कोरोना संक्रमण

कोविड संक्रमण के चलते जान गंवाने वाले यूपी के शिक्षक विजय बहादुर, केशव प्रसाद और रामभजन निषाद. (बाएं से दाएं)

उत्तर प्रदेश: क्या पंचायत चुनाव कोविड संक्रमण का सुपरस्प्रेडर साबित हुआ है

उत्तर प्रदेश के अलग-अलग ज़िलों से लगातार पंचायत चुनाव के प्रशिक्षण, मतदान और मतगणना में शामिल रहे शिक्षकों, कर्मचारियों, शिक्षा मित्रों आदि के कोविड संक्रमित होने और जान गंवाने की ख़बरें आ रही हैं. अधिकतर के परिजन अपने क़रीबियों को खोने का ज़िम्मेदार पंचायत चुनाव की ड्यूटी को ही मान रहे हैं.

संगीता और शशांक. (फोटो: स्पेशल अरेंजमेंट)

यूपी पंचायत चुनाव: ‘सरकार और राज्य चुनाव आयोग मेरी पत्नी और बच्चों की मौत के ज़िम्मेदार हैं’

गर्भवती होने के बावजूद श्रावस्ती ज़िले की सहायक अध्यापक संगीता सिंह की पंचायत चुनाव में ड्यूटी लगाई गई, जिसके प्रशिक्षण के दौरान वे कोरोना संक्रमित हो गईं. इस बीच उनके ड्यूटी हटवाने के तमाम प्रयास विफल रहे और उनकी हालत बिगड़ती गई. 17 अप्रैल को संगीता ने बाराबंकी के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया.

ग्राम पंचायत चुनाव में वोट देने के लिए गोरखपुर के एक मतदान केंद्र पर खड़े मतदाता. (फोटो: पीटीआई)

यूपी पंचायत चुनाव: सुप्रीम कोर्ट का मतगणना पर रोक लगाने से इनकार

कोविड संक्रमण के प्रकोप के बीच उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की मतगणना रोकने से इनकार करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि पूरे राज्य में इस दौरान सख़्त कर्फ्यू रहेगा, जो मंगलवार सुबह तक लागू होगा. साथ ही सरकारी अधिकारियों, उम्मीदवारों और उनके एजेंट को मतगणना केंद्र में प्रवेश से पहले कोविड की आरटी-पीसीआर जांच में नेगेटिव होने का प्रमाण दिखाना होगा.

पंचायत चुनाव के दौरान लखनऊ के एक केंद्र पर बैलेट ले जाते कर्मचारी. (फोटो: पीटीआई)

यूपी पंचायत चुनाव: शिक्षकों और कर्मचारियों के दो बड़े संगठनों ने किया मतगणना का बहिष्कार

उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ और कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी एवं पेंशनर्स अधिकार मंच ने राज्य निर्वाचन आयोग पर पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को कोरोना महामारी से बचाने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए दो मई को होने वाली मतगणना का बहिष्कार कर दिया है.

यूपी के रामपुर में पंचायत चुनाव के दौरान एक केंद्र पर मतदाता. (फोटो: पीटीआई)

यूपी पंचायत चुनाव: शिक्षक संघ ने कहा- चुनाव ड्यूटी के बाद कोविड से 706 कर्मचारियों की जान गई

उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्य चुनाव आयोग और बेसिक शिक्षा मंत्री को लिखे पत्र में बताया है कि पंचायत चुनाव ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमित हुए 706 प्राथमिक शिक्षकों और बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की जान गई है. संघ ने मतगणना टालने की मांग की है.

केसर सिंह गंगवार. (फोटो साभार: फेसबुक)

उत्तर प्रदेश में तीसरे भाजपा विधायक की कोविड-19 से मौत

उत्तर प्रदेश के बरेली ज़िले के नवाबगंज सीट से भाजपा विधायक केसर सिंह गंगवार के निधन के बाद उनकी मौत पर सवाल उठने लगे हैं. कथित तौर पर उनके द्वारा लिखा एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. पत्र में उन्होंने अपनी मौत से दो दिन पहले ही स्वास्थ्य मंत्री को चिट्ठी लिखकर अपने लिए मैक्स अस्पताल में बेड की मांग की थी. हालांकि उन्हें वहां जगह नहीं मिल पाई. बाद में बरेली प्रशासन ने उन्हें नोएडा के यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया था.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

कोविन पोर्टल पंजीकरण के लिए दस्तावेज़ न होने पर किसी क़ैदी को टीके से वंचित नहीं कर सकते: कोर्ट

ओडिशा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह सुनिश्चित करे कि किसी भी क़ैदी को इस आधार पर कोविड टीकाकरण से वंचित न रखा जाए कि वह कोविन पोर्टल पर पहचान संबंधी दस्तावेज़ों के अभाव में ख़ुद को पंजीकृत नहीं कर सका. अदालत ने कहा ऐसे क़ैदियों को टीका लगाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं होनी चाहिए.

मथुरा के एक केंद्र पर पंचायत चुनाव के लिए बैलेट बॉक्स आदि लेने पहुंचे पोलिंग एजेंट. (फोटो: पीटीआई)

यूपी: पंचायत चुनाव में संक्रमित कर्मचारियों की मौत पर कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को नोटिस भेजा

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव में ड्यूटी पर रहे कर्मचारियों की कोरोना संक्रमण से मौत की ख़बरों पर संज्ञान लेते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग की आलोचना की और पूछा कि महामारी संबंधी नियमों का पालन करवाने में विफल होने पर क्यों उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए.

ग्राम पंचायत चुनाव में वोट देने के लिए गोरखपुर के एक मतदान केंद्र पर खड़े मतदाता. (फोटो: पीटीआई)

गोरखपुर: पंचायत चुनाव में ड्यूटी के बाद 20 प्राथमिक शिक्षकों की कोविड से मौत

पंचायत चुनाव में ड्यूटी के बाद बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित हो रहे शिक्षकों की स्थिति के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ की गोरखपुर इकाई ने ज़िला प्रशासन से मांग की है कि मतगणना में जिन प्राथमिक शिक्षकों की ड्यूटी लगी है, उनकी आरटी-पीसीआर जांच हो और उन्हें पीपीई किट दिए जाएं.

(फोटो: पीटीआई)

यूपी: क्या महामारी के बीच पंचायत चुनाव करवाने की ज़िद सरकारी कर्मचारियों पर भारी पड़ रही है

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के तीन चरण बीतने के बाद चुनावी ड्यूटी करने वाले कर्मचारी बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित हुए हैं. ख़बरों के अनुसार, चुनाव में ड्यूटी कर चुके 135 शिक्षक, शिक्षा मित्र और अनुदेशक कोविड संक्रमण के चलते जान गंवा चुके हैं, वहीं अन्य कई विभागों के कर्मचारी भी इस संक्रमण से जूझ रहे हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19: यूपी के भाजपा विधायक सुरेश श्रीवास्तव की मौत के तीसरे दिन उनकी पत्नी का भी निधन

उत्तर प्रदेश में भाजपा के लखनऊ पश्चिम क्षेत्र के विधायक सुरेश श्रीवास्तव का निधन बीते 23 अप्रैल को कोरोना वायरस संक्रमण से हो गया था. उनकी पत्नी मालती श्रीवास्तव भी संक्रमित थीं, उनका इलाज लखनऊ के संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में चल रहा था. 23 अप्रैल की सुबह ही प्रदेश के औरैया जिले के सदर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक रमेश चंद्र दिवाकर ने भी कोरोना वायरस संक्रमण के चलते दम तोड़ दिया था.

योगी आदित्यनाथ. (फोटो साभार: फेसबुक/MYogiAdityanath)

यूपी में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं, अफ़वाह फैलाने वालों पर एनएसए के तहत हो कार्रवाई: योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा कि प्रदेश के किसी भी कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है. समस्या कालाबाज़ारी और जमाखोरी की है, जिससे सख़्ती से निपटा जाएगा. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य सरकार की कोविड प्रबंधन की तैयारी पहले से बेहतर है.

कलावती भूरिया. (फोटो साभार: सोशल मीडिया)

मध्य प्रदेश: कोविड संक्रमित कांग्रेस विधायक कलावती भूरिया का निधन

राज्य के अलीराजपुर ज़िले के जोबट क्षेत्र की 49 वर्षीय विधायक कलावती भूरिया कोरोना संक्रमित होने के बाद से इंदौर के एक अस्पताल में भर्ती थीं. इससे पहले शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के दो भाजपा विधायकों का भी कोरोना संक्रमण के चलते निधन हो गया था.

योगी आदित्यनाथ. (फोटो साभार: फेसबुक/MYogiAdityanath)

उत्तर प्रदेश: विरोध के बाद योगी सरकार ने मरीज़ों को भर्ती करने के नियम में किया बदलाव

उत्तर प्रदेश के निजी कोविड-19 अस्पतालों में मरीज़ों की भर्ती उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर हो सकेगी, जिसके बाद अस्पताल को इसकी सूचना फ़ौरन सरकार के पोर्टल को देनी होगी. हालांकि सरकारी अस्पतालों में भर्ती के लिए इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर द्वारा रेफर किए जाने का नियम लागू रहेगा.

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कोरोना वायरस ने कैसे बदली सेक्स वर्कर्स की ज़िंदगी

वीडियो: कोरोना महामारी आ जाने से देश में कई व्यापार ठप हो गए हैं. भारत में सेक्स-वर्क ग़ैरक़ानूनी नहीं है, लेकिन कोरोना वायरस ने इसे लगभग ख़त्म कर दिया है, जिसके चलते दिल्ली के जीबी रोड की सेक्स वर्कर काफ़ी परेशान हैं और वो दिल्ली सरकार से मांग कर रही हैं कि अगर इसके अलावा भी कोई काम मिले तो वो करने को तैयार हैं.