बोरिस जॉनसन

कोरोना संक्रमण: अमेरिका ने अपने नागरिकों को जल्द से जल्द भारत छोड़ने की सलाह दी

अमेरिका ने यात्रा परामर्श जारी करते हुए अमेरिकी नागरिकों से जल्द से जल्द भारत से निकलने के लिए कहा है. उसने कहा कि ऐसा करना सुरक्षित है क्योंकि भारत में कोविड-19 के मामले बढ़ने के बीच सभी तरह की चिकित्सीय देखभाल के संसाधन सीमित हो गए हैं.

कोविड-19: अमेरिका ने अपने नागरिकों को भारत यात्रा नहीं करने की सलाह दी

भारत में कोरोना वायरस के मामलों में तेज़ वृद्धि के मद्देनज़र ब्रिटेन ने भी भारत को उन देशों की ‘लाल सूची’ में डाल दिया, जिसके तहत ब्रिटिश और आइरिश नागरिकों के अलावा वहां आने वाले अन्य लोगों पर पाबंदी लगा दी गई है. प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी भारत की अपनी प्रस्तावित यात्रा रद्द कर दी है. हांगकांग, पाकिस्तान और न्यूज़ीलैंड भी भारत यात्रा पर प्रतिबंध लगा चुके हैं.

ब्रिटेन में सामने आया कोरोना वायरस का नया स्वरूप अधिक घातक: बोरिस जॉनसन

ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि पिछले वर्ष के अंत में ब्रिटेन में सामने आए कोरोना वायरस के नए स्वरूप के बारे में जो शुरुआती साक्ष्य मिले हैं, उनसे पता चला है कि वायरस का यह स्वरूप कहीं अधिक घातक हो सकता है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि देश में लगाए जा रहे दो तरह के टीके वायरस के सभी स्वरूपों के लिहाज़ से प्रभावी हैं.

क़रीब पांच दशक में पहली बार गणतंत्र दिवस पर कोई विदेशी शासनाध्यक्ष मुख्य अतिथि नहीं होगा

भारत ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया था. जॉनसन ने इस आमंत्रण को बड़े सम्मान की बात कहकर स्वीकार किया था, हालांकि कोविड-19 के नए स्वरूप के फैलने के कारण बीते पांच जनवरी को उन्होंने अपनी यात्रा रद्द कर दी थी.

कोरोना संकट के कारण ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने भारत में गणतंत्र दिवस का दौरा रद्द किया

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड के लिए मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था. कोरोना वायरस के नए स्वरूप का संक्रमण तेज़ी से फैलने के बाद ब्रिटेन में नए सिरे लॉकडाउन की घोषणा की गई है.

ब्रिटेन: कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के चलते राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा

कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के चलते ब्रिटेन में यह महामारी और भी ख़तरनाक रूप ले चुकी है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने मार्च 2020 में लगाए लॉकडाउन की तरह ही संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की है, जिसमें फरवरी माह के मध्य तक स्कूल और कारोबार बंद रहेंगे.

ब्रिटेन से लौटे 14 और लोग वायरस के नए स्ट्रेन से संक्रमित, कुल मामले बढ़कर 20 हुए

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, ब्रिटेन से भारत लौटे कुल 20 लोग सार्स-सीओवी-2 के नए स्वरूप से संक्रमित पाए गए हैं. नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि भारत- ब्रिटेन के बीच विमान सेवाएं सात जनवरी तक स्थगित रहेंगी, जिसके बाद कड़े नियमों के तहत इनका संचालन किया जाएगा.

ब्रिटेन से भारत लौटे छह लोगों में कोरोना वायरस का नया स्वरूप पाया गया

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि राज्य सरकारों ने इन सभी लोगों को चिह्नित स्वास्थ्य सेवा केंद्रों में क्वारंटीन कर दिया है और उनके संपर्क में आए लोगों को भी क्वारंटीन किया गया है.

ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया प्रकार मिला, भारत समेत कई देशों ने उड़ानों पर लगाई रोक

ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए प्रकार का पता चलने के बाद सोमवार को श्रेणी-4 के सख्त लॉकडाउन को लागू कर सभी अनावश्यक यात्राओं और कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. भारत में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार सतर्क है और घबराने की ज़रूरत नहीं है.

ब्रिटेन फाइज़र-बायोएनटेक कंपनी के कोविड-19 टीके को मंज़ूरी देने वाला पहला देश बना

अमेरिकी दवा कंपनी फाइज़र और जर्मन कंपनी बायोएनटेक ने साथ मिलकर कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ फाइज़र-बायोएनटेक टीके को विकसित किया है. वायरस की रोकथाम में इसके 95 फीसदी तक कारगर होने का दावा किया गया है. अगले सप्ताह से समूचे ब्रिटेन में टीका उपलब्ध कराया जाएगा.

कोरोना वायरस: विश्व में मौत का आंकड़ा 96 हज़ार के पार, देश में 199 लोगों की मौत

इटली में अब तक 100 डॉक्टरों समेत 18 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत. अमेरिका से 16 हज़ार से ज़्यादा लोगों की जान गई. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को आईसीयू से बाहर लाया गया. दक्षिण अफ्रीका ने लॉकडाउन का समय दो हफ्ते और बढ़ाया.

यूरोपीय यूनियन से 47 साल बाद अलग हुआ ब्रिटेन

ब्रिटेन में 23 जून 2016 को हुए जनमत संग्रह के दौरान जनता ने यूरोपीय यूनियन से अलग होने के समर्थन में मतदान किया था. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इसे एक नई सुबह क़रार दिया.

ब्रिटेन के आम चुनावों में बोरिस जॉनसन की पार्टी को स्पष्ट बहुमत

ब्रिटेन के आम चुनाव में कंज़र्वेटिव और लेबर पार्टियों के भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने शानदार जीत दर्ज की. इस बार भारतीय मूल के 15 सांसद जीते हैं, जो अब तक का सर्वाधिक है.