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महाराष्ट्र: सरकारी दुकान से राशन न मिल पाने के कारण आदिवासी युवती ने वीरता पुरस्कार लौटाया

महाराष्ट्र के ठाणे ज़िले की रहने वाली हाली रघुनाथ बराफ को अपनी बहन को तेंदुए के चंगुल से बचाने के लिए 2013 में राष्ट्रीय बालवीर पुरस्कार मिला था. उन्होंने कहा है कि इस पुरस्कार से उनके परिवार की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ. परिवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से राशन नहीं मिल रहा, क्योंकि ऑनलाइन प्रणाली में परिवार का नाम ही दर्ज नहीं किया गया.

किसान संगठन ने कहा, सत्ता के शीर्ष पर बैठे पीएम मोदी एमएसपी पर सफेद झूठ बोल रहे हैं

अखिल भारतीय किसान सभा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये दावा बिल्कुल झूठा है कि उनकी सरकार स्वामीनाथन आयोग की सिफ़ारिशों के अनुसार किसानों को लाभकारी मूल्य दे रही है. सभा का कहना है कि भले ही भाजपा ने इन सिफ़ारिशों को लागू करने का वादा किया था, लेकिन इसे अमल में लाने के लिए उसकी सरकार ने कुछ नहीं किया.

क्यों हिमाचल और उत्तराखंड के लोगों को कृषि क़ानूनों और किसान आंदोलन के बारे में चेत जाना चाहिए

वर्तमान में एमएसपी जैसे तरीके पहाड़ों की आबादी के अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण हैं, हालांकि मुख्यधारा के मीडिया और इन जगहों के दूर होने के चलते यहां के लोगों को इस मुद्दे पर इकट्ठा होना मुमकिन नहीं हो रहा है.

कोरोना लॉकडाउन: ग़रीब और कमज़ोर तबके की मदद के लिए क्या उपाय किया जा सकते हैं

देशभर में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन से उत्पन्न आर्थिक स्थितियां उन लोगों को बुरी तरह प्रभावित करेंगी, जो इस महामारी से तो शायद बच जाएंगे, लेकिन रोज़मर्रा की आवश्यक ज़रूरतों का पूरा न होना उनके लिए अलग मुश्किलें खड़ी करेगा.

ई-पॉश मशीन नहीं लेती अंगूठे का निशान, राशन न मिलने से लोग परेशान

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के में राशन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से कोटे की दुकानों पर ई-पॉश मशीन लगाकर राशन देने की व्यवस्था की गई है, लेकिन इससे आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

मिड-डे मील खाने से तीन साल में 900 से अधिक बच्चे बीमार हुए: केंद्र

मानव संसाधन विकास मंत्रालय को तीन सालों में भोजन की गुणवत्ता खराब होने के संबंध में 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 35 शिकायतें मिलीं.

मोदी सरकार को आर्थिक वृद्धि की ‘सनक’ से बाहर आकर विकास के सही मायने समझने की ज़रूरत: ज्यां द्रेज

प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज ने कहा कि सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों से जुड़ी ज़िम्मेदारियों को औद्योगिक घरानों या राज्य सरकारों के भरोसे छोड़ दिया है.

केंद्र ने राज्यों से कहा, बग़ैर आधार कार्ड वाले ग़रीबों को राशन देने से इनकार न करें

झारखंड में आधार लिंक न होने के चलते राशन नहीं मिलने से अक्टूबर महीने में कथित तौर पर भूख से तीन मौतें हो चुकी हैं.

‘मैं गरीब हूं’ लिखवाने के मामले में राजस्थान सरकार को मानवाधिकार आयोग का नोटिस

मानवाधिकार आयोग ने सरकार से संलिप्त अधिकारियों के ख़िलाफ़ कदम उठाने के साथ एक महीने के अंदर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है.

जन गण मन की बात, एपिसोड 72: राजस्थान के ग़रीब और बेरोज़गारी

जन गण मन की बात की 72वीं कड़ी में विनोद दुआ राजस्थान में ग़रीबों को चिह्नित करने के अभियान और देश में रोज़गार की कमी पर चर्चा कर रहे हैं.

घर पर लिखो- मैं गरीब हूं, तब मिलेगा राशन: राजस्थान सरकार

सार्वजनिक वितरण प्रणाली की गड़बड़ियों को ठीक करने में नाकाम रही राजस्थान सरकार अब ज़रूरतमंदों को अपमानित करने का काम कर रही है.

वीडियो: सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय और निखिल दे से बातचीत

सूचना का अधिकार, आधार कार्ड, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अन्य मुद्दों पर सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय और निखिल दे से कृष्णकांत की बातचीत.

क्या सचमुच ‘भूतों’ के पेट में जा रहा है मिड डे मील?

आधार के समर्थन में आई कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि लाखों ‘छात्रों के भूत’ मिड डे मील का लाभ उठा रहे हैं. ये दावे न तो प्रमाणिक हैं, न गंभीर जांच पर आधारित हैं.

मिड डे मील चाहिए तो आधार कार्ड दिखाइए

मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से जारी फरमान के अनुसार, स्कूली बच्चों के अलावा मिड डे मील बनाने वाले रसोइयों और सहायकों के पास भी आधार कार्ड होना ज़रूरी है.