मरीज

रेमडेसिविर इंजेक्शन. (फोटो साभार: फेसबुक/Hospital Moinhos de Vento)

कमी के बावजूद रेमडेसिविर इंजेक्शन फिल्म कलाकारों और नेताओं को कैसे मिल जा रहा है: हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट में दाख़िल याचिका में कहा गया है कि लोगों और राजनेताओं आदि का एक समूह है जो मनमाने ढंग से मरीज़ों को रेमडेसिविर वितरित कर रहा है. ट्वीट करने के कुछ घंटों के भीतर लोगों तक इंजेक्शन पहुंच जा रहे हैं. इस पर पीठ ने सरकार से पूछा कि उनके आदेशों का पालन क्यों नहीं किया जाता है?

(फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19: कोर्ट ने केंद्र से अस्पतालों में भर्ती के लिए राष्ट्रीय नीति बनाने के बारे में पूछा

भर्ती के मामलों में अस्पतालों द्वारा मरीज़ों से की जा रही मनमानी और अन्यायपूर्ण व्यवहार के मद्देनज़र सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है. अदालत को बताया गया था कि कोविड-19 संक्रमित मरीज़ों से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कुछ अस्पताल स्थानीय पते का प्रमाण मांग रहे हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

ऐसा लगता है केंद्र चाहता है लोग मरते रहें: रेमडेसिविर को लेकर नए प्रोटोकॉल पर दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी की भरपाई के लिए प्रोटोकॉल ही बदल दिया है. यह सरासर कुप्रबंधन है. इसके अलावा अदालत ने दिल्ली सरकार ने कहा है कि वह कोरोना ऐप में संशोधन पर विचार करे और ऐप में यह जानकारी दी जाए कि कौन से बिस्तर ऑक्सीजन से लैस हैं और कौन से नहीं हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

कोविड-19 के इलाज के नाम पर लोगों का शोषण नहीं होना चाहिए: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और मध्य प्रदेश नर्सिंग होम एसोसिएशन के सदस्यों ने अधिक फ़ीस लेने से बचने को कहा है. अदालत ने कोविड-19 मरीज़ों के इलाज से संबंधित दर का निर्धारण कर इसका प्रचार-प्रसार करने का निर्देश राज्य सरकार को दिया है.

A doctor of aid group, Doctors of the World, writes a prescription for an immigrant who lives in an abandoned building in Athens | Yorgos Karahalis/Reuters

उड़ीसा हाईकोर्ट का सरकार को निर्देश, सुनिश्चित करें कि डॉक्टर पढ़ने लायक दवा का पर्चा लिखें

उड़ीसा हाईकोर्ट ने कहा है कि चिकित्सा पेशवर, चिकित्सा-क़ानूनी मामलों में शामिल डॉक्टर अपनी जांच और टिप्पणी पढ़ने लायक लिखें, इसके लिए उनमें जागरूकता लाने के लिए उचित क़दम उठाए जाएं.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली: एम्बुलेंस में मरीज़ों को पर्याप्त ऑक्सीजन दे पाना बना चुनौती

दिल्ली में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां एम्बुलेंस में रोगी को गंभीर हालत में लेकर परिजन कई घंटों और किलोमीटर तक विभिन्न अस्पतालों में भटकते रहे. ऐसे में एम्बुलेंस में उपलब्ध महज़ एक ऑक्सीजन सिलेंडर मरीज़ की मदद के लिए नाकाफ़ी साबित हो रहा है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

यूपी: दो गर्भवती महिलाओं को इलाज न मिलने पर मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार को नोटिस भेजा

नोएडा में बीते दिनों नौ महीने की गर्भवती महिला के इलाज के लिए परिवार वाले 13 घंटे तक अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे, पर इलाज न मिलने पर एंबुलेंस में ही महिला की मौत हो गई. एक अन्य मामले में गर्भवती महिला ने समय पर इलाज न मिलने पर अस्पताल के बाहर फुटपाथ पर मृत बच्चे को जन्म दिया था.

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दिल्ली: कोरोना वायरस के समय में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज़ किस हाल में हैं?

वीडियो: कोरोना वायरस के समय में राजधानी दिल्ली के एम्स में अपना इलाज करे रहे दूसरी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज़ों का हाल.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

लॉकडाउन: कैंसर और अन्य बीमारियों के सैकड़ों मरीज बिना इलाज के सफदरजंग और एम्स के बाहर फंसे

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सफदरजंग अस्पताल और एम्स के बाहर देश के कोने-कोने से आए ऐसे सैकड़ों लोग असहाय स्थिति में फंसे हुए हैं और कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के कम होने का इंतजार कर रहे हैं. ये कैंसर, किडनी तथा हृदय संबंधी रोगों एवं ऐसी अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आए थे.

योगी आदित्यनाथ. (फोटो साभार: फेसबुक/MYogiAdityanath)

उत्तर प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं खस्ताहाल, बिना बिजली-पानी के चल रहे हैं अस्पताल

लोकसभा में स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार देश भर में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है. कई राज्यों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सकों की कमी से जूझते हुए बिजली, पानी, शौचालय आदि जैसी बुनियादी सुविधाओं के बगैर काम कर रहे हैं.

Hospital PTI File

बिल का भुगतान न होने पर मरीज़ को रोककर रखना ग़ैरक़ानूनी: बॉम्बे हाईकोर्ट

अदालत ने कहा कि अस्पताल बकाया बिल वसूलने के लिए क़ानूनी तरीके अपना सकते हैं. साथ ही सरकार को ऐसे रोगियों को संरक्षण देने की प्रणाली बनानी चाहिए.