द वायर हिंदी

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यूपी: हाईकोर्ट ने गोहत्या क़ानून के दुरुपयोग पर फिर लगाई फटकार, पुलिस से जवाब मांगा

मामला सीतापुर ज़िले का है, जहां पुलिस ने चार लोगों को कथित तौर पर गोहत्या की बात करने को लेकर गोहत्या संरक्षण क़ानून के तहत हिरासत में लिया था. हाईकोर्ट ने एक आरोपी की ज़मानत याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस की कार्रवाई पर नाराज़गी जताई और पुलिस अधीक्षक से जवाब तलब किया है.

(फोटो: पीटीआई)

पश्चिम बंगालः चुनावी हार के बाद कई क्षेत्रों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मांगी सार्वजनिक माफ़ी

बीरभूम ज़िले के लाभपुर, बोलपुर और सैंथिया से लेकर हुगली के धनियाखली में भाजपा कार्यकर्ताओं ने रिक्शा पर लाउडस्पीकर लगाकर ऐलान किया कि उन्हें भाजपा को लेकर ग़लतफ़हमी हो गई थी और अब वे टीएमसी में जाना चाहते हैं. भाजपा का आरोप है कि टीएमसी के डराने-धमकाने के चलते कार्यकर्ता ऐसा कर रहे हैं.

कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल. (फोटो: पीटीआई)

कांग्रेस जड़ नहीं हुई है, यह दिखाने के लिए पार्टी में व्यापक सुधार की ज़रूरत: कपिल सिब्बल

कांग्रेस में व्यापक बदलाव के लिए पत्र लिखने वाले जी-23 समूह में शामिल वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि चुनावों में हार की समीक्षा के लिए पार्टी में समितियां बनाना अच्छा है, लेकिन इनका तब तक कोई असर नहीं होगा, जब तक उनके द्वारा सुझाए गए उपायों पर अमल नहीं किया जाता.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

असम: गाय चोरी के संदेह में भीड़ ने एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या की

मामला तिनसुकिया ज़िले का है, जहां एक गांव में गाय को रखने के लिए बनाए गए शेड के पास दो व्यक्तियों के पाए जाने के बाद ग्रामीणों ने उन्हें बर्बर तरीके से पीटा. पुलिस ने मामले में हत्या का केस दर्ज किया है.

ठेकेदार को नाली के पानी में बैठने को विवश करते शिवसेना विधायक दिलीप लांडे (फोटोः एएनआई)

मुंबईः जलभराव होने पर शिवसेना विधायक ने ठेकेदार को कीचड़ में बैठाया, कचरा फिंकवाया

चांदीवली से शिवसेना विधायक दिलीप लांडे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वे जबरन एक शख़्स को नाली के कीचड़ में बैठाते हुए उनके समर्थकों से उस पर कचरा फेंकने के लिए कह रहे हैं. बताया गया है कि यह व्यक्ति ठेकेदार है जिस पर क्षेत्र की सफाई का ज़िम्मा है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू अध्यक्ष आरसीपी सिंह. (फोटो: पीटीआई)

जदयू को केंद्र सरकार में सम्मानजनक हिस्सेदारी मिलनी चाहिए: पार्टी अध्यक्ष

केंद्र में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा के बीच जदयू अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने यह बयान दिया है. इससे पहले मई 2019 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्रीय कैबिनेट का हिस्सा बनने से इनकार करते हुए जदयू ने समानुपातिक भागीदारी की मांग की थी.

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पेट्रोल-डीज़ल के दामों में बढ़ोतरी के ख़िलाफ़ वाम दलों ने 15 दिन के विरोध-प्रदर्शन की घोषणा की

चार मई के बाद पेट्रोलियम उत्पादों के दामों में 23 बार वृद्धि हो चुकी है और सात राज्यों में पेट्रोल की क़ीमत 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुकी है. शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल एवं डीज़ल के दामों में वृद्धि के विरोध में दिल्ली समेत कई राज्यों में विभिन्न पेट्रोल पंपों के पास सांकेतिक प्रदर्शन किया था.

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देश में 71 दिन बाद कोविड-19 के सबसे कम 80,834 नए मामले सामने आए

देश में संक्रमण के दैनिक मामले एक लाख से नीचे बरक़रार हैं. बीते चौबीस घंटों में 3,303 रोगियों की मौत के साथ ही इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 3,70,384 हो गई है. वहीं, दुनियाभर में संक्रमण के मामले 17.56 करोड़ से ज़्यादा हैं और 37.95 लाख से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.

Labourers load a truck as they try to revive a dried lake under the National Rural Employment Guarantee Act (NREGA) at Ibrahimpatnam, on the outskirts of Hyderabad, June 17, 2009. The government has started a pilot project to quantify climate benefits from the NREGA, the anti-poverty scheme that could become one of the country's main weapons to fight criticism it is not doing enough to tackle global warming. The flagship anti-poverty plan, started three years ago, provides 100 days of employment every year to tens of millions of rural poor, a move that partly helped the Congress party-led coalition return to power in a general election. REUTERS/Krishnendu Halder (INDIA ENVIRONMENT BUSINESS EMPLOYMENT) - RTR24QZU

गुजरात सरकार ने मनरेगा को सराहा, महामारी के दौरान श्रमिकों के लिए ‘जीवन रक्षक’ बताया

मुख्यमंत्री विजय रुपाणी द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि श्रमिक शहरों में जितना कमा रहे थे, उसके मुकाबले मनरेगा की दिहाड़ी काफी कम है, इसके बावजूद कोविड-19 से उत्पन्न संकट के दौरान यह उनके और उनके परिवार के पालन-पोषण में मददगार रही है.

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भारत सरकार के कुछ कदम लोकतांत्रिक मूल्यों के परस्पर विरोधी: शीर्ष अमेरिकी अधिकारी

दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिका के कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री डीन थॉम्पसन ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बढ़ते प्रतिबंध और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों की नज़रबंदी पर चिंता जताई है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

उत्तराखंड: कुंभ के दौरान निजी लैब से ‘फ़र्ज़ी’ कोविड-19 रिपोर्ट जारी होने का आरोप, जांच के आदेश

कोरोना संक्रमण के बीच हरिद्वार में एक से 30 अप्रैल तक कुंभ मेले का आयोजन किया गया था. एक शख़्स ने आईसीएमआर से शिकायत की है कि इस दौरान उन्हें हरिद्वार से कोविड सैंपल लिए जाने का मैसेज आया जबकि वे पंजाब में थे. उनका आरोप है कि फ़र्ज़ी टेस्ट के लिए उनके मोबाइल नंबर और आधार का दुरुपयोग किया गया.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

कोरोना वायरस के कारण होने वाली मौतों की सटीक रिपोर्ट दी जानी चाहिए: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि देशभर से ऐसी शिकायतें आ रही हैं कि कोरोना से होने वाली सभी मौतों के आंकड़ों को ठीक से दर्ज नहीं किया जा रहा है. अदालत ने कहा कि यह वास्तव में महामारी के पैमाने को समझने के प्रयास को बाधित कर सकता है और परिवारों को उस राहत की मांग करने से भी वंचित सकता है, जिसके वे हक़दार हैं.

आयशा सुल्ताना. (फोटो साभारः फेसबुक/@AishaAzimOfficial)

लक्षद्वीप: आयशा सुल्ताना पर राजद्रोह के मामले के बाद कई भाजपा नेताओं का इस्तीफ़ा

लक्षद्वीप की कार्यकर्ता और फिल्मकार आयशा सुल्ताना ने कहा था कि केंद्र प्रशासक प्रफुल्ल पटेल को ‘जैविक-हथियार’ के रूप में इस्तेमाल कर रहा है, जिसे इसे लेकर भाजपा की स्थानीय इकाई ने उन पर राजद्रोह का मामला दर्ज करवाया है. भाजपा नेताओं ने सुल्ताना का बचाव करते हुए कहा है कि पार्टी की पूरी इकाई पटेल की ‘लोकतंत्र विरोधी, जनविरोधी और भयानक नीतियों की दुष्टता’ से अवगत थी.

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देश के बड़े अनौपचारिक कार्यबल को कोविड-19 टीकाकरण में प्राथमिकता दी जानी चाहिए

एक अनुमान के अनुसार लगभग 70% शहरी कार्यबल अनौपचारिक रूप से कार्यरत हैं. अनौपचारिक श्रमिकों के काम की अनिश्चित प्रकृति पहले ही जोखिम भरी होती है, जिससे उनके कोविड-19 के संपर्क में आने का ख़तरा बढ़ जाता है. मौजूदा टीकाकरण ढांचे में कई बाधाओं के चलते ऐसे कामगारों के टीकाकरण की संभावना कम है.

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सिर्फ़ 56 फ़ीसदी स्वास्थ्यकर्मियों और 47 फ़ीसदी फ्रंटलाइन वर्कर्स का पूर्ण टीकाकरण हुआः सरकार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि 82 फ़ीसदी स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना वायरस टीके की सिर्फ़ एक डोज़ लगी है, जबकि 56 फ़ीसदी को वैक्सीन की दोनों डोज़ लग चुकी है. इसी तरह 85 फ़ीसदी फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीके की एक, जबकि 47 फ़ीसदी को दोनों डोज़ लगी है.