भारतीय सिनेमा

‘हमें आज़ादी तो मिल गई है पर पता नहीं कि उसका करना क्या है’

आज़ादी के 74 साल: हमारी हालत अब भी उस पक्षी जैसी है, जो लंबी क़ैद के बाद पिंजरे में से आज़ाद तो हो गया हो, पर उसे नहीं पता कि इस आज़ादी का करना क्या है. उसके पास पंख हैं पर ये सिर्फ उस सीमा में ही रहना चाहता है जो उसके लिए निर्धारित की गई है.

Chennai: Tamil actor Rajinikanth gestures at an event where he unveiled a statue of former Tamil Nadu Chief Minister MG Ramachandran at Dr MGR Educational and Research Institute in Chennai on Monday. PTI Photo (PTI3_6_2018_000013B)

अभिनेता रजनीकांत को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से ठीक पहले यह घोषणा किए जाने के बारे में सवाल पूछने पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि यह फिल्म जगत से जुड़ा पुरस्कार है और रजनीकांत 50 साल से काम कर रहे हैं. व्यक्ति को उचित सवाल पूछना चाहिए.

भारत की पहली ऑस्कर पुरस्कार विजेता भानु अथैया का निधन

भानु अथैया ने पांच दशक के अपने लंबे करिअर में 100 से अधिक फिल्मों के लिए बतौर कॉस्ट्यूम डिज़ाइनर अपना योगदान दिया था. उन्हें गुलज़ार की​ फिल्म ‘लेकिन’ और आशुतोष गोवारिकर की फिल्म ‘लगान’ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका था.

‘दृश्यम’ और ‘मदारी’ जैसी फिल्मों के निर्देशक निशिकांत कामत का निधन

फिल्म निर्देशक और अभिनेता निशिकांत कामत को पिछले दो साल से लिवर सिरोसिस बीमारी थी. कामत ने साल 2005 में ‘डोंबिवली फास्ट’ से फिल्म निर्देशन का सफ़र शुरू किया था. इस फिल्म को मराठी भाषा में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है.

मशहूर कलाकार और हास्य अभिनेता जगदीप का निधन

जगदीप ने अपने 50 साल के करिअर में क़रीब 400 फिल्मों में काम किया. 1975 में आई फिल्म शोले के सूरमा भोपाली के उनके किरदार को प्रशंसक आज भी याद करते हैं. उनका डायलॉग ‘हमारा नाम सूरमा भोपाली एसे ही नहीं है’ काफी मशहूर है.

गिरीश कर्नाड: जिसने कल्पना और मिथकीय संसार के मोती के साथ वर्तमान को पिरोया

गिरीश कर्नाड के नाटकों में बेहद सुंदर संतुलन देखने को मिलता है, जहां वह भारत के तथाकथित स्वर्णिम अतीत या पौराणिक मिथक को कच्चे माल की तरह उपयोग तो करते हैं, पर उसके मूल में कोई समसामयिक समस्या या वर्तमान समाज के विरोधाभास ही निहित रहते हैं.

अमिताभ बच्चन को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार मिलने के मायने…

समय के साथ अमिताभ बच्चन ने सतत तरीके से अपने को नए-नए रंगों में ढाला है और जोखिम लेने से गुरेज़ नहीं किया. दूसरे प्रतिक्रिया दें, इससे पहले ही वे बदलाव की नब्ज़ पकड़ने में कामयाब रहे.

भारत की तरफ से ऑस्कर में भेजी गई फिल्म ‘गली बॉय’

‘गली बॉय’ के अलावा भारत की ओर से ऑस्कर के लिए फिल्म ‘बधाई हो’, ‘अंधाधुन’, ‘आर्टिकल 15’, ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’, ‘बदला’, ‘केसरी’ और ‘द ताशकंद फाइल्स’ होड़ में थीं.

अनुभव सिन्हा ने जातीय भेदभाव पर क्यों बनाई फिल्म आर्टिकल 15?

वीडियो: जातिगत भेदभाव पर आधारित फिल्म ‘आर्टिकल 15’ के निर्देशक अनुभव सिन्हा से आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

गिरीश कर्नाड: पड़ोसी से मार्गदर्शक और मार्गदर्शक से सहकर्मी तक…

गिरीश कर्नाड हमारे बीच से उतनी ही शांतिपूर्ण गरिमा और ईमानदारी के साथ विदा हो गए, जिस तरह से उन्होंने अपना जीवन जिया.

फिल्म संग्रहालय में फिल्मों की 31 हज़ार से अधिक रीलें खो गईं या नष्ट हो गईं: कैग रिपोर्ट

भारतीय राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार में भारतीय सिनेमा के 106 सालों से अधिक के इतिहास की फिल्में, वीडियो कैसेट्स, डीवीडी, किताबें, पोस्टर, चित्र, प्रेस क्लिपिंग, स्लाइड्स, ऑडियो सीडी, डिस्क रिकॉर्ड आदि शामिल हैं.

मृणाल सेन का सिनेमा संसार

मृणाल सेन का सिनेमा कलात्मक और बौद्धिक संवेदना का नायाब संयोजन था. वह चाहते थे कि सिनेमा उपेक्षितों के पास और सुदूर देहातों में पहुंचे. उन्हें ‘नए सिनेमा’ से यह उम्मीद थी. उनकी फिल्म देखने के बाद बहुत देर तक उसकी छवियां बेताल की तरह सिर पर नाचती रहती हैं.

रुदाली फिल्म की निर्देशक कल्पना लाजमी का निधन

फिल्म निर्देशक कल्पना लाजमी महिला प्रधान फिल्में बनाने के लिए जानी जाती थीं. पिछले एक साल से वह किडनी के कैंसर से प्रभावित थीं.

‘सैराट’ के निर्देशक नागराज मंजुले फिल्म के मुख्य कलाकारों के साथ राज ठाकरे की पार्टी में शामिल

मीडिया से बात करते हुए नागराज मंजुले ने बताया कि राज ठाकरे विज़न रखने वाले व्यक्ति हैं और राष्ट्र के बारे में सोचने वाले नेता हैं इसलिए वो उनके साथ हैं.