छत्तीसगढ़

बदरू के शव को देखकर विलाप करती हुई उनकी पत्नी. (सभी फोटो: सुकन्या शांता)

छत्तीसगढ़: बस्तर के एक सुदूर गांव में इंसाफ की आस में रखा है एक शव

दंतेवाड़ा और बीजापुर ज़िले के पहाड़ी सिरे पर बसे गमपुर के नौजवान बदरू माडवी को बीते साल जन मिलिशिया कमांडर बताते हुए एनकाउंटर करने का दावा किया गया था. बदरू के परिजनों और ग्रामीणों ने इन आरोपों से इनकार करते हुए न्याय की लड़ाई के प्रतीक के तौर पर उनका शव संरक्षित करके रखा हुआ है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

छत्तीसगढ़: बिलासपुर में एल्कोहलयुक्त दवाई के अधिक सेवन से कम से कम नौ युवकों की मौत

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले के कोरमी गांव का मामला. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लॉकडाउन के कारण शराब नहीं मिलने पर एल्कोहलयुक्त होम्योपैथी सीरप को शराब की तरह पीने से गांव के सात युवक गंभीर रूप से बीमार हैं. पुलिस केस दर्ज कर एक होम्योपैथी डॉक्टर से पूछताछ कर रही है.

छत्तीसगढ़ में सुकमा-बीजापुर जिले की सीमा पर नक्सली हमले के बाद जवानों के शवों की तलाश जारी है. (फोटो साभार: एएनआई)

छत्तीसगढ़: नक्सलियों ने बीजापुर से अपहृत पुलिस अधिकारी की हत्या की

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों ने अपहृत पुलिस अधिकारी मुरली ताती के शव के पास एक पर्चा भी रखा था, जिसमें ताती को जन अदालत में सजा दिए जाने की बात कही गई है. बीते 21 अप्रैल को नक्सलियों ने बीजापुर ज़िले के पालनार क्षेत्र से मुरली ताती का अपहरण कर लिया था. पालनार ताती का गृह ग्राम है. वह बस्तर ज़िले के जगदलपुर में तैनात थे.

परिवार के साथ गौतरिया, उन्हें लगी गोलियों के निशान दिखाते हुए. (फोटो स्पेशल अरेंजमेंट)

छत्तीसगढ़: क्या नक्सलवाद से जुड़ी सरकारी योजनाएं एक छलावा बनकर रह गई हैं

विशेष रिपोर्ट: साल 2004 में छत्तीसगढ़ की तत्कालीन रमन सिंह सरकार ने ‘नक्सल पीड़ित पुनर्वास योजना’ शुरू करते हुए नक्सल पीड़ित व्यक्तियों/परिवारों व आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और पुनर्वास की बात कही थी. योजना के पात्र व्यक्तियों का कहना है कि इसकी ज़मीनी हक़ीक़त कागज़ों पर हुए वादों से बिल्कुल अलग है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

छत्तीसगढ़: रायपुर के निजी अस्पताल में लगी आग, कोरोना संक्रमित चार मरीज़ों की मौत

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित राजधानी अस्पताल का मामला. घटना की जांच के ज़िलाधिकारी ने आदेश दे दिए हैं. राहुल गांधी ने सरकार से पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद देने की अपील की.

(फोटो साभारः ट्विटर)

छत्तीसगढ़ः कोविड से जान गंवाने वालों के शव कचरा वाहन से श्मशान ले जाए गए

सोशल मीडिया पर सामने आए राजनांदगांव ज़िले के एक वीडियो में पीपीई किट पहने चार सफाई कर्मचारी कोरोना मृतकों के शव कचरा ढोने वाले वाहन में रख शवदाह गृह ले जाते दिख रहे हैं. राजनांदगांव सीएमएचओ का कहना है कि शव वाहन न होने पर ऐसा करना पड़ा. कचरा वाहन को साफ कर सैनिटाइज़ किया गया था.

Karad: Municipal workers and family members wearing protective suits cremate the body of a person who died of COVID-19 at a crematorium, during the ongoing nationwide lockdown, in Karad, Friday, June 26, 2020. (PTI Photo)(PTI26-06-2020 000179B)

छत्तीसगढ़: कोविड-19 की स्थिति चिंताजनक, मुर्दाघर में शवों का ढेर, जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर

मंगलवार को प्रदेश में एक दिन में रिकॉर्ड 15,121 नए संक्रमित मिले हैं, जिसमें सर्वाधिक रायपुर में हैं. अधिकारियों के अनुसार बीते दो दिनों से रायपुर में प्रति दिन 100 शवों का अंतिम संस्कार किया गया है. इस बीच राजधानी के बीआर आंबेडकर अस्पताल के जूनियर डॉक्टर्स पीपीई किट, दस्तानों, मास्क आदि सुविधाओं को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं.

संबित पात्रा. (फोटो: पीटीआई)

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने संबित पात्रा और तेजिंदर बग्गा के ख़िलाफ़ दर्ज केस रद्द करने का आदेश दिया

बीते साल मई में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने अपने एक ट्वीट में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को कश्मीर समस्या और राजीव गांधी को सिख दंगों तथा बोफ़ोर्स घोटाले के लिए ज़िम्मेदार ठहराया था. इस ट्वीट को भाजपा नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने रिट्वीट किया था. इसके विरोध में छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस ने केस दर्ज कराया था.

(फोटो साभार: ट्विटर/Photo: @ChhattisgarhCMO)

छत्तीसगढ़ में जवानों की शहादत के लिए अफ़सरों की अक्षमता और झूठा अहंकार ज़िम्मेदार है

नक्सल समस्या केवल ‘पुलिस समस्या’ नहीं है जो केवल बल प्रयोग से हल हो जाए- इसके अनेक जटिल पहलू हैं. सरकार को अपना झूठा अहंकार त्यागकर उन पहलुओं को भी संबोधित करना चाहिए.

कोबरा कमांडो राकेश्वर सिंह मिन्हास. (फोटोः पीटीआई)

छत्तीसगढ़ः नक्सलियों ने बंधक बनाए गए सीआरपीएफ जवान को रिहा किया

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में तीन अप्रैल को नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर हमले के बाद कोबरा कमांडो राकेश्वर सिंह मिन्हास को बंधक बना लिया था. उनकी रिहाई के लिए नक्सलियों ने कुछ शर्तें रखी थीं, लेकिन गुरुवार को उन्हें बिना किसी शर्त के रिहा कर दिया गया.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

महाराष्ट्र समेत छह राज्यों ने की वैक्सीन की कमी की शिकायत, केंद्र ने कहा- कहीं कोई कमी नहीं

महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना ने राज्य में वैक्सीन की कमी की शिकायत की है. हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि टीकों की कमी के आरोप पूरी तरह निराधार हैं. केंद्र किसी भी राज्य को वैक्सीन की कमी का सामना नहीं करने देगा.

(फोटो: रॉयटर्स)

छत्तीसगढ़ नक्सली हमला: माओवादियों ने कहा- लापता जवान कब्ज़े में, मध्यस्थ नियुक्त करे सरकार

बीते शनिवार को बीजापुर-सुकमा ज़िले की सीमा पर जोनागुड़ा गांव के पास नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हो गए थे. इस दौरान सीआरपीएफ के कोबरा कमांडो राकेश्वर सिंह लापता हो गए थे. उनकी रिहाई की मांग करते हुए परिवार ने कहा कि उन्हें इस बारे में मीडिया से जानकारी मिली, सरकार द्वारा कुछ नहीं बताया गया.

छत्तीसगढ़ में सुकमा-बीजापुर जिले की सीमा पर नक्सली हमले के बाद जवानों के शवों की तलाश जारी है. (फोटो साभार: एएनआई)

छत्तीसगढ़ नक्सली मुठभेड़: लापता 17 जवानों के शव बरामद, शहीद जवानों की संख्या 22 हुई

शनिवार दोपहर छत्तीसगढ़ में बीजापुर-सुकमा ज़िले की सीमा पर जगरगुंड़ा थाना क्षेत्र (सुकमा जिला) के अंतर्गत जोनागुड़ा गांव के पास नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच तीन घंटे चली मुठभेड़ में पांच जवान शहीद हो गए थे. इस घटना के दौरान 18 अन्य जवानों के लापता होने की जानकारी मिली थी.

(फोटो: स्पेशल अरेंजमेंट)

‘विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस गांव के पानी को दूषित बताती थी, पर सत्ता में आते ही मुकर गई’

विशेष रिपोर्ट: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद ज़िले के सुपेबेड़ा गांव के लोगों के अनुसार बीते डेढ़ दशक में भूजल प्रदूषण के कारण सवा सौ से अधिक लोग गुर्दे की बीमारी के चलते जान गंवा चुके हैं. ग्रामीणों के मुताबिक़ कांग्रेस ने सरकार बनने पर शुद्ध पानी, मुआवज़े और इलाज का वादा किया था पर दो साल बीत जाने के बाद भी ऐसा नहीं हुआ.

नियमगिरि पर्व में हिस्सा लेती आदिवासी महिलाएं. (फोटो: स्पेशल अरेंजमेंट)

नियमगिरि पर्व लोगों के प्रतिरोध का उत्सव है…

नियमगिरि में धरणी पेनु सबसे बड़ी शक्ति हैं, जो धरती का स्वरूप कही जाती हैं. लोगों का विश्वास है कि धरती की पूजा सबसे पहले होनी चाहिए. बीते दिनों इनकी उपासना करते हुए नियमगिरि पर्व मनाकर लोगों ने अपनी एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया.