चीनी घुसपैठ

सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया में भारत ने किसी भी इलाके से दावा नहीं छोड़ा: रक्षा मंत्रालय

सरकार का यह बयान कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार ने ‘भारत माता का एक टुकड़ा’ चीन को दे दिया. नौ माह तक चले गतिरोध के बाद भारत और चीन की सेनाओं के बीच पैंगोंग झील के उत्तरी एवं दक्षिणी तटों से सैनिकों को हटाने की सहमति बनी है.

New Delhi: Minister of State for External Affairs VK Singh addresses a press conference on Pravasi Bharatiya Divas, in New Delhi, Friday, Jan. 11, 2019. (PTI Photo/Vijay Verma) (PTI1_11_2019_000050B)

भारत ने चीन से अधिक बार एलएसी का अतिक्रमण किया: केंद्रीय मंत्री वीके सिंह

केंद्रीय मंत्री और पूर्व सेना प्रमुख वीके सिंह ने कहा कि आप में से किसी को भी पता नहीं है कि हमने कितनी बार अतिक्रमण किया. चीनी मीडिया इसे कवर नहीं करता है. मैं आपको आश्वस्त करता हूं, अगर चीन ने 10 बार अतिक्रमण किया है, तो हमने कम से कम 50 बार किया होगा.

New Delhi: External Affairs Minister S Jaishankar addresses during The Growth Net Summit 7.0, in New Delhi, Thursday, June 06, 2019. (PTI Photo/Kamal Kishore)(PTI6_6_2019_000031B) *** Local Caption ***

चीन से लगी सीमा के कुछ हिस्सों में सैनिकों के पीछे हटने पर बनी सहमति का असर नहीं: विदेश मंत्री

भारत और चीन के बीच बीते साल पांच मई से पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध चल रहा है. गतिरोध ख़त्म करने लिए दोनों देशों के बीच कई दौर की सैन्य और राजनयिक स्तर की वार्ताएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकल पाया है.

अरुणाचल प्रदेश: छात्र संगठन ने चीनी गांव को लेकर में प्रदर्शन किया, केंद्र पर निशाना साधा

हाल ही में चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के विवादित क्षेत्र में एक नया गांव बसाने का मामला सामने आया है. यह गांव प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी ज़िले में त्सारी नदी के तट पर स्थित एक ऐसे क्षेत्र में है, जो भारत और चीन के बीच लंबे समय से विवादित है. छात्र संगठन ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार राज्य को विदेशी घुसपैठ से बचाने में विफल रही है.

अरुणाचल प्रदेश में चीनी गांव के ख़िलाफ़ भाजपा ने प्रदर्शन किया, चीन के राष्ट्रपति का पुतला फूंका

चीन द्वारा क़रीब सवा साल में अरुणाचल प्रदेश के विवादित क्षेत्र में एक नया गांव बसाने का मामला हाल ही में सामने आया है. यह गांव प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी ज़िले में त्सारी नदी के तट पर स्थित एक ऐसे क्षेत्र में है, जो भारत और चीन के बीच लंबे समय से विवादित है. यह भारतीय क्षेत्र 1959 से चीनी नियंत्रण में है.

अरुणाचल प्रदेश में गांव बनाने पर चीन ने कहा- अपने क्षेत्र में निर्माण सामान्य गतिविधि

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने एक मीडिया ब्रीफिंग कहा कि जंगनान क्षेत्र (दक्षिण तिब्बत) पर चीन की स्थिति स्पष्ट है. हमने कभी भी तथाकथित अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं दी. हमारे अपने क्षेत्र में विकास और निर्माण गतिविधियां होना सामान्य है.

अरुणाचल प्रदेश में चीनी गांव पर विवाद के बीच विदेश मंत्रालय ने माना- निर्माण की जानकारी है

एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के विवादित क्षेत्र में क़रीब सवा साल में एक गांव बसा दिया है. भारत और चीन के बीच यह क्षेत्र 1959 से विवादित है, लेकिन तब यहां चीन की एक सिर्फ़ मिलिट्री पोस्ट थी. मामला सामने आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा है.

भाजपा सांसद के अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ के दावे पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर चल रहे गतिरोध के बीच कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि भाजपा सांसद तापिर गाव ने एक साक्षात्कार में अरुणाचल प्रदेश में 50-60 किलोमीटर क्षेत्र पर चीन की सेना के कब्ज़े का दावा किया है जिस पर सरकार को तत्काल स्पष्टीकरण देना चाहिए.

साल 2016 से 2018 के बीच चीनी सेना ने 1,025 बार सीमा पर घुसपैठ किया: सरकार

लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के जवानों के बीच हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिकों के शहीद होने पर दोनों देशों के बीच तल्ख़ी आ गई है. भारत में इसे लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज़ हो गई है.

2016-18 के बीच चीन ने 1000 से अधिक बार किया सीमा का उल्लंघन

रक्षा राज्यमंत्री श्रीपद नाइक ने लोकसभा में बताया कि 2016 में चीन की सेना ने भारतीय सीमा का 273 बार उल्लंघन किया, जो 2017 में बढ़कर 423 हो गया. 2018 में ऐसे मामलों की संख्या 326 थी.

लद्दाख में भारतीय और चीनी सेना के बीच उत्पन्न तनाव हल किया गया: भारतीय सेना

बुधवार को लद्दाख की पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी. भारतीय सेना के अनुसार प्रतिनिधि स्तर की बातचीत के बाद इस मसले को सुलझा लिया गया है.

सैटेलाइट तस्वीरों ने अरुणाचल के नेताओं के चीनी घुसपैठ के दावों की पुष्टि की

इस साल जुलाई में भाजपा की अरुणाचल प्रदेश इकाई के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद तापिर गाओ और नेशनलिस्ट पीपुल्स पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गिशो कबाक ने दावा किया था कि चीनी सैनिकों ने पिछले महीने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की थी और पुल बनाया था. हालांकि, भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश के बिशिंग गांव में चीनी सेना द्वारा दो किमी लंबी सड़क बनाने के दावे को खारिज कर दिया था.