नमामि गंगे

गंगा के लिए अनशन पर बैठीं 23 वर्षीय साध्वी की हालत गंभीर, संतों ने कहा- प्रताड़ित कर रही सरकार

मातृ सदन के संतों की मांग है कि गंगा में अवैध खनन बंद होना चाहिए, सभी प्रस्तावित और निर्माणाधीन बाधों पर तुरंत रोक लगाई जाए और गंदी नालियों का पानी बिना साफ किए या साफ करने के बाद भी नदी में न डाला जाए.

बीते पांच सालों में कितना बना-बिगड़ा बनारस

ग्राउंड रिपोर्ट: 2014 में वाराणसी लोकसभा सीट से सांसद बने नरेंद्र मोदी एक बार फिर यहां से चुनावी मैदान में उतरे हैं. उनके कार्यकाल और बनारस में हुए बदलावों के बारे में क्या सोचती है बनारस की जनता?

बीते तीन साल में गंगा का पानी और दूषित हुआ: रिपोर्ट

वाराणसी की एक गैर सरकारी संस्था ने अपने अध्ययन में बताया कि साल 2016 से 2018 तक गंगा में प्रदूषण की मात्रा काफी बढ़ गई है. संस्था की ओर से कहा गया है कि पानी में कॉलीफॉर्म बैक्टीरिया की अत्यधिक मात्रा मानव स्वास्थ्य के लिए ख़तरनाक है.

गंगा सफाई के लिए आंदोलन कर रहे संत गोपाल दास लापता, चार दिन बाद भी कोई जानकारी नहीं

संत गोपाल दास पिछले 24 जून से आंदोलनरत हैं और इस दौरान तबियत बिगड़ने पर उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. गोपाल दास के सहयोगियों का आरोप है कि वे लापता नहीं हुए हैं बल्कि उन्हें लापता कराया गया है.

पीएमओ में दो महीने तक पड़ी रहीं जीडी अग्रवाल की चिट्ठियां, नहीं हुई कार्रवाई: आरटीआई

पर्यावरणविद् जीडी अग्रवाल गंगा सफाई के लिए 112 दिनों तक आमरण अनशन पर बैठे थे. बीते 11 अक्टूबर को उनका निधन हो गया. गंगा को लेकर अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीन बार पत्र लिखा था, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.

Haridwar: In this photo dated Oct 10, 2018, is seen environmentalist G D Agarwal, who was on fast unto death since June 22 for a clean River Ganga, being forcibly taken to the hospital after his health detriorated in Haridwar. Agarwal passed away on Thursday, Oct 11, 2018 at AIIMS Rishikesh following a heart attack. (PTI Photo) (PTI10_11_2018_000109)

प्रो. जीडी अग्रवाल के शव पर विवाद, हाईकोर्ट द्वारा अंतिम दर्शन का आदेश, सुप्रीम कोर्ट ने रोका

गंगा सफाई के लिए अनशन पर बैठे पर्यावरणविद् प्रो. जीडी अग्रवाल के निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को लेकर विवाद शुरू हो गया है. उन्होंने अपना शरीर एम्स को दान में दे दिया था. उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन को लेकर विवाद कोर्ट तक पहुंच गया है.

Haridwar: In this photo dated Oct 10, 2018, is seen environmentalist G D Agarwal, who was on fast unto death since June 22 for a clean River Ganga, being forcibly taken to the hospital after his health detriorated in Haridwar. Agarwal passed away on Thursday, Oct 11, 2018 at AIIMS Rishikesh following a heart attack. (PTI Photo) (PTI10_11_2018_000109)

सत्ताधीश ‘नमामि गंगे’ का सब्ज़बाग दिखाते रहे और प्रो. जीडी अग्रवाल की बलि चढ़ गई

पर्यावरणविद् प्रो. जीडी अग्रवाल ने 100 से ज़्यादा दिनों तक अपना अनशन जारी रखा तो सिर्फ इसलिए क्योंकि सरकारों की असंवेदनशीलता के बावजूद उनके दिलोदिमाग में लोकतंत्र को लेकर कोई न कोई उम्मीद ज़रूर बाकी रही होगी. उनके जाने का दुख इस अर्थ में कहीं ज़्यादा सालता है कि ऐसा अनशन के अस्त्र के प्रणेता महात्मा गांधी के जन्म के एक 150वें वर्ष में हुआ है.

​जन गण मन की बात, एपिसोड 316: दिल्ली के स्कूल में हिंदू-मुस्लिम भेदभाव और जीडी अग्रवाल

जन गण मन की बात की 316वीं कड़ी में विनोद दुआ दिल्ली के एक स्कूल में हिंदू और मुस्लिम छात्रों को अलग-अलग बैठाने और पर्यावरणविद् जीडी अग्रवाल के निधन पर चर्चा कर रहे हैं.

जन गण मन की बात, एपिसोड 315: नितिन गडकरी का बयान और जीडी अग्रवाल की भूख हड़ताल

जन गण मन की बात की 315वीं कड़ी में विनोद दुआ नितिन गडकरी के चुनावों में किए गए वादों पर बयान और गंगा एक्ट लाने के पक्ष में जीडी अग्रवाल के 110 दिनों से भूख हड़ताल पर चर्चा कर रहे हैं.

जन गण मन की बात, एपिसोड 300: किसान मज़दूर संघर्ष रैली और गंगा 

जन गण मन की बात की 300वीं कड़ी में विनोद दुआ नई दिल्ली में हुई किसान मज़दूर संघर्ष रैली और गंगा की सफाई पर चर्चा कर रहे हैं.

वर्ल्ड वाइड फंड की रिपोर्ट में दावा, गंगा है दुनिया की सबसे संकटग्रस्त नदी

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के गंगा सफाई को लेकर तमाम दावों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर के एनजीओ वर्ल्ड वाइड फंड (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) का दावा है कि गंगा विश्व की सबसे अधिक संकटग्रस्त नदियों में से एक है क्योंकि लगभग सभी दूसरी भारतीय नदियों की तरह गंगा में लगातार पहले बाढ़ और फिर सूखे की स्थिति पैदा हो रही है.

एनजीटी ने गंगा के हालात बेहद ख़राब बताते हुए गंगाजल को इस्तेमाल योग्य नहीं बताया

एनजीटी ने सवाल उठाया कि अगर सिगरेट के पैकेटों पर ‘यह स्वास्थ्य के लिए घातक है’ चेतावनी लिखी हो सकती है, तो लोगों को नदी के जल के प्रतिकूल प्रभावों के बारे में जानकारी क्यों नहीं दी जाए.

2014 से अब तक गंगा की सफाई पर 3,867 करोड़ रुपये से अधिक ख़र्च हुए: केंद्र सरकार

हाल ही में एनजीटी ने कहा है कि सरकार ने गंगा सफाई पर करोड़ों रुपये ख़र्च तो कर दिए है लेकिन गंगा अभी भी पर्यावरण के लिए एक गंभीर विषय बना हुआ है. इसकी सफाई के लिए कोई क़दम नहीं उठाया गया.

​जन गण मन की बात, एपिसोड 240: नमामि गंगे और कश्मीरी पंडित

जन गण मन की बात की 240वीं कड़ी में विनोद दुआ नमामि गंगे योजना के फंड के इस्तेमाल और कश्मीरी पंडितों के प्रति भाजपा के रवैये पर चर्चा कर रहे हैं.​

जन गण मन की बात, एपिसोड 168: 2जी स्पेक्ट्रम, कैग की रिपोर्ट और मैली गंगा

जन गण मन की बात की 168वीं कड़ी में विनोद दुआ 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले पर आए फ़ैसले, कैग की रिपोर्ट और अधूरे गंगा सफाई अभियान के बारे में चर्चा कर रहे हैं.