महामारी की दूसरी लहर

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कोरोना वैक्सीन पर सरकार के झूठ का पर्दाफ़ाश

वीडियो: बीते 30 मई को केंद्र सरकार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिये जून महीने के लिए कोविड-19 टीकाकरण योजना की जानकारी दी थी. केंद्र ने बताया ​था कि जून में टीके के 12 करोड़ डोज़ उपलब्ध होंगे. इनमें से 6.1 करोड़ डोज़ केंद्र सरकार के कोटे से होंगे वहीं 5.9 करोड़ डोज़ राज्य सरकारों और निजी अस्पतालों की सीधी ख़रीद से उपलब्ध होंगे.

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कोरोना टीकाकरण में लापरवाही, सुप्रीम कोर्ट की फ़टकार के बाद क्या सुधरेगी सरकार?

वीडियो: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की कोविड टीकाकरण नीति को ‘प्रथम दृष्टया मनमानापूर्ण एवं अतार्किक’ क़रार दिया है, जिसमें पहले दो चरणों में संबंधित समूहों को टीके की मुफ़्त खुराक दी गई और अब राज्यों एवं निजी अस्पतालों को 18-44 साल आयु वर्ग के लोगों से शुल्क वसूलने की अनुमति दी गई है.

योग गुरु रामदेव. (फोटो: पीटीआई)

रामदेव के एलोपैथी बयान के विरोध में डॉक्टर करेंगे देशव्यापी प्रदर्शन, बंगाल में भी शिकायत दर्ज

एलोपैथी पर योग गुरु रामदेव की टिप्पणी से नाराज़ रेजिडेंट डॉक्टरों के एसोसिएशन के परिसंघ ने कहा है कि वे एक जून को देशभर में प्रदर्शन करेंगे. उन्होंने रामदेव से बिना शर्त के सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगने को भी कहा है. इसी बयान पर आईएमए की पश्चिम बंगाल इकाई ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है.

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एलोपैथी विवाद: टीवी पर रामदेव को डांटने वाले डॉ. जयेश लेले का क्या कहना है…

वीडियो: रामदेव ने एलोपैथिक दवाओं पर अपने बयान को भले ही वापस ले लिया, लेकिन विवाद अभी ख़त्म होता नहीं दिख रहा है. बीते दिनों इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के महासचिव डॉ. जयेश लेले ने एक टीवी बहस के दौरान रामदेव को फ़टकार लगाई थी. डॉ. लेले से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

New Delhi: Baba Ramdev during Bharatatma Ashokji Singhal Vedik Puraskar 2018 award function, in New Delhi, Tuesday, Sept. 25, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI9_25_2018_000186B)

एलोपैथी बयान पर रामदेव के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज, पतंजलि ने कहा- मानहानि नोटिस का क़रारा जवाब देंगे

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने दिल्ली के आईपी स्टेट थाने में दर्ज करवाई गई शिकायत में कहा कि रामदेव ने कोविड-19 की स्थिति का लाभ उठाने के लिए एलोपैथिक दवाओं और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के अन्य संबद्ध उपचार तकनीकों के बारे में भ्रामक और ग़लत बयानबाज़ी की है.

योग गुरु बाबा रामदेव (फोटो: पीटीआई)

आईएमए की मांग, रामदेव पर राजद्रोह का केस हो, रामदेव ने कहा- उनके बाप भी नहीं कर सकते अरेस्ट

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि कोविड-19 के एलोपैथिक इलाज के ख़िलाफ़ दुष्प्रचार वाला अभियान चलाने के लिए रामदेव पर तत्काल राजद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए. संगठन ने रामदेव को मानहानि का नोटिस भी भेजा है. इस बीच रामदेव का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें वो कथित तौर पर कह रहे हैं कि उनके बाप भी उन्हें गिरफ़्तार नहीं कर सकते हैं.

योग गुरु रामदेव. (फोटो: पीटीआई)

आईएमए की उत्तराखंड इकाई ने रामदेव को हज़ार करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (उत्तराखंड) ने रामदेव से एलोपैथी बयान पर लिखित माफ़ी की मांग की और कहा कि 15 दिन के अंदर ऐसा न होने पर 50 लाख रुपये प्रति आईएमए सदस्य की दर से उनसे हज़ार करोड़ रुपये का मुआवज़ा मांगा जाएगा. एसोसिएशन ने यह भी कहा कि रामदेव सभी अपमानजनक आरोपों का खंडन करते हुए वीडियो बनाकर उन सभी मंचों पर डालें, जहां पिछला क्लिप प्रसारित हुआ था.

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डॉक्टर-मरीज़ों की खिल्ली उड़ाकर क़ानून से ऊपर क्यों हैं रामदेव?

वीडियो: बीते दिनों रामदेव एलोपैथी को ऐसी स्टुपिड और दिवालिया साइंस बताया था. इस पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन सहित कई संगठनों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को पत्र लिखकर कहा था कि रामदेव के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए. इस संबंध में हर्षवर्धन ने रामदेव को एक पत्र लिखा था, जिसके बाद उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया था.

Patna: Yog guru Baba Ramdev addresses a press conference ahead of the Lok Sabha election 2019, in Patna, Friday, April 26, 2019. (PTI Photo)(PTI4_26_2019_000025B)

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के पत्र के बाद रामदेव ने बयान वापस लिया, कहा- विवाद पर अफ़सोस

रामदेव द्वारा एलोपैथी को स्टुपिड और दिवालिया साइंस कहने पर मेडिकल बिरादरी ने कड़ा विरोध जताया था. बयान को वापस लेते हुए रामदेव ने कहा कि उन्होंने आयुर्वेद और योग का उपयोग करके भी महामारी के दौरान कई लोगों की जान बचाई है, इसका भी सम्मान किया जाना चाहिए.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

‘सरकार द्वारा वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और डॉक्टरों की अनदेखी देश को पड़ रही है भारी’

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. राजन शर्मा ने कहा कि पिछले अनुभव से कोई सीख न लेने और चुनाव के दौरान लापरवाही बरतने तथा धार्मिक आयोजनों पर समय रहते रोक न लगाए जाने जैसे कारक भी दूसरी लहर के घातक प्रसार के लिए ज़िम्मेदार हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में विशेषज्ञों की लगातार अनदेखी एक बहुत बड़ा जुर्म है.

फरवरी 2021 में कोरोनिल को लॉन्च करने के कार्यक्रम में रामदेव के साथ केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और नितिन गडकरी. (फोटो साभार: फेसबुक)

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने रामदेव से एलोपैथी पर आपत्तिजनक टिप्पणी वापस लेने के लिए कहा

एक वीडियो का हवाला देते हुए देश में डॉक्टरों की शीर्ष संस्था इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने कहा था कि रामदेव कह रहे हैं कि ‘एलोपैथी एक स्टुपिड और दिवालिया साइंस है’ इस पर आईएमए सहित कई संस्थाओं ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को पत्र लिखकर कहा था कि रामदेव के ख़िलाफ़ महामारी अधिनियम के तहत मुक़दमा चलाना चाहिए, क्योंकि ‘अशिक्षित’ बयान देश के शिक्षित समाज के लिए एक ख़तरा है, साथ ही ग़रीब लोग इसका शिकार हो रहे हैं.

फरवरी 2021 में कोरोनिल को लॉन्च करने के कार्यक्रम में रामदेव के साथ केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और नितिन गडकरी. (फोटो साभार: फेसबुक)

आईएमए, एम्स सहित कई संस्थाओं ने एलोपैथी पर रामदेव के बयान के लिए कार्रवाई की मांग की

सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे एक वीडियो का हवाला देते हुए भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने कहा कि रामेदव कह रहे हैं कि ‘एलोपैथी एक स्टुपिड और दिवालिया साइंस है’. आईएमए, एम्स आरडीए, दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन समेत कई अस्पतालों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को पत्र लिखकर रामदेव के ख़िलाफ़ महामारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है.

डॉ. प्रदीप बिजलवान. (फोटो साभार: theindiaforum.in)

निशुल्क इलाज देने वाले डॉ. प्रदीप बिजलवान का बिना इलाज के गुज़र जाना व्यवस्था पर सवाल है

क्या पैसे, शोहरत और सुरक्षा की परवाह किए बगैर चुपचाप समाज के सबसे वंचित तबके की मदद करने वाले डॉ. प्रदीप बिजलवान के अस्पताल और ऑक्सीजन की जद्दोजहद के बीच गुज़र जाने के कोई मायने हैं? क्या वे भी उस सरकारी रिकॉर्ड में मौत का महज़ एक आंकड़ा बनकर रह जाएंगे, जिसमें आज की तारीख़ में लगभग दो लाख मौतें दर्ज हैं?

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कोरोना मरीज़ों-डॉक्टरों का मज़ाक उड़ाने पर आईएमए उपाध्यक्ष ने रामदेव के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज करवाई

हाल ही में सोशल मीडिया वायरल हुए एक वीडियो में योग गुरु रामदेव कहते दिख रहे थे कि चारों तरफ ऑक्सीजन ही ऑक्सीजन का भंडार है, लेकिन मरीज़ों को सांस लेना नहीं आता है और वे नकारात्मकता फैला रहे हैं कि ऑक्सीजन की कमी है. इस बारे में आईएमए के उपाध्यक्ष डॉ. नवजोत सिंह दहिया ने जालंधर पुलिस में शिकायत दर्ज कर उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.