जीएसटी

(फोटो : पीटीआई)

क्या जीएसटी के रूप में ‘इंस्पेक्टर-राज’ की वापसी हो रही है?

सरकार ने जीएसटी लागू करने की तैयारियां समय पर पूरी नहीं की हैं जिसके कारण एक बार फिर नोटबंदी जैसी अफ़रातफ़री मचने की आशंका पैदा हो गई है.

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‘70 प्रतिशत व्यापारी गांवों में रहते हैं, उनके पास इंटरनेट नहीं है वो जीएसटी के बिल कैसे भरेंगे’

देश के अलग-अलग हिस्सों से जीएसटी का विरोध करने ​के लिए दिल्ली के चांदनी चौक में जुटे व्यापारियों से बातचीत.

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छोटे कारोबारियों के लिए दुःस्वप्न साबित हो रहा है जीएसटी

जीएसटी के बारे में जागरूकता फैलाने और लोगों को समझाने की वित्त मंत्रालय की कवायद अब तक बड़े औद्योगिक समूहों तक ही सीमित रही है.

Indian Prime Minister Narendra Modi gestures on stage during a community reception at SAP Center in San Jose, California September 27, 2015. REUTERS/Stephen Lam

आंकड़े बताते हैं कि मोदी सरकार के तीन साल में अर्थव्यवस्था के अच्छे दिन नहीं आए

मोदी यह समझाने की कितनी भी कोशिश करें कि उनके आने से बदलाव आया है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि अर्थव्यवस्था से जुड़े अधिकांश क्षेत्रों में सरकार प्रगति करने के लिए जूझती नज़र आ रही है.

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नॉर्थ ईस्ट डायरी: पूर्वोत्तर के राज्यों से इस सप्ताह की प्रमुख ख़बरें

इस हफ़्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में असम, नगालैंड, सिक्किम, मेघालय, मिज़ोरम, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख समाचार.

A labourer prepares to unload sacks of potatoes from a truck at a wholesale vegetable and fruit market in New Delhi July 2, 2014. REUTERS/Anindito Mukherjee/Files

कोई नहीं जानता, अपने अधपके स्वरूप में जीएसटी क्या गुल खिलाएगा

वैश्विक अनुभव बताते हैं कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को जिन देशों में लागू किया गया वहां इसने अर्थव्यवस्था में छोटी अवधि से लेकर मध्यम अवधि तक का गंभीर व्यवधान उत्पन्न किया. भारत में जीएसटी के अधपके रूप से हमें इससे बेहतर की उम्मीद नहीं करनी चाहिए.

Vinod Dua Episode 26

जन की बात: जीएसटी और उत्तर प्रदेश का एंटी रोमियो स्क्वाड, एपिसोड 26

जन की बात की 26वीं कड़ी में वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) विधेयक और उत्तर प्रदेश में बने एंटी रोमियो स्क्वाड पर चर्चा कर रहे हैं.