महाभियोग प्रस्ताव

New Delhi: Chief Justice of India Justice Dipak Misra and CJI-designate Justice Ranjan Gogoi during the launch of SCBA Group Life Insurance policy, at the Supreme court lawns, in New Delhi, Tuesday, Sep 26, 2018. (PTI Photo/ Shahbaz Khan) (PTI9_26_2018_000111B)

सीजेआई ने सीबीआई को इलाहाबाद हाईकोर्ट के मौजूदा जज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अनुमति दी

मेडिकल कॉलेज रिश्वत मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस एसएन शुक्ला पर आरोप है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ के आदेशों का कथित उल्लंघन करते हुए एक निजी कॉलेज को 2017-18 के शैक्षणिक सत्र में छात्रों का एडमिशन लेने की अनुमति दी थी.

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज को हटाने के लिए सीजेआई ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस एसएन शुक्ला पर आरोप है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ के आदेशों का कथित उल्लंघन करते हुए एक निजी कॉलेज को 2017- 18 के शैक्षणिक सत्र में छात्रों को नामांकन देने की अनुमति दी थी.

न्यायपालिका की स्वतंत्रता को ख़तरा महाभियोग से नहीं, सत्तापक्ष के दख़ल से है

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के ख़िलाफ़ महाभियोग लाया गया तो ऐसा माहौल बना जैसे ऐसा करने से जनता का न्याय से विश्वास उठ जाएगा और लोकतंत्र ख़तरे में पड़ जाएगा.

हम भी भारत, एपिसोड 31: चीफ जस्टिस के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव

हम भी भारत की 31वीं कड़ी में आरफ़ा ख़ानम शेरवानी देश के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के ख़िलाफ़ विपक्ष के महाभियोग प्रस्ताव और उसे ख़ारिज किए जाने पर वरिष्ठ पत्रकार विनोद शर्मा और पूर्व सॉलिसिटर जनरल विकास सिंह से चर्चा कर रही हैं.

महाभियोग प्रस्ताव पर राज्यसभा के सभापति निर्णय नहीं ले सकते: कांग्रेस

महाभियोग प्रस्ताव ख़ारिज होने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया कि यह लोकतंत्र को ख़ारिज करने वालों और लोकतंत्र को बचाने वालों के बीच की लड़ाई है.

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव को उपराष्ट्रपति ने ख़ारिज किया

कांग्रेस के नेतृत्व में सात विपक्षी दलों की ओर से लाए गए महाभियोग प्रस्ताव को ख़ारिज करते हुए उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति ने कहा कि न्यायमूर्ति के ख़िलाफ़ लगाए गए आरोप न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कमतर आंकने वाले हैं.

सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के कार्यरत जज को उसके पद से हटाना आसान नहीं है

संविधान में किसी कार्यरत जज को उसके पद से हटाए जाने की प्रक्रिया बेहद जटिल है. संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित प्रस्ताव के आधार पर राष्ट्रपति ही उन्हें हटा सकते हैं.

मुख्य न्यायाधीश के निलंबन के बाद नेपाल में गहराया सियासी संकट

मुख्य न्यायाधीश के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव लाए जाने के बाद राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी ने नेपाल की प्रचंड सरकार से समर्थन वापस ले लिया है.