भारतीय क्रिकेट टीम

डीडीसीए से नाराज़ बिशन सिंह बेदी बोले, फिरोजशाह कोटला से तुरंत नाम हटाएं, वरना क़ानूनी कार्रवाई

डीडीसीए ने पिछले दिनों इसके पूर्व अध्यक्ष अरुण जेटली की प्रतिमा फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में लगाने का निर्णय लिया था, जिसकी आलोचना करते हुए पूर्व क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी ने संघ की सदस्यता छोड़ दी थी. साथ ही उन्होंने स्टेडियम के एक स्टैंड से उनका नाम हटाने के लिए भी कहा था.

महेंद्र सिंह धोनी: पल दो पल का क़िस्सा नहीं, मक़बूल दास्तान

जनवरी 2017 में जबसे महेंद्र सिंह धोनी ने भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ी, तबसे करिअर के अंतिम ढाई सालों में उन्हें तारीफ़ से ज़्यादा आलोचना मिली. टीम के हर कमज़ोर प्रदर्शन के बाद उनके संन्यास के कयास लगने शुरू हो जाते, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि इन सालों में भी उनकी चमक फ़ीकी नहीं पड़ी थी.

धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 90 टेस्ट, 350 वनडे और 98 टी20 मैच खेलकर करीब 17,000 रन बनाए और विकेट के पीछे 829 खिलाड़ियों को पवेलियन भेजा है. 2007 में टी20 विश्व कप, 2011 वनडे विश्व कप और 2013 में उन्होंने चैंपियंस ट्राफी जीता है. वह एकमात्र क्रिकेट कप्तान हैं, जिसने आईसीसी के इन तीन ख़िताबों पर क़ब्ज़ा किया है. सुरेश रैना ने भी संन्यास की घोषणा की.

शेफाली वर्मा: भारतीय महिला क्रिकेट की नई पहचान

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में पहली बार भारतीय महिला क्रिकेट टीम आईसीसी टी-ट्वेंटी विश्वकप के फाइनल में है और इसका श्रेय 16 वर्षीय शेफाली वर्मा की बल्लेबाज़ी को जाता है. महज़ छह महीने पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आई शेफाली अपने शानदार प्रदर्शन के चलते दुनिया के उत्कृष्ट बल्लेबाज़ों की आईसीसी रैंकिंग में पहले स्थान पर पहुंच गई हैं.

क्रिकेट प्रेमी भारत में महिला टी20 क्रिकेट विश्वकप की चर्चा क्यों नहीं हो रही है?

आईसीसी की एकदिवसीय और ट्वेंटी-20 क्रिकेट की विभिन्न श्रेणियों को जोड़कर देखें तो 11 भारतीय महिला क्रिकेटर टॉप 10 रैंकिंग वाली हैं जबकि पुरुष क्रिकेटरों की संख्या महज 6 है. वर्तमान पुरुष क्रिकेटरों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन के बावजूद देश में महिला क्रिकेट को न दर्शकों से समुचित तवज्जो मिलती है न ही मीडिया से.

धोनी के साथ बीसीसीआई ने क़रार तोड़ा, पूर्व क्रिकेट कप्तान केंद्रीय अनुबंध सूची से बाहर

बीसीसीआई ने धोनी के अलावा दिनेश कार्तिक, ख़लील अहमद और अंबाती रायडु से भी क़रार ख़त्म कर लिया है. वहीं कप्तान विराट कोहली, उप-कप्तान रोहित शर्मा और तेज गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह ‘ए प्लस’ ग्रेड में बने हुए हैं, जिन्हें अनुबंध के तहत प्रति वर्ष सात करोड़ रुपये मिलते हैं.

विश्वकप टीम से बाहर किए गए अम्बाती रायुडू ने क्रिकेट से संन्यास लिया

अम्बाती रायुडू ने अब तक संन्यास लेने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है. बताया जा रहा है कि रायुडू को विश्वकप के लिए अधिकारिक स्टैंडबाय लिस्ट में रखा गया था, लेकिन ऑलराउंडर विजय शंकर के चोटिल होने के बाद उनकी जगह मयंक अग्रवाल को टीम में शामिल कर लिया गया.

युवराज सिंह: टीम में अपनी जगह बनाने के संघर्ष में ही पूरा करिअर बीत गया

विशेष रिपोर्ट: युवराज भले ही बड़े खिलाड़ी रहे लेकिन करिअर के शुरुआती दौर में उनका प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं था. विकल्पों के अभाव के चलते वे टीम में चुने जाते रहे. अगर कोई और दौर होता तो वे शायद करिअर के शुरुआती दौर में ही टीम से रुख़सत हो गए होते.

युवराज सिंह ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया, कहा- अब आगे बढ़ने का समय

मुंबई में अपने संन्यास की घोषणा करते हुए भावुक युवराज सिंह ने कहा कि इस खेल ने मुझे लड़ना सिखाया, मैंने जितनी सफलताएं अर्जित की उससे अधिक बार मुझे नाकामी मिली पर मैंने कभी हार नहीं मानी.

Mount Maunganui: Indian team players pose for photographs with the trophy as they jubilate after winning the ICC Under-19 Cricket World Cup finals in Mount Maunganui on Saturday. India beat Australia by eight wickets to win record fourth U-19 World Cup. (ICC via PTI Photo) (PTI2_3_2018_000096B)

आॅस्ट्रेलिया को हराकर भारत ने रिकॉर्ड चौथी बार जीता अंडर 19 विश्व कप

फाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से हराया. भारतीय टीम की जीत को कोच राहुल द्रविड़ के उम्दा प्रशिक्षण और समर्पण की भी जीत माना जा रहा है.

महेंद्र सिंह धोनी: भारतीय क्रिकेट की तस्वीर बदलने वाला खिलाड़ी

धोनी पर कई बार अपने चहेते खिलाड़ियों को टीम में लेने का आरोप लगा. लेकिन कप्तान विराट कोहली सहित टीम के कई मौजूदा खिलाड़ी मानते हैं कि उनकी सफलता में धोनी द्वारा उन पर दिखाए गए भरोसे का बड़ा हाथ है.

यह कहना कितना सही है कि क्रिकेट ने दूसरे खेलों का गला घोंटा है?

क्रिकेट में लाख अनियमितताओं के बावजूद खेल का स्तर बना रहा, जबकि अन्य खेल जो सरकार के अधीन रहे, वहां अनियमितताएं इस कदर हुईं कि खेल ही रसातल में चले गए.