मन की बात

Ranchi: Jharkhand Mukti Morcha (JMM) executive president Hemant Soren addresses a press conference ahead of Jharkhand Assembly Elections, in Ranchi, Sunday, Sept. 15, 2019. (PTI Photo) (PTI9_15_2019_000038B)

कोविड-19 एक राष्ट्रीय समस्या, लेकिन राज्यों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया: हेमंत सोरेन

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यह राष्ट्रीय महामारी है या राज्य केंद्रित समस्या? केंद्र ने स्थिति को संभालने के लिए न तो हम पर छोड़ा है, न ही इसे ठीक से संभाल रहा है. हमें दवाएं आयात करने की अनुमति नहीं है, क्योंकि केंद्र अनुमति नहीं देता है.

पीएम के साथ कोविड बैठक में ग़ैर-भाजपाई मुख्यमंत्रियों को नहीं मिला बोलने का मौका: ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री ने न तो यह पूछा कि राज्य कोविड के हालात से किस तरह निपट रहा है और न ही उन्होंने टीकों तथा ऑक्सीजन के भंडार के बारे में पूछा. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि केंद्र सरकार के पास महामारी से निपटने की कोई उचित योजना नहीं है.

प्रधानमंत्री मोदी के 7 साल, बिना संवाद

वीडियो: साल 2014 में नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने थे. इसके बाद अक्टूबर 2014 से उन्होंने मन की बात कार्यक्रम शुरू किया था. सात साल हो गए प्रधानमंत्री ने लोगों से एकतरफा संवाद किया. पिछले सात साल में उन्होंने सिर्फ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया है.

Ranchi: Jharkhand Mukti Morcha (JMM) executive president Hemant Soren addresses a press conference ahead of Jharkhand Assembly Elections, in Ranchi, Sunday, Sept. 15, 2019. (PTI Photo) (PTI9_15_2019_000038B)

प्रधानमंत्री ने कोविड-19 को लेकर केवल अपने ‘मन की बात’ की: हेमंत सोरेन

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि बेहतर होता कि प्रधानमंत्री ‘काम की बात’ करते और ‘काम की बात’ सुनते. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना के लिए भाजपा नेताओं ने सोरेन पर आरोप लगाया कि उन्होंने संवैधानिक पद की गरिमा को धूमिल किया है.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi with BJP President Amit Shah during a press conference at the party headquarter in New Delhi, Friday, May 17, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI5_17_2019_000094B)

पांच साल में पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए मोदी, लेकिन किसी सवाल का जवाब नहीं दिया

जब एक पत्रकार ने सीधे प्रधानमंत्री से सवाल पूछा तो उन्होंने कहा, ‘हम तो डिसिप्लिन्ड सोल्जर हैं. पार्टी अध्यक्ष हमारे लिए सब कुछ होते हैं.’ शाह ने भी कहा कि प्रधानमंत्री को सवालों का जवाब देने की ज़रूरत नहीं है.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi waves at the crowd after attending the 70th Republic Day celebrations at Rajpath, in New Delhi, Saturday, Jan. 26, 2019. (PTI Photo/ Kamal Kishore)(PTI1_26_2019_000021B)

आज़ादी से 2014 तक जितने अंतरिक्ष अभियान हुए, लगभग उतने ही बीते चार वर्षों में शुरू हुए: मोदी

मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चाहे चक्रवात हो, या फिर रेल और सड़क सुरक्षा, देश अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग जानमाल की रक्षा में बख़ूबी कर रहा है.

मीडिया को नियंत्रित करने के लिए दक्षिण-वाम सब साथ हैं

साल दर साल भारत में मीडिया पर नियंत्रण और सेंसरशिप ख़त्म होने के बजाय बढ़ रही है. इस मामले में सभी राजनीतिक दल एक जैसे हैं. वे आज़ाद मीडिया की जगह नियंत्रित मीडिया को प्यार करते हैं.

मौन मोदी: प्रधानमंत्री को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से डर क्यों लगता है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के पूरा होने में करीब 16 महीने का वक़्त बाकी रह गया है. लेकिन उन्हें ख़ुद को और अपनी सरकार को स्वतंत्र प्रेस के प्रति जवाबदेह बनाने की ज़रूरत आज तक महसूस नहीं हुई है.

मैं आपसे अपने मन की बात नहीं कहूंगा बल्कि आपकी सुनूंगा: राहुल गांधी

गुजरात चुनाव राउंडअप: राहुल की पाटीदारों को पुलिस गोलीबारी की याद दिलाई, जीएसटी में बदलाव का वादा किया, जिग्नेश मेवानी ने कहा-कांग्रेस हमारी मांगों से सहमत.

मीडिया का काम सवाल पूछना है, न कि सत्ता से गलबहियां करना

मोदी की पहचान एक ‘संवाद में माहिर’ नेता की है, लेकिन कुर्सी पर बैठने के बाद से अब तक उन्होंने एक भी प्रेस कांफ्रेंस नहीं की है. किसी लोकतंत्र के प्रधानमंत्री द्वारा प्रेस कांफ्रेंस करना मीडिया पर किया जाने वाला एहसान नहीं है, बल्कि सरकार की ज़िम्मेदारी है.

हिंसा की राह पर चलने वाले किसी व्यक्ति या समूह को बख़्शा नहीं जाएगा: मोदी

आकाशवाणी पर प्रसारित मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आस्था के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं होगी.

नोटबंदी पर बनी बंगाली फिल्म ‘शून्योता’ पर सेंसर बोर्ड ने लगाई रोक

नोटबंदी पर बनी एक बंगाली फिल्म की रिलीज़ पर सीबीएफसी के कोलकाता स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ने रोक लगा दी है. इस फिल्म को मंज़ूरी देने के लिए सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष को भेजा गया है.

फिल्म से ‘मन की बात’ हटा दो, ये प्रधानमंत्री का शो है

साल 2008 में हुए अहमदाबाद बम विस्फोट पर बनी फिल्म ‘समीर’ के एक डायलॉग को लेकर सेंसर बोर्ड को आपत्ति है. फिल्म से प्रताड़ना और बम विस्फोट से जुड़े दृश्यों को भी हटाने को कहा गया है.