मरीज़ों की मौत

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ऑक्सीजन की आपूर्ति न होने से मौत आपराधिक कृत्य, नरसंहार से कम नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं उन ख़बरों पर दिया, जिनके मुताबिक ऑक्सीजन की कमी के कारण लखनऊ और मेरठ ज़िले में कोविड-19 मरीज़ों की जान गई थी. अदालत ने कहा कि हमें लगता है कि ये समाचार राज्य सरकार के उस दावे के बिल्कुल विपरीत तस्वीर दिखाते हैं कि प्रदेश में ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति है.

A patient wearing an oxygen mask is seen inside an ambulance waiting to enter a COVID-19 hospital for treatment, amidst the spread of the coronavirus disease (COVID-19) in Ahmedabad, India, April 25, 2021. REUTERS/Amit Dave

तमिलनाडु: सरकारी अस्पताल में 13 मरीज़ों की मौत, परिजनों ने ऑक्सीजन की कमी का आरोप लगाया

तमिलनाडु के चेंगलपट्टू स्थित सरकारी अस्पताल में जिन 13 मरीजों की मौत हुई उनकी उम्र 40 से 85 वर्ष के बीच थी. रातभर में हुईं इन मौतों से इलाके के लोगों में दहशत है और मृतकों के परिजनों में आक्रोश है, जिन्होंने मौत की वजह ऑक्सीजन की कमी को बताया है. हालांकि अस्पताल प्रशासन ने इससे इनकार किया है.

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ऑक्सीजन आपूर्ति: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के ख़िलाफ़ हाईकोर्ट की अवमानना कार्यवाही पर रोक लगाई

दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा केंद्र सरकार के अधिकारियों के ख़िलाफ़ शुरू की गई अवमानना की कार्यवाही पर रोक लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों को जेल में डालने से ऑक्सीजन दिल्ली नहीं आने वाली है.

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कम ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर केंद्र पर अवमानना कार्यवाही क्यों नहीं की जाए: हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र द्वारा दिल्ली में ऑक्सीजन आपूर्ति के आदेश को अमल में न लाने का कारण बताने को कहते हुए कहा आप शुतुरमुर्ग की तरह रेत में सिर छिपा सकते हैं, हम ऐसा नहीं करेंगे.

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केंद्र से बेहतर ऑक्सीजन वितरण आईआईटी और आईआईएम कर लेंगे: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी में चल रहे ऑक्सीजन संकट को लेकर एक बार फिर केंद्र की खिंचाई की और कहा कि ऑक्सीजन वितरण का काम केंद्र से बेहतर तो आईआईटी और आईआईएम कर लेंगे. अदालत ने यह भी जानने की कोशिश की कि देश भर में कोविड-19 संकट से निपटने के लिए सेना को तैनात करने के लिए केंद्र की क्या योजनाएं हैं.

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मरीज़ को निवास प्रमाण-पत्र के आधार पर अस्पताल में भर्ती से इनकार नहीं किया जा सकता: अदालत

कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के मद्देनज़र सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को यह निर्देश दिया कि वह दो हफ़्ते के भीतर अस्पताल में मरीज़ों को भर्ती करने की राष्ट्रीय नीति बनाए. इधर, हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि कोविड-19 संबंधी दवाएं और उपकरण आदि अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से ज़्यादा पर न बेचे जाएं.

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ऑक्सीजन आपूर्ति संबंधी अवमानना कार्रवाई आदेश वापस लेने के लिए केंद्र ने अदालत से अनुरोध किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा था कि केंद्र सुनिश्चित करे कि दिल्ली को आवंटित मात्रा 490 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिले और चेतावनी दी थी कि इसमें असफल होने पर वह अवमानना की कार्यवाही कर सकती है. केंद्र की ओर से कहा गया है कि उसके अधिकारी कड़ी मेहनत कर रहे हैं. ऐसे आदेशों से उनके मनोबल पर ग़लत प्रभाव पड़ेगा.

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यूपी में जंगलराज: ऑक्सीजन की कमी के शिकायत करने पर जेल जाते-जाते बचा अमेठी का युवा

वीडियो: उत्तर प्रदेश के अमेठी शहर के एक युवा द्वारा अपने नाना के लिए ऑक्सीजन की मांग की गई तो उसके ख़िलाफ़ केस दर्ज करा दिया है. इस घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े किए हैं.

शिवराज सिंह चौहान. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर राज्य सरकार को लगाई फटकार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि अख़बारों में प्रकाशित ख़बरों के अनुसार पिछले दो हफ़्तों में ऐसी तमाम घटनाएं हुई हैं, जिसमें ऑक्सीजन आपूर्ति में बाधा और ऑक्सीजन की कमी की वजह से लोगों ने जान गंवा दी. इस बीच राज्य के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने दावा किया कि अब प्रदेश में चिकित्सकीय ऑक्सीजन संबंधी कोई दिक्कत नहीं है.

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पानी सिर के ऊपर से गुज़र चुका है, केंद्र दिल्ली को 490 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आपूर्ति करे: अदालत

दिल्ली हाईकोर्ट की पीठ ने कहा कि केंद्र सुनिश्चित करे कि दिल्ली को आवंटित मात्रा 490 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिले और चेतावनी दी कि इसमें असफल होने पर वह अवमानना की कार्यवाही कर सकती है. इस बीच केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि दिल्ली का दैनिक ऑक्सीजन कोटा बढ़ाकर 590 मीट्रिक टन कर दिया गया है. वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि रोज़ाना 976 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता है.

पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर में एक रैली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह. (फोटो: पीटीआई)

कोविड: वैज्ञानिकों ने कहा- केंद्र ने वायरस के वैरिएंट्स से जुड़ी चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया

भारत सरकार द्वारा स्थापित वैज्ञानिक सलाहकारों के एक मंच के चार वैज्ञानिकों ने कहा है कि वायरस के नए प्रकारों के विषय में चेतावनी के बाद भी केंद्र द्वारा कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए प्रमुख प्रतिबंध लगाने के बारे में कुछ नहीं किया गया.

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दिल्ली: बत्रा अस्पताल ने कहा, ऑक्सीजन की कमी से डॉक्टर समेत 12 कोविड मरीज़ों की मौत

मृतक डॉक्टर की पहचान 62 वर्षीय डॉ. आरके हिमथानी के रूप में हुई है. वह बत्रा अस्पताल के गैस्ट्रोएंटेराइटिस विभाग के प्रमुख थे. कोरोना वायरस महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच देश के विभिन्न अस्पतालों में कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी से मौत होने मामले लगातार सामने आ रहे हैं.

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अदालत ने केंद्र से पूछा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को मांग से अधिक पर दिल्ली को कम ऑक्सीजन क्यों

केंद्र की ओर से पेश हुए सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि केंद्र सरकार अदालत के सवाल पर हलफ़नामा देगी और मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र को अधिक ऑक्सीजन देने का कारण बताएगी. इस बीच केंद्र ने राज्यों से शुक्रवार को कहा कि वे उपलब्ध ऑक्सीजन को महत्वपूर्ण वस्तु की तरह लें और निजी अस्पतालों समेत सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन की खपत की समीक्षा करवाएं.

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कोविड-19: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा, ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना केंद्र का काम

ऑक्सीजन टैंकरों को विभिन्न राज्यों द्वारा रोकने के संबंध में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य सहित हर राज्य से यह अपेक्षा की जाती है कि वह ऑक्सीजन की आवाजाही को बाधित न करें. ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से अस्पतालों में समय पर ऑक्सीजन की आपूर्ति में बाधा आ सकती है, जो संकट के इस समय में जीवन बचाने के लिए महत्वपूर्ण है.

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ऑक्सीजन की कमी से मरने वालों को मुआवज़ा देना होगा, ज़िम्मेदारी राज्य की है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को ऑक्सीजन की कमी के कारण अस्पतालों के नर्सिंग होम में हुईं मौतों के संबंध में रिपोर्ट दाख़िल करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने यह निर्देश भी दिया कि वह ऑक्सीजन सिलेंडरों और कोविड रोगियों के इलाज से जुड़ीं महत्वपूर्ण दवाओं की कालाबाज़ारी रोके तथा ऑक्सीजन वितरण से जुड़े मुद्दे का समाधान करे.