गौतम नवलखा

गौतम नवलखा (फोटो: यूट्यूब)

एलगार परिषद: सुप्रीम कोर्ट ने कार्यकर्ता गौतम नवलखा की ज़मानत याचिका ख़रिज की

गौतम नवलखा ने मांग की थी कि चार्जशीट दायर करने की समयमीमा में साल 2018 में उनकी 34 दिनों की ग़ैर क़ानूनी हिरासत को भी शामिल किया जाना चाहिए. हालांकि कोर्ट ने इससे इनकार कर दिया.

गौतम नवलखा (फोटो: यूट्यूब)

एलगार परिषदः बॉम्बे हाईकोर्ट ने नवलखा की डिफॉल्ट ज़मानत याचिका ख़ारिज की

एनआईए अदालत ने जुलाई 2020 में एलगार परिषद मामले में आरोपी गौतम नवलखा की डिफॉल्ट ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी थी, जिसे चुनौती देते हुए उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में आपराधिक अपील दायर की थी.

गौतम नवलखा (फोटो: यूट्यूब)

एल्गार परिषद: नवलखा, बाबू और भारद्वाज ने कहा, उन्हें भेजी गईं किताबें जेल प्रशासन लौटा दे रहा है

एल्गार परिषद मामले में जेल में बंद कार्यकर्ताओं गौतम नवलखा, हेनी बाबू और सुधा भारद्वाज ने कहा है कि पिछले कई महीने से परिवार द्वारा भेजी जा रहीं किताबें उन्हें नहीं मिल रही हैं. हालांकि जेल प्रशासन ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है.

गौतम नवलखा. (फोटो साभार: विकिपीडिया)

गौतम नवलखा का नया चश्मा वापस करने पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने जेल अधिकारियों को लगाई फटकार

भीमा-कोरेगांव मामले में गिरफ़्तार मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा का चश्मा महाराष्ट्र की तलोजा जेल से चोरी हो गया था. उनके परिवार ने डाक के माध्यम से नया चश्मा भेजा था, जिसे जेल अधिकारियों ने वापस कर दिया था.

गौतम नवलखा (फोटो: यूट्यूब)

महाराष्ट्र: लगभग दृष्टिहीन हो चुके गौतम नवलखा को जेल अधिकारियों ने चश्मा देने से इनकार किया

मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा को इस साल अप्रैल में कथित तौर पर भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले से जुड़े होने के संबंध में गिरफ़्तार किया गया था. उनकी पार्टनर का कहना है कि डाक के माध्यम से उन्होंने महाराष्ट्र की तलोजा जेल में उनका चश्मा भेजा था, लेकिन जेल अधिकारियों ने उसे वापस लौटा दिया.

सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े. (फोटो: पीटीआई)

एल्गार परिषद मामला: एनआईए का दावा, आरोपी ‘दलित मिलिटेंसी’ शुरू करने की कोशिश कर रहे थे

एल्गार परिषद मामले में दायर तीसरी चार्जशीट में एनआईए ने कहा है कि आरोपियों ने ‘जंगलों में जाकर हथियार चलाने की ट्रेनिंग’ ली थी. अपने आरोपपत्र में एनआईए ने पुणे पुलिस द्वारा ‘प्रधानमंत्री की हत्या की साज़िश रचने’ के दावे को तवज्जो नहीं दी है.

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

भीमा-कोरेगांव: आठ लोगों के ख़िलाफ़ आरोप-पत्र दाख़िल, स्टेन स्वामी न्यायिक हिरासत में भेजे गए

एनआईए ने भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में सामाजिक कार्यकर्ताओं स्टेन स्वामी, गौतम नवलखा, आनंद तेलतुंबड़े समेत आठ लोगों के ख़िलाफ़ आरोप-पत्र दाख़िल किया है, उनमें मिलिंद तेलतुंबड़े को छोड़कर सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं.

गौतम नवलखा (फोटो: यूट्यूब)

भीमा कोरेगांव: विशेष एनआईए अदालत ने गौतम नवलखा को 22 जुलाई तक हिरासत में भेजा

भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ़्तार गौतम नवलखा ने यह कहते हुए ज़मानत याचिका दायर की थी कि वे 90 से अधिक दिनों से हिरासत में हैं लेकिन उनके ख़िलाफ़ आरोपपत्र दायर नहीं किया गया है. हालांकि अदालत ने इसे ख़ारिज कर दिया.

गौतम नवलखा. (फोटो साभार: विकिपीडिया)

भीमा-कोरेगांव: नवलखा मामले में एनआईए को रिकॉर्ड पेश करने संबंधी दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश निरस्त

भीमा कोरेगांव हिंसा में आरोपी सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा दिल्ली से मुंबई ले जाने के संबंध में दिल्ली हाईकोर्ट ने एनआईए को दस्तावेज़ पेश करने को कहा था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह मामला हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता. शीर्ष अदालत ने एनआईए के ख़िलाफ़ हाईकोर्ट की टिप्पणी को भी रिकॉर्ड से हटा दिया है.

गौतम नवलखा (फोटो: यूट्यूब)

गौतम नवलखा की साथी का आरोप, जेल में 35 क़ैदियों के साथ एक कमरे में क्वारंटीन किया गया

भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ़्तार 67 साल के सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा मुंबई की तलोजा जेल में बंद हैं. उनकी साथी ने एक चिट्ठी लिखकर बताया है कि कोरोना संक्रमण के दौर में जेल में अस्थाई क्वारंटीन के छह कमरों में 350 क़ैदियों को रखा गया है.

वरवर राव. (फोटो साभार: फेसबुक/@VaravaraRao)

सामाजिक कार्यकर्ता जितने दिन जेल में रहेंगे, भारतीय जनतंत्र की आयु उसी अनुपात में घटती जाएगी

जेल में बंद वरवरा राव शुक्रवार शाम बेहोश हो गए, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. महामारी के दौर में भी अदालत ने उन्हें वे रियायत देने की ज़रूरत नहीं समझी है, जो अन्य बुज़ुर्ग क़ैदियों को दी जाती हैं.

तेलुगू कवि वरवरा राव. (फोटो: पीटीआई)

मुंबई जेल में बेहोश होने के बाद कार्यकर्ता और कवि वरवरा राव अस्पताल में भर्ती

भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ्तार राजनीतिक कार्यकर्ता और कवि वरवरा राव अगस्त, 2018 से जेल में बंद हैं. मामले की एक अन्य आरोपी सुधा भारद्वाज की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है.

गौतम नवलखा (फोटो: यूट्यूब)

एनआईए ने गौतम नवलखा को मुंबई ले जाने में जल्दबाज़ी कीः दिल्ली हाईकोर्ट

सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा पर 31 दिसंबर, 2017 को पुणे में आयोजित एलगार परिषद की बैठक में भड़काऊ भाषण देने के आरोप हैं, जिसके बाद पुणे के भीमा कोरेगांव में हिंसा भड़की थी.

सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े. (फोटो: पीटीआई)

भीमा-कोरेगांव: तेलतुम्बड़े की अंतरिम जमानत याचिका खारिज, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए

70 वर्षीय दलित अधिकार कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े ने जेल में कोविड-19 से संक्रमित होने का खतरा बताते हुए जमानत अर्जी दी थी. एनआईए ने स्वीकार किया कि उनका एक सहायक सब इंस्पेक्टर कोविड-19 से संक्रमित पाया गया है. इसके बाद भी अदालत ने उनकी अंतरिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी.

Pune: Activist Anand Teltumbde (black pullover) leaves after Pune District and Sessions Court released him in Bhima Koregaon case, in Pune, February 2, 2019. (PTI Photo) (PTI2_2_2019_000195B)

25 अप्रैल तक हिरासत में रहेंगे तेलतुम्बड़े, एनआईए ने कहा- जांच अभी पूरी नहीं हुई

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जाने-माने कार्यकर्ता और लेखक आनंद तेलतुम्बड़े ने 14 अप्रैल को राष्ट्रीय जांच एजेंसी के समक्ष आत्मसमर्पण किया था जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था.