दिल्ली अस्पताल

दिल्ली हिंसा के दौरान जाफराबाद में जलता एक वाहन. (फाइल फोटो: पीटीआई)

हिंसा को याद करने का तरीका क्या है

सामूहिक हिंसा एक तरह की नहीं होती. दो समूह लड़ पड़ें, तो वह सामूहिक हिंसा है. एक समूह को निशाना बनाकर की जाने वाली हिंसा भी सामूहिक हिंसा ही है. ऐसी हिंसा को भारत में प्रायः दंगा कह देते हैं. दंगा शब्द में कुछ स्वतः स्फूर्तता का भाव आता है, लेकिन यह सच नहीं है.

(फोटो: पीटीआई)

यूपी: किसान आंदोलन में शामिल किसान की मौत, पत्नी व भाई पर राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का केस दर्ज

पीलीभीत के सेहरामऊ थाना क्षेत्र के बलविंदर सिंह 23 जनवरी को ग़ाज़ीपुर सीमा के लिए निकले थे. एक हफ़्ते बाद उनके परिवार को दिल्ली पुलिस ने फोन कर सड़क दुर्घटना में उनकी मौत के बारे में बताया. बुधवार को अंतिम संस्कार के समय उनके शव को तिरंगे में लपेटा गया था.

हिंदू राव अस्पताल. (फोटो साभार: फेसबुक)

सरकार ने हिंदूराव को कोविड-19 अस्पतालों की सूची से हटाया, ओपीडी सेवा शुरू

उत्तर दिल्ली नगर निगम द्वारा संचालित हिंदूराव अस्पताल के डॉक्टर पिछले जून महीने से वेतन न मिलने की वजह से हड़ताल पर हैं. बीते 14 जून को बढ़ते मामलों को देखते हुए कोविड-19 निर्दिष्ट अस्पताल घोषित किया गया था.

हिंदू राव अस्पताल. (फोटो साभार: फेसबुक)

दिल्ली सरकार ने एमसीडी से कहा, कर्मचारियों को वेतन नहीं दे सकते तो सरकार को सौंप दें अस्पताल

दिल्ली नगर निगम के कई अस्पतालों में कई महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किए जाने को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. नगर निगम का कहना है कि सरकार उन्हें फंड जारी नहीं कर रही है जबकि राज्य सरकार का कहना है कि वह बकाया दे चुकी है.

हिंदूराव अस्पताल के डॉक्टर और ​मेडिकल स्टाफ ​पिछले कई महीनों से वेतन को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. (फोटो साभार: एएनआई)

हिंदू राव में हड़ताल: दिल्ली सरकार ने कोरोना मरीज़ों को अपने अस्पतालों में भर्ती करने को कहा

उत्तर दिल्ली नगर निगम द्वारा संचालित हिंदू राव अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को बीते जून महीने से वेतन नहीं मिला है. शुक्रवार को उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर 48 घंटे में उनका वेतन जारी नहीं किया गया तो कोरोना वार्ड में ड्यूटी नहीं करेंगे.

वेतन की मांग को लेकर हिंदू राव अस्पताल के डॉक्टरों ने ऑनलाइन कैंपेन शुरू किया है. (फोटो साभार: फेसबुक)

दिल्लीः हिंदू राव अस्पताल के डॉक्टरों को नहीं मिला 105 दिनों से वेतन, ऑनलाइन कैंपेन शुरू

उत्तरी दिल्ली नगर निगम (नॉर्थ एमसीडी) के तहत आने वाले हिंदू राव अस्पताल के डॉक्टरों को आख़िरी बार जून महीने में वेतन दिया गया था. सोमवार से शुरू ऑनलाइन कैंपेन के जरिये डॉक्टर लंबित वेतन जल्द जारी करने की मांग कर रहे हैं.

(फोटोः पीटीआई)

दिल्ली में 2,000 से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मी कोरोना पॉजिटिव: रिपोर्ट

एक समाचार चैनल ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि संक्रमित स्वास्थ्यकर्मियों में से 1,207 डॉक्टर और नर्स दिल्ली के नौ बड़े कोरोना अस्पतालों के हैं. हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अब तक कोरोना से संक्रमित हुए स्वास्थ्यकर्मियों का कोई आंकड़ा नहीं दिया है.

अरविंद केजरीवाल. (फोटो: पीटीआई)

दिल्ली: उपराज्यपाल ने पांच दिन संस्थागत क्वारंटीन का आदेश वापस लिया

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने आदेश दिया था कि कोविड-19 के हर मरीज़ के लिए घर में क्वारंटीन की जगह पांच दिन संस्थागत क्वारंटीन सेंटर में रहना ज़रूरी होगा. इस पर दिल्ली सरकार का कहना था कि इससे पहले से ही दबाव झेल रही स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर बोझ बढ़ेगा.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

केंद्र कोरोना जांच की अधिकतम कीमत तय करे, देश में कीमतों में एकरूपता होनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न राज्यों में कोविड-19 जांच की अलग-अलग कीमतों पर संज्ञान लिया है. शीर्ष अदालत ने कहा कि कहीं 2,200 रुपये में कोरोना टेस्ट हो रहा है, तो कहीं 4,500 रुपये में, ऐसा नहीं होना चाहिए.

(फोटोः पीटीआई)

दिल्ली में कोरोना जांच की कीमत घटाकर 2400 रुपये करने का निर्णय: गृह मंत्रालय

गृह मंत्रालय ने कहा कि विशेषज्ञों की उच्चस्तरीय समिति के सुझाव के आधार पर ये निर्णय लिया गया है. इस संबंध में उचित कार्रवाई के लिए दिल्ली सरकार के पास रिपोर्ट भेजी गई है.

New Delhi: National Human Rights Commission (NHRC) team led by Latika Kalra visits Lok Nayak Jai Prakash (LNJP) Hospital, during ongoing nationwide COVID-19 lockdown, in New Delhi, Thursday, June 11, 2020. (PTI Photo)(PTI11-06-2020 000142B)

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा, डॉक्टरों को प्रताड़ित करना और केस दर्ज करना बंद करें

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि डॉक्टर और नर्स इस समय कोविड-19 से जंग में हैं, लेकिन आप एफआईआर दायर करने में व्यस्त हैं. यदि आप अपने सैनिक के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करेंगे तो युद्ध कैसे जीतेंगे. बीते दिनों एक सरकारी अस्पताल के ख़राब हाल का वीडियो बनाने पर एक डॉक्टर के ख़िलाफ़ केस दर्ज कर उन्हें निलंबित कर दिया गया था.

New Delhi: Union Home Minister Amit Shah with Health Minister Harsh Vardhan (R) holds a meeting to discuss the COVID-19 situation in Delhi, at North Block in New Delhi, Sunday, June 14, 2020. The meeting comes in the wake of increasing number of coronavirus cases in Delhi, where the tally has reached nearly 39,000 cases and the death toll rose to over 1,200. (PTI Photo/ Shahbaz Khan)

दिल्ली में कोरोना टेस्टिंग तीन गुना की जाएगी, बेड के लिए 500 रेल कोच दिए जाएंगे: अमित शाह

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल अनिल बैजल के साथ बैठक के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों में सस्ती दर पर कोरोना वायरस के इलाज कराने के संबंध में एक कमेटी बनाई है और कोरोना संक्रमण रोकने के लिए घर-घर जाकर स्वास्थ्य सर्वे किया जाएगा.

New Delhi: National Human Rights Commission (NHRC) team led by Latika Kalra visits Lok Nayak Jai Prakash (LNJP) Hospital, during ongoing nationwide COVID-19 lockdown, in New Delhi, Thursday, June 11, 2020. (PTI Photo)(PTI11-06-2020 000161B)

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- कोविड-19 प्रबंधन की भयावह स्थिति, दिल्ली समेत चार राज्यों को नोटिस जारी

सुप्रीम कोर्ट ने कोविड-19 मरीजों का उचित इलाज और शवों का सम्मानित ढंग से प्रबंधन करने पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा है कि विभिन्न राज्यों में कोरोना की चिंताजनक स्थिति है और लोगों के साथ जानवरों से बदतर सलूक किया जा रहा है. शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से भी इस मामले में जवाब मांगा है.

प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई

हर दिन कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल क्या है

आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक दिल्ली में कुल 57,709 बेड हैं, जबकि दिल्ली सरकार ने कहा है कि जुलाई अंत तक उन्हें 80,000 बेड की ज़रूरत पड़ेगी. कोरोना से लड़ने के लिए सिर्फ़ बेड ही पर्याप्त नहीं होंगे, इसके लिए बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मियों की भी ज़रूरत होगी.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली: कोविड-19 संबंधी अव्यवस्थाओं पर एनएचआरसी ने केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस भेजा

दिल्ली में कोविड मरीज़ों के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं न होने की कांग्रेस नेता अजय माकन की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एनएचआरसी ने कहा है कि वह समझते हैं कि यह मरीज़ों-डॉक्टरों, सरकारी एजेंसियों आदि सभी के लिए अप्रत्याशित स्थिति है, लेकिन हरसंभव प्रयास किए बिना नागरिकों को मरने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता.