भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद

मांग के आधार पर कोविड-19 जांच की आईसीएमआर ने अनुमति दी

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने अपनी कोविड-19 जांच रणनीति की समीक्षा कर नया परामर्श जारी किया है. परिषद ने इस बात पर ज़ोर दिया कि कोविड जांच नहीं होने के आधार पर आपात सेवा में देरी नहीं की जानी चाहिए और गर्भवती महिला को जांच की सुविधा नहीं होने के आधार पर रेफर नहीं किया जाना चाहिए.

कोविड-19 वैक्सीन का न्यायसंगत और समान वितरण एक बड़ी चुनौती: सौम्या स्वामीनाथन

डब्ल्यूएचओ की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने एक सम्मेलन में कहा कि कोविड-19 वैक्सीन को दुनियाभर में न्यायसंगत तरीके से बांटना चुनौतीपूर्ण होगा. यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी देशों में समान वितरण हो, न कि किसी अमीर देश के पास ही अधिकाधिक वैक्सीन पहुंच जाएं.

मास्क न पहनने और दूरी बनाकर न रखने से भारत में बढ़ रहा है कोरोना: आईसीएमआर निदेशक

आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि ग़ैर-ज़िम्मेदार और कम जागरूक लोगों द्वारा कोविड-19 के मद्देनज़र बनाए गए नियमों का पालन न करने से देश में महामारी बढ़ रही है.

सीरो प्रीवलेंस अध्ययन: दिल्ली में क़रीब 23 प्रतिशत लोग कोविड-19 से प्रभावित

सीरो-सर्वेक्षण अध्ययनों में लोगों के ब्लड सीरम की जांच करके किसी आबादी या समुदाय में ऐसे लोगों की पहचान की जाती है, जिनमें किसी संक्रामक रोग के ख़िलाफ़ एंटीबॉडी विकसित हो जाती हैं. राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र ने दिल्ली सरकार के सहयोग से 27 जून से 10 जुलाई तक के बीच सीरो-प्रीवलेंस अध्ययन किया.

कोरोना: रैपिड टेस्ट की मंज़ूरी में देरी के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने आईसीएमआर को फटकारा

कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मौजूदा हालात को देखते हुए ज़रूरी शर्तों या प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए आईसीएमआर द्वारा दिया गया एक महीने का समय बहुत लंबा है.

अब कोविड-19 के लक्षण वाले हर व्यक्ति की होगी जांच: आईसीएमआर

आईसीएमआर ने कहा है कि कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने और लोगों की जान बचाने का एकमात्र तरीका है कि हम जांच करें, संक्रमण के कारण पता करें और फिर इलाज करें. देश में 23 जून तक 73.5 लाख से ज़्यादा नमूनों की जांच हुई है.

कोरोना को काबू में करने के लिए सभी राज्य परीक्षण क्षमता में इज़ाफ़ा करें: आईसीएमआर

आईसीएमआर की ओर से कहा गया है कि राज्य परीक्षण क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक क़दम उठाएं, ताकि लक्षण वाले हर व्यक्ति की जांच संभव हो पाए. इससे संक्रमण का जल्द पता लगाने और इसे रोकने में मदद मिलेगी और लोगों की ज़िंदगी बच पाएगी.

भारत में पांच साल तक के 68 फीसदी बच्चों की मौत की वजह जच्चा-बच्चा का कुपोषण: रिपोर्ट

इंडिया स्टेट लेवल डिज़ीज बर्डन इनिशिएटिव नामक अध्ययन रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2000 से भारत में पांच साल की उम्र तक के बच्चों में मृत्यु दर 49 प्रतिशत घटी है, लेकिन राज्यों के बीच इसमें छह गुना तक और ज़िलों में 11 गुना तक अंतर है.

कोरोना वायरस हॉटस्पॉट क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को संक्रमण की जांच करानी चाहिए: आईसीएमआर

चिकित्सा संस्थान आईसीएमआर ने विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा गर्भवती महिलाएं जिनमें संक्रमण के लक्षण नहीं हैं और वह बच्चे को जन्म देने वाली हैं तो उन्हें अस्पताल में इसकी जांच करानी चाहिए. इसके लिए नमूने जमा करने और प्रयोगशाला तक उसे भेजने की व्यवस्था होनी चाहिए.