भविष्य में वैक्सीन की किल्लत का समाधान नज़र नहीं आता

केंद्र ने अगस्त से दिसंबर के बीच 2.2 अरब टीके उपलब्ध करवाने की बात कही है, पर यह नहीं बताया कि इनमें से कितने देश में बनेंगे और कितने आयात होंगे. इस बात में कोई संदेह नहीं है कि टीकों की मौजूदा कमी नवंबर 2020 से जनवरी 2021 के बीच उत्पादकों को वैक्सीन का प्री-ऑर्डर देने में मोदी सरकार की नाकामी का नतीजा है.

टीकाकरण में कमीशन का आरोप: भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या व उनके विधायक चाचा की गिरफ़्तारी की मांग

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल का एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें एक अस्पतालकर्मी कहता है कि अस्पताल को 700 रुपये का भुगतान भाजपा विधायक रवि सुब्रमण्या को करना होता है, जिन्होंने वैक्सीन का प्रबंध किया है. बीते दिनों बेंगलुरु सिटी पुलिस ने कथित कोविड-19 बेड बुकिंग घोटाले के संबंध में बोम्मानहल्ली से भाजपा विधायक सतीश रेड्डी के सहयोगी बाबू को गिरफ़्तार किया है.

कोरोना की दूसरी लहर के लिए पीएम ज़िम्मेदार, टीकाकरण की गति यही रही तो और लहरें आएंगी: राहुल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि आप प्रधानमंत्री है, आप ज़िम्मेदारी किसी और पर नहीं डाल सकते हैं. लब्बोलुआब यह है कि आप ज़िम्मेदार हैं. अब तक भारत की केवल 3 प्रतिशत आबादी का ही टीकाकरण क्यों किया गया है? प्रधानमंत्री ने टीकों का निर्यात किया, क्योंकि वह यह समझ ही नहीं पाए कि हो क्या रहा है. इस बीच आम आदमी पार्टी ने कहा कि भारत बायोटेक और सीरम इंस्टिट्यूट को फायदा पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार टीकों की ‘कृत्रिम कमी’ पैदा कर रही है.

कोविड-19: कर्नाटक हाईकोर्ट ने टीकाकरण में असमानता पर केंद्र और राज्य सरकार से जांच करने को कहा

कर्नाटक सरकार ने कोवैक्सीन और कोविशील्ड की सप्लाई की कमी की वजह से 14 मई को 18 से 44 आयुवर्ग के लोगों के लिए टीकाकरण अभियान रोक दिया था. राज्य इस आयुवर्ग के सिर्फ़ फ्रंटलाइन वर्कर्स को ही कोविशील्ड वैक्सीन की पहली खुराक उपलब्ध करा रहा है, जबकि निजी अस्पतालों में 18 से 44 आयुवर्ग के लोगों के लिए पहली खुराक उपलब्ध है.

टीके की कमी के बीच रोज़ाना होने वाला टीकाकरण 35 प्रतिशत तक कम हुआ: रिपोर्ट

क्रिसिल के रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में टीके की उपलब्धता की राष्ट्रीय स्तर पर कमी के कारण 23 मई तक रोज़ाना होने वाला टीकाकरण प्रति दस लाख की आबादी पर कम होकर 980 रह गया है, जबकि उससे एक हफ़्ते पहले यह प्रति दस लाख की आबादी पर 1,455 था. यह 35 फ़ीसदी से ज़्यादा की कमी है. वैश्विक स्तर पर टीकाकरण का औसत प्रति दस लाख की आबादी पर 3,564 है.

अमीर-ग़रीब देश का भेद मिटा कोविड टीकों का वितरण नैतिक रूप से ज़रूरी: दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति साइरिल रामाफोसा ने कहा ​है कि संपन्न देशों में लाखों लोगों का टीकाकरण हो चुका है, जबकि ग़रीब देशों में अरबों लोग टीके का इंतज़ार कर रहे हैं. महामारी के ख़ात्मे के लिए प्रभावी और समावेशी वैश्विक टीकाकरण बहुत ज़रूरी है. आप तब तक सुरक्षित रहने की उम्मीद नहीं कर सकते, जब तक कि हम सभी सुरक्षित न हों.

कोविड-19: टीकों की कमी के बीच विदेशी कंपनियों का राज्यों को वैक्सीन आपूर्ति से इनकार

राज्यों को स्वतंत्र तौर पर विदेशी कंपनियों से कोविड के टीकों की ख़रीद की अनुमति मिलने के बाद मॉडर्ना और फाइजर ने पंजाब और दिल्ली सरकारों के प्रस्ताव यह कहकर नामंज़ूर कर दिए कि वे सिर्फ केंद्र सरकार से क़रार करेंगी. इसके बाद केंद्र की ओर से कहा गया है कि वे वैक्सीन विनिर्माताओं से बात करेगा.