बॉम्बे हाईकोर्ट

रोना विल्सन के लैपटॉप में प्लांट किए गए थे ‘आपराधिक’ पत्र: यूएस डिजिटल फॉरेंसिक फर्म

एल्गार परिषद मामले में गिरफ़्तार सामाजिक कार्यकर्ता रोना विल्सन के कंप्यूटर से मिले पत्रों के आधार पर विल्सन समेत पंद्रह कार्यकर्ताओं पर विभिन्न गंभीर आरोप लगाए गए थे. अब मामले के इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणों की जांच करने वाले अमेरिकी फर्म का कहना है कि इन्हें एक साइबर हमले में विल्सन के लैपटॉप में डाला गया था.

एलगार परिषदः बॉम्बे हाईकोर्ट ने नवलखा की डिफॉल्ट ज़मानत याचिका ख़ारिज की

एनआईए अदालत ने जुलाई 2020 में एलगार परिषद मामले में आरोपी गौतम नवलखा की डिफॉल्ट ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी थी, जिसे चुनौती देते हुए उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में आपराधिक अपील दायर की थी.

एक व्यक्ति द्वारा पीड़िता का मुंह बंद करना, बिना हाथापाई उसके कपड़े उतरना असंभवः हाईकोर्ट

बाॅम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ की जस्टिस पुष्पा गनेडीवाला ने नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार के दो आरोपियों को यह कहते हुए बरी कर दिया था कि पीड़िता की गवाही आरोपी को अपराधी ठहराने का भरोसा कायम नहीं करती है. इसी पीठ ने लड़की के वक्षस्थल को छूने के एक आरोपी को यह कहते हुए बरी कर दिया था कि ‘त्वचा से त्वचा’ का संपर्क नहीं हुआ था.

नाबालिग का हाथ पकड़ना, पैंट की जिप खोलना पॉक्सो के तहत यौन हमला नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बीते 19 जनवरी को एक अन्य मामले में बाॅम्बे हाईकोर्ट की इसी पीठ ने अपने एक बेहद विवादित फैसले में कहा था कि त्वचा से त्वचा का संपर्क हुए बिना नाबालिग पीड़िता का स्तन स्पर्श करना, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण करने संबंधी अधिनियम (पॉक्सो) के तहत यौन हमला नहीं कहा जा सकता. इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट रोक लगा चुका है.

वरवरा राव को डिमेंशिया की बीमारी नहीं, उनकी ज़मानत याचिका ख़ारिज की जाए: एनआईए

जून 2018 में एल्गार परिषद मामले में गिरफ़्तार 82 वर्षीय तेलुगु कवि वरवरा राव इस समय नानावती अस्पताल में भर्ती हैं. मेडिकल आधार पर उन्हें ज़मानत देने की याचिका ख़ारिज करने का अनुरोध करते हुए मामले की जांच कर रहे एनआईए में कहा कि उनकी हालत स्थिर है.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

पाॅक्सो के तहत यौन उत्पीड़न के दोषी को बरी करने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने एक बच्ची के यौन उत्पीड़न के लिए पॉक्सो और आईपीसी के तहत दोषी ठहराए गए व्यक्ति को पॉक्सो से जुड़े मामले में बरी करते हुए कहा था कि स्किन टू स्किन कॉन्टैक्ट के बिना यौन हमला नहीं माना जा सकता. इस फैसले पर विवाद होने के बाद केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख़ कर फ़ैसले पर स्वतः संज्ञान लिया था.

यौन उत्पीड़न पर बॉम्बे हाईकोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करे महाराष्ट्र सरकार: एनसीपीसीआर

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ के एक बच्ची के यौन उत्पीड़न के लिए पॉक्सो और आईपीसी के तहत दोषी ठहराए गए व्यक्ति को पॉक्सो से बरी करने के फ़ैसले को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने ख़तरनाक बताया है, वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा है कि वे इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा.

महाराष्ट्रः छह सालों से सुनवाई के इंतज़ार में यूएपीए के तहत गिरफ़्तार कार्यकर्ता की हिरासत में मौत

छात्र अधिकारों के लिए काम करने वाली महाराष्ट्र के चंद्रपुर ज़िले की कार्यकर्ता कंचन नानवरे को माओवादी आंदोलन में कथित भागीदारी के लिए 2014 में गिरफ़्तार किया गया था. गंभीर बीमारियों से जूझ रहीं कंचन को ज़मानत नहीं दी गई और तबीयत बिगड़ने पर 16 जनवरी को अस्पताल में भर्ती किया गया.

बिना निर्वस्त्र किए बच्ची की छाती दबाने को यौन हिंसा नहीं कह सकते: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने एक बच्ची के यौन उत्पीड़न के लिए पॉक्सो और आईपीसी के तहत सत्र अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए व्यक्ति को पॉक्सो से बरी करते हुए कहा कि स्किन टू स्किन कॉन्टैक्ट के बिना यौन हमला नहीं माना जा सकता. कार्यकर्ताओं ने इस फ़ैसले को अपमानजनक और अस्वीकार्य बताया है.

इज़रायल के कवियों ने की वरवरा राव की रिहाई की मांग, कहा- जेलों को कवियों से नहीं भरा जाना चाहिए

इज़रायल में भारतीय राजदूत को भेजे गए पत्र में वहां के कवियों के एक समूह ने तेलुगु कवि और कार्यकर्ता वरवरा राव की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए कहा कि राव अपने साहसी शब्दों की वजह से कई बड़े कॉरपोरेट, शक्तिशाली और भ्रष्ट नेताओं के दुश्मन बन गए हैं.

हज़ारों बेटियों को उजड़ने से बचाने वाली सुधा को बेटी से दूर क़ैद में कैसा लगता होगा…

यूं तो बेटियां मांओं से बहुत जुड़ी होती ही हैं, मगर सुधा भारद्वाज की बेटी होना कोई आसान नहीं. बिना किसी अपराध के ढाई साल से ऊपर हुए मां जेल में है और बाहर मायशा अलग लड़ाई लड़ रही है.

हत्या और डक़ैती से अधिक गंभीर हैं ह्वाइट कॉलर अपराध: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी फ़र्ज़ी बिल दिखाकर जीएसटी से बचने की धोखाधड़ी करने वाले चार व्यवसायियों की याचिकाएं ख़ारिज करते हुए की. कोर्ट ने यह कहते हुए कि आवेदकों ने अनुचित अंतरिम राहत प्राप्त की, चारों याचिकर्ताओं को जीएसटी विभाग के पास 25-25 हजार रुपये जमा करने का आदेश दिया है.

एल्गार परिषद: वरवरा राव के वकील ने कहा- जेल अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं की कमी

तेलुगू कवि एवं कार्यकर्ता वरवरा राव के वकील का कहना है कि राव को किडनी समेत कई बीमारियां हैं. उन्हें एल्गार परिषद मामले में 28 अगस्त 2018 को गिरफ़्तार किया गया था.

अंतरधार्मिक रिश्ते के मामले में कोर्ट ने कहा, बालिग महिला को अपनी इच्छा से ज़िंदगी जीने का हक़

एक युवक ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि वे जिस युवती से विवाह करना चाहते हैं, उसके परिजन दोनों के अलग धर्मों के चलते इसके ख़िलाफ़ हैं और युवती को ज़बरदस्ती अपने साथ ले गए हैं. अदालत ने युवती से बात करने के बाद कहा कि वे बालिग हैं और अपनी इच्छा के अनुरूप शादी करने के लिए स्वतंत्र हैं.

सुशांत केस में रिपब्लिक और टाइम्स नाउ पर दिखाई गई कुछ ख़बरें ‘मानहानिकारक’ थीं: हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि मीडिया चैनल्स आत्महत्या के मामलों में ख़बरें दिखाते वक्त संयम बरतें क्योंकि मीडिया ट्रायल के कारण न्याय देने में हस्तक्षेप तथा अवरोध उत्पन्न होता है.