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पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आठ सीटों का गणित, जहां पहले चरण में होना है मतदान

ग्राउंड रिपोर्ट: 2014 के लोकसभा चुनाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सहारनपुर, कैराना, मुज़फ़्फ़रनगर, मेरठ, बागपत, ग़ाज़ियाबाद, गौतम बुद्ध नगर और बिजनौर सीटों पर भाजपा जीती थी. हालांकि, कैराना में हुए उपचुनाव में गठबंधन प्रत्याशी तबस्सुम हसन ने रालोद से जीत हासिल की थी. धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया की रिपोर्ट.

मायावती ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, लोगों की इच्छा अनुरूप मूर्तियों का निर्माण कराया

बसपा सुप्रीमो मायावती ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि मूर्तियों और स्मारकों के निर्माण के पीछे की मंशा जनता के बीच विभिन्न संतों, गुरुओं, समाज सुधारकों और नेताओं के आदर्शों का प्रचार करना है, न कि बसपा के चुनाव चिह्न का प्रचार या ख़ुद का महिमामंडन करना.

निषाद पार्टी का सपा से गठबंधन क्यों टूटा

सबसे बड़ा सवाल यह है कि निषाद पार्टी से सपा का गठबंधन टूटने से पूर्वी उत्तर प्रदेश की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा? भाजपा से निषाद पार्टी का गठजोड़ न तो निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं को पसंद आ रहा है और न भाजपाइयों को.

निषाद पार्टी ने सपा-बसपा-रालोद गठबंधन का साथ छोड़ा, पार्टी प्रमुख योगी आदित्यनाथ से मिले

समाजवादी पार्टी ने गोरखपुर से राम भुवाल निषाद को बनाया अपना प्रत्याशी. निषाद पार्टी के मीडिया प्रमुख के मुताबिक, समाजवादी पार्टी से उत्तर प्रदेश की महराजगंज लोकसभा सीट को लेकर मतभेद था.

Bengaluru: Samajwadi Party leader Akhilesh Yadav with Bahujan Samaj Party leader Mayawati wave at the crowd during the swearing-in ceremony of JD(S)-Congress coalition government, in Bengaluru, on Wednesday. (PTI Photo/Shailendra Bhojak) (PTI5_23_2018_000199B)

मुज़फ़्फ़रनगर दंगा: चुनावों की भेंट चढ़ती नैतिकता

मुज़फ़्फ़रनगर दंगों पर राजनीतिक रोटियां सबने सेंक लीं पर दंगा पीड़ितों को न्याय नहीं मिला. जो लोग तब सरकार चला रहे थे वे कहते हैं कि दंगे नहीं रोक सकते थे. तो अब सवाल यह है कि इस बार उन्हें क्यों चुना जाए?

लोकसभा चुनाव के सपा-बसपा गठबंधन में निषाद पार्टी समेत तीन अन्य दल शामिल

लोकसभा चुनाव राउंडअप: राहुल गांधी ने सूरतगढ़ में एक सभा में कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव दो विचारधाराओं की लड़ाई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो हिंदुस्तान बनाने की कोशिश कर रहे हैं जिसमें एक हिंदुस्तान अमीरों का और दूसरा गरीबों का होगा.

उत्तर प्रदेश: क्यों अपनों की जगह बसपा से आने वालों को तरजीह दे रही है भाजपा

लोकसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में प्रत्याशियों की पहली सूची आने के साथ ही भारतीय जनता पार्टी में घमासान मच गया है. पहली सूची में छह वर्तमान सांसदों का टिकट काटा गया है. उनकी जगह पार्टी ने बसपा से आने वाले नेताओं को अपना उम्मीदवार घोषित किया है.

बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए नेता की हत्या, बसपा विधायक के पति के ख़िलाफ़ केस दर्ज

मध्य प्रदेश के दमोह ज़िले का मामला. बीते 12 मार्च को बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए थे देवेंद्र चौरसिया. पथरिया से बसपा विधायक रामबाई के प​ति और देवर सहित सात लोगों के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज.

Gandhinagar: Congress General Secretary Priyanka Gandhi Vadra addresses a public meeting ahead of Lok Sabha elections, in Gandhinagar, Tuesday, March 12, 2019. (PTI Photo) (PTI3_12_2019_000096B)

पूर्वी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के लिए क्या संभावनाएं हैं?

पूर्वी उत्तर प्रदेश में अस्मिता की राजनीति सबसे अधिक तीखी है. पटेल, कुर्मी, राजभर, चौहान, निषाद, कुर्मी-कुशवाहा आदि जातियों की अपनी पार्टियां बन चुकी हैं और उनकी अपनी जातियों पर पकड़ बेहद मज़बूत है. कांग्रेस को इन सबके बीच अपने लिए कम से कम 20 फीसदी से अधिक वोटों को जुगाड़ करना होगा तभी वह यूपी में सम्मानजनक स्थान पा सकती है.

विपक्ष को मोदी के उग्र एजेंडा के जाल से बचना होगा

भाजपा ने आम चुनाव में राष्ट्रवाद और पाकिस्तान से ख़तरे को मुद्दा बनाने का मंच सजा दिया है. वो चाहती है कि विपक्ष उनके उग्रता के जाल में फंसे, क्योंकि विपक्षी दल उसकी उग्रता को मात नहीं दे सकते. विपक्ष को यह समझना होगा कि जनता में रोजगार, कृषि संकट, दलित-आदिवासी और अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अत्याचार जैसे मुद्दों को लेकर काफी बेचैनी है और वे इनका हल चाहते हैं.

बसपा किसी भी राज्य में कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं करेगी: मायावती

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि बसपा और सपा का गठबंधन आपसी सम्मान व पूरी नेक नीयत के साथ काम कर रहा है और भाजपा को परास्त करने की क्षमता रखता है.

बसपा के साथ कम सीटों पर समझौता करना चुनाव से पहले ही सपा की हार जैसा है

2019 के लोकसभा चुनाव में सपा अपनी स्थापना के बाद से सबसे कम सीटों पर लड़ेगी. एक तरह से वह बिना लड़े करीब 60 प्रतिशत सीटें हार गई है. सपा का बसपा से कम सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो जाना हैरान करता है.

हमारी पार्टी मज़बूत थी तो बसपा को आधी सीटें क्यों दी गईं: मुलायम सिंह यादव

मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन को लेकर अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि आख़िर किस आधार पर आधी सीटें बसपा को दी गईं. सपा के ही लोग पार्टी को कमजोर कर रहे हैं.

मीडिया बोल, एपिसोड 85: रफाल पर सवाल और मायावती बनाम मीडिया

मीडिया बोल की 85वीं कड़ी में उर्मिलेश रफाल विवाद और मायावती बनाम मीडिया पर कॉमन कॉज़ के निदेशक विपुल मुद्गल, पत्रकार स्मिता गुप्ता और अजय आशीर्वाद से चर्चा कर रहे हैं.