पटना हाईकोर्ट

नीतीश कुमार. (फोटो: रॉयटर्स)

कोरोना से मरने वालों की संख्या सार्वजनिक करने को लेकर बिहार की अनिच्छा सही नहीं: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने कोविड-19 प्रबंधन को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की. अदालत ने कहा कि जो भी कारण हो, बिहार सरकार कोविड-19 से मरने वालों की संख्या को सार्वजनिक करने को लेकर अनिच्छुक है, जो सही नहीं है. हमारे नज़रिये से सरकार का यह रवैया न ही किसी क़ानून द्वारा संरक्षित है और न ही सुशासन के स्थापित सिद्धांतों के अनुरूप है.

पटना में बैंस श्मशान घाट के बाहर अंतिम संस्कार के इंतजार में पड़े कोविड मृतकों के शव. (फोटो: पीटीआई)

बिहार: समीक्षा के बाद बढ़ी कोविड-19 मौतों की संख्या, 5458 से बढ़कर 9429 हुई

संक्रमण और मौतों के आंकड़े छिपाने के आरोप लगने के बाद पिछले महीने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने नीतीश कुमार सरकार से महामारी की दूसरी लहर के दौरान गांवों में कोविड-19 से हुईं मौतों का हिसाब देने को कहा था. न्यायालय ने ज़िलावार मौतों के आंकड़े भी पेश करने को कहा था.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

बिहार में लॉकडाउन के दौरान पुलिस ‘ज़्यादती’ पर पटना हाईकोर्ट ने नाराज़गी जताई

पटना हाईकोर्ट ने ने बिहार सरकार को लॉकडाउन उल्लंघन के नाम पर पुलिस की कथित बर्बरता को तुरंत रोकने का निर्देश दिया. अदालत ने पुलिस द्वारा की गई कथित ज़्यादती पर चिंता जताने के साथ ही संबंधित अधिकारियों को इसकी जांच करने का निर्देश दिया है.

नीतीश कुमार. (फोटो: पीटीआई)

पटना हाईकोर्ट ने कहा, कोविड-19 से गांवों में हुईं मौतों का आंकड़ा दे बिहार सरकार

हाईकोर्ट ने बिहार की नीतीश कुमार सरकार से ज़िलावार मौतों का आंकड़ा पेश करने को कहा है. साथ ही सरकार से पहली लहर के दौरान गांवों में लौटे लगभग 40 लाख प्रवासियों की स्थिति रिपोर्ट के अलावा बक्सर में गंगा नदी में तैरती पाई गईं संदिग्ध कोरोना संक्रमित लाशों पर जवाब दाख़िल करने को कहा है.

पटना हाईकोर्ट (फोटोः पीटीआई)

मूल देश अवैध प्रवासियों को वापस लेने को तैयार नहीं तो उन्हें कैसे संभाला जाएगा: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट पिछले कई वर्षों से एक आफ्टर केयर होम में रखे गए पटना रेलवे स्टेशन से गिरफ़्तार दो महिला बांग्लादेशी प्रवासियों- मरियम ख़ातून और मौसमी ख़ातून की याचिका पर सुनवाई कर रहा था. हाईकोर्ट ने डिटेंशन सेंटर और अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर केंद्र और बिहार सरकार से हलफ़नामा दाख़िल करने को कहा है.

पटना हाईकोर्ट (फोटोः पीटीआई)

बिहार फ़र्ज़ी डिग्री मामला: पांच साल में 1.10 लाख शिक्षकों की डिग्री सत्यापित नहीं हुईं

मामला बिहार में 2007 के बाद से हुई साढ़े तीन लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्तियों से संबंधित है. सतर्कता विभाग 2014 से फ़र्ज़ी डिग्री के आधार पर नियुक्तियों के आरोपों की जांच कर रहा है. अब तक राज्य का शिक्षा विभाग 1,10,418 शिक्षकों का विवरण देने में विफल रहा है.

अगस्त महीने में बिहार सरकार द्वारा अनुमोदित नियोजित शिक्षक सेवाशर्त 2020 की प्रति जलाकर विरोध जताते बिहार के नियोजित शिक्षक. (फोटो साभार: ट्विटर/@Dharmendrajee1)

बिहार चुनाव: ‘नियोजित शिक्षकों में जैसा गुस्सा है उससे साफ है कि ये सरकार नहीं रहेगी’

ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार के क़रीब चार लाख से अधिक नियोजित शिक्षकों की सेवा शर्त, पूर्ण वेतनमान जैसी विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से नीतीश सरकार से ठनी हुई है. अब शिक्षक संघ और शिक्षकों का कहना है कि वे इस चुनाव में सरकार से आर पार की लड़ाई करने जा रहे हैं.

पटना हाईकोर्ट (फोटोः पीटीआई)

बिहारः शराब पीने-बेचने पर गिरफ़्तार लोगों को पीएम केयर्स फंड में पैसे जमा कराने पर ज़मानत

पटना हाईकोर्ट ने शराबबंदी से संबंधित कई जमानत याचिकाओं की सुनवाई करते हुए बरामद की गई शराब की राशि के बराबर पैसा पीएम केयर्स फंड में जमा कराने के बाद जमानत दिए जाने का आदेश दिया.

पटना हाईकोर्ट (फोटोः पीटीआई)

पटना हाईकोर्ट: भ्रष्टाचार को लेकर सीबीआई जांच के आदेश वाले फैसले को 11 जजों ने निलंबित किया

अदालत में भ्रष्टाचार को लेकर सीबीआई जांच और न्यायिक तंत्र पर तीखी टिप्पणी वाला आदेश पारित करने पर मुख्य न्यायाधीश ने जस्टिस राकेश कुमार के समक्ष लंबित सभी मामले को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया था.

पेंटिंग: शबनम गिल

जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष चंद्रशेखर की हत्या के दोषियों की उम्रक़ैद की सज़ा बरक़रार

दो बार जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे चंद्रशेखर की 31 मार्च 1997 को बिहार के सीवान शहर में एक जनसभा को संबोधित करने के दौरान हत्या कर दी गई थी.

(फोटो: रॉयटर्स)

बिहार: सुप्रीम कोर्ट का नियोजित शिक्षकों के नियमितिकरण, स्थायी शिक्षकों के समान वेतन से इनकार

पटना हाईकोर्ट ने अक्टूबर 2017 में नियोजित शिक्षकों को नियमित शिक्षकों के बराबर वेतन देने का आदेश दिया था, जिसे बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.

बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर स्थित बालिका गृह में बच्चों से बलात्कार मामले का मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर. (फोटो साभार: फेसबुक/ट्विटर)

बिहार बालिका गृह मामला: मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर सहित 21 लोगों के ख़िलाफ़ आरोप तय

बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर शहर में सेवा संकल्प एवं विकास समिति नाम के एनजीओ द्वारा संचालित बालिका गृह में रहने वाली लड़कियों के साथ पिछले साल यौन शोषण का मामला सामने आया था. एनजीओ का संचालक ब्रजेश ठाकुर मुख्य आरोपी है.

Patna: Bihar Chief Minister Nitish Kumar during a prayer meeting for former defence minister George Fernandes, in Patna, Friday, Feb 8, 2019. (PTI Photo) (PTI2_8_2019_000136B)

बिहार बालिका गृह: सीबीआई को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ख़िलाफ़ जांच करने का आदेश

नोट: ये ख़बर समाचार एजेंसी भाषा की ओर से गलती से जारी कर दी गई थी. पाठकों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है.

New Delhi: A view of Supreme Court of India in New Delhi, Thursday, Nov. 1, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI11_1_2018_000197B)

नीतीश सरकार से नाराज़ सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को सौंपी 16 आश्रयगृहों में यौन शोषण मामलों की जांच

सुनवाई के दौरान बिहार सरकार ने शीर्ष अदालत से मांग की कि मामला सीबीआई को न देते हुए उसे एक मौका और मिलना चाहिए, जिसे ठुकराते हुए अदालत ने कहा कि सरकार ने अपना काम ठीक से नहीं किया.

(फोटो साभार: ट्विटर)

मुज़फ़्फ़रपुर बालिका गृह: सीबीआई ने श्मशान घाट में खुदाई कर लड़की का कंकाल बरामद किया

मामले का खुलासा होने के बाद बालिका गृ​ह की लड़कियों ने पूछताछ में एक किशोरी की मौत होने की बात कही थी. मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के एक स्टाफ की निशानदेही पर श्मशान घाट से कंकाल बरामद किया.