चीनी सैनिक

पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग झील इलाके से पीछे हटते भारतीय और चीनी सैनिक और उनके टैंक. (फोटो: पीटीआई)

भारत-चीन ने साझा बयान में कहा- पैंगोंग झील क्षेत्र से सैन्य वापसी की प्रक्रिया पूरी

भारतीय सैनिकों द्वारा वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी घुसपैठ का पता लगाए जाने के बाद पूर्वी लद्दाख में पिछले साल मई की शुरुआत से ही भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच कई बार झड़प हुई थीं.

गलवान घाटी की सैटेलाइट तस्वीर जहां गलवान नदी श्योक नदी से मिलती है.  (फोटो: द वायर/गूगल मैप्स)

चीन ने पहली बार माना, गलवान घाटी में मारे गए थे उसके चार सैन्यकर्मी

बीते साल 15 जून को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीन के साथ हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे. झड़प में चीनी सेना को नुकसान होने की बात भी कही गई थी, लेकिन चीन ने आधिकारिक तौर पर शुक्रवार से पहले ये स्वीकार नहीं किया था कि इस घटना में उसके भी सैनिक मारे गए थे.

(फोटो: रॉयटर्स)

सिक्किम के नाकू ला में पिछले सप्ताह भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने आए

नाकू ला वही स्थान है जहां पर पिछले साल नौ मई को भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई थी. इसके बाद पूर्वी लद्दाख के पेंगोंग झील इलाके में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई और तब से अब तक क़रीब नौ महीने से वहां सैन्य गतिरोध जारी है.

20वें शंघाई सहयोग सम्मेलन को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

शंघाई सहयोग सम्मेलन में नरेंद्र मोदी ने कहा, एक-दूसरे की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करें सभी राष्ट्र

भारत-चीन के बीच सीमा पर हुए तनाव के बाद शंघाई सहयोग संगठन के वर्चुअल सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पहली बार आमने-सामने थे. सम्मेलन की अध्यक्षता रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने की, जहां पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी मौजूद रहे.

(फोटो: रॉयटर्स)

भारत-चीन सीमा विवाद: आठवें दौर की बातचीत के बाद भी नहीं निकला कोई ठोस नतीजा

6 नवंबर को हुई आठवें दौर की वार्ता के बाद भारत और चीन की सेनाओं ने एक संयुक्त बयान में कहा कि दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति को गंभीरता से लागू करने और यह सुनिश्चित करने पर रज़ामंदी हुई है कि सीमा पर तैनात बल संयम बरतें एवं ग़लतफ़हमी से बचें.

सीडीएस जनरल बिपिन रावत (फोटो: पीटीआई)

बड़े संघर्षों में बदल सकती है चीन सीमा पर तनातनी: सीडीएस जनरल रावत

एक डिजिटल सम्मेलन को संबोधित करते हुए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने कहा कि हम वास्तविक नियंत्रण रेखा में कोई बदलाव स्वीकार नहीं करेंगे. शुक्रवार को ही भारत और चीन की सेनाओं के बीच कोर कमांडर स्तर की आठवें दौर की वार्ता हुई.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर. (फोटो: पीटीआई)

गलवान झड़प के बाद भारत-चीन के रिश्ते गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं: एस.जयशंकर

न्यूयॉर्क में हुए एक कार्यक्रम में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बड़ी संख्या में हथियारों से लैस चीनी सैनिकों की मौजूदगी भारत के समक्ष ‘बहुत गंभीर’ सुरक्षा चुनौती है.

(फोटो साभार: फेसबुक)

सरकार और उसकी एजेंसियां मीडिया संस्थानों पर बदले की भावना से कर रहीं कार्रवाई: एडिटर्स गिल्ड

प्रसार भारती ने बीते 15 अक्टूबर को समाचार एजेंसी पीटीआई और यूएनआई का सब्सक्रिप्शन रद्द कर दिया है. सीमा पर हुए गतिरोध के बीच पीटीआई द्वारा जून महीने में भारत में चीन के राजदूत का इंटरव्यू करने पर सार्वजनिक प्रसारणकर्ता प्रसार भारती ने एजेंसी की कवरेज को ‘देशविरोधी’ क़रार देते हुए उसके साथ सभी संबंध तोड़ने की धमकी दी थी.

Press Trust Of India

प्रसार भारती ने पीटीआई के साथ संबंध ख़त्म किए, कहा- घरेलू न्यूज़ एजेंसियों से प्रस्ताव लेंगे

इस साल जून महीने में चीन के साथ सीमा पर हुए गतिरोध के बीच पीटीआई द्वारा भारत में चीन के राजदूत का इंटरव्यू करने पर सार्वजनिक प्रसारणकर्ता प्रसार भारती ने एजेंसी की कवरेज को ‘देशविरोधी’ क़रार देते हुए उसके साथ सभी संबंध तोड़ने की धमकी दी थी.

केंद्रीय सचिवायल का साउथ ब्लॉक. (फोटो साभार: Wikimedia Commons/Matthew T Rader)

चीनी घुसपैठ की रिपोर्ट हटाने के बाद रक्षा मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट से 2017 तक की सभी रिपोर्ट हटाई

रक्षा मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट से जिन मासिक रिपोर्ट को हटाया है उनमें डोकलाम में 2017 के संकट से जुड़े रिपोर्ट शामिल हैं, जो भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच गतिरोध का उल्लेख नहीं करते हैं.

प्रसार भारती बिल्डिंग, चीनी राजदूत सुन वीदोंग और पीटीआई बिल्डिंग. (Wikimedia Commons/ Adbh266, CC BY SA 3.0). Illustration: The wire

पीटीआई कवरेज को ‘देशद्रोही’ बताने वाले प्रसार भारती के पत्र को नहीं मिली थी उसके बोर्ड से मंज़ूरी

जून महीने में चीन के साथ सीमा पर हुए गतिरोध के बीच पीटीआई द्वारा भारत में चीन के राजदूत का इंटरव्यू करने पर सार्वजनिक प्रसारणकर्ता प्रसार भारती ने उसकी कवरेज को देशविरोधी क़रार देते हुए उसके साथ सभी संबंध तोड़ने की धमकी दी थी.

Kullu: Army trucks move along the Manali-Leh highway, amid border tension between India and China, in Kullu district, Wednesday, Sept. 2, 2020. (PTI Photo)(PTI02-09-2020 000063B)

छह महीने में भारत-चीन सीमा पर कोई घुसपैठ न होने के सरकार के दावे में कितनी सच्चाई है?

केंद्र सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि पिछले छह महीने में भारत-चीन सीमा पर घुसपैठ का कोई मामला सामने नहीं आया है. सरकार की आलोचना करते हुए कांग्रेस ने कहा कि यह गलवान घाटी में शहीद हुए भारतीय जवानों की शहादत का अपमान है. चीन से लगी सीमा पर गतिरोध को लेकर सरकार स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.

अरुणाचल प्रदेश के पांच युवक जिन्हें चीन ने वापस सौंपा है. (फोटो: @ProAssam)

चीन ने अरुणाचल प्रदेश से लापता पांच युवकों को वापस सौंपा

पांच सितंबर को अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी ज़िले से पांच युवकों को चीन की सेना द्वारा कथित तौर अपहृत करने का मामला सामने आया था. सेना ने कहा है एक साल में यह तीसरी घटना है और सभी को वापस लाया गया है.

टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के विज़ुअल्स.

चीन के पर्यटकों के लिए पैंगोंग झील खोलने के दावे के साथ चैनल ने दिखाई ‘3 इडियट्स’ की शूटिंग की जगह

3 इडियट्स फिल्म की शूटिंग लद्दाख में होने के बाद पर्यटकों के आकर्षण के लिए पैंगोंग झील के भारतीय हिस्से की ओर एक शूटिंग पॉइंट बनाया गया था. टाइम्स नाउ द्वारा इस जगह के एक पुराने वीडियो को चीन द्वारा उनकी तरफ से पर्यटकों के लिए पैंगोंग झील खोले जाने के दावे के साथ प्रसारित किया गया.

(फोटो: रॉयटर्स)

पीएलए ने अरुणाचल प्रदेश के पांच युवकों के चीन की ओर होने की पुष्टि की: किरण रिजीजू

पांच सितंबर को अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी ज़िले से पांच लोगों को चीन की सेना द्वारा कथित तौर अपहृत करने का मामला सामने आया था. किरण रिजीजू के इस मुद्दे को चीन के सामने उठाए जाने के बाद चीन ने कहा था कि अरुणाचल प्रदेश उसका हिस्सा है और उसने अपने ही नागरिकों का अपहरण नहीं किया है.