नानावटी आयोग

2002 गुजरात दंगा: अदालत ने तीन मामलों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम हटाने का आदेश दिया

2002 के गुजरात दंगा पीड़ितों के रिश्तेदारों द्वारा दायर तीन दीवानी मामलों में से प्रतिवादी के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम हटाने का आदेश देते हुए एक तालुका अदालत ने कहा कि वादी यह स्थापित करने के लिए कोई सामग्री नहीं ले आ पाए, जो यह स्थापित करती हो कि गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी अपराध की जगह पर मौजूद थे.

गुजरात दंगा: सरदारपुरा नरसंहार मामले में दोषी क़रार 14 लोगों को सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानत दी

गोधरा ट्रेन नरसंहार के अगले दिन 28 फरवरी 2002 की रात को सरदारपुरा गांव में अल्पसंख्यक समुदाय के 33 लोगों को ज़िंदा जला दिया गया था, जिसमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे थे.

Varanasi: Prime Minister Narendra Modi speaks during the inauguration of various development projects, in Varanasi, Tuesday, September 18, 2018. (PIB Photo via PTI)(PTI9_18_2018_000050B)

गुजरात: 2002 दंगा मामले में नरेंद्र मोदी और तत्कालीन मंत्रियों को क्लीनचिट

2002 में गुजरात के गोधरा में हुए दंगों की जांच को लेकर गठित नानावटी आयोग ने अपनी अंतिम रिपोर्ट में कहा है कि फरवरी 2002 में साबरमती एक्सप्रेस में आग लगने के बाद गोधरा में भड़के दंगे सुनियोजित नहीं थे.

गुजरात सरकार ने गोधरा रेल नरसंहार के 17 साल बाद किया मुआवज़े का ऐलान

गोधरा रेलवे स्टेशन पर 27 फरवरी 2002 को साबरमती एक्सप्रेस के एस-6 कोच को आग लगा दी गई थी. इसमें 59 लोगों की जान गई थी, जिनमें से सात लोगों की अब तक शिनाख्त नहीं हो पाई. इस घटना के बाद गुजरात में सांप्रदायिक दंगा भड़क उठा था.