मोदी सरकार

प्रकाश जावड़ेकर. (फोटो साभार: फेसबुक/PrakashJavadekarOfficial)

सरकार के बारे में बेहतर धारणा बनाने संबंधी कार्यशाला में शामिल हुए केंद्रीय कर्मचारी: रिपोर्ट

यह कार्यशाला ऐसे समय आयोजित की गई है, जब कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण संक्रमण और मौत के मामलों बेतहाशा वृद्धि दर्ज की जा रही है. इसे लेकर केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. इसका आयोजन सरकारी मंच माईजीओवी (MyGov) की ओर से किया गया, जिसमें केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी हिस्सा लिया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: narendramodi.in)

नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री होने का नैतिक अधिकार खो चुके हैं

कोविड महामारी के इस भीषण संकट के समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जबावदेही का यही एक काम कर सकते हैं कि वे अपनी कुर्सी छोड़ दें.

अदार पूनावाला. (फोटो: रॉयटर्स)

टीका बनाना विशिष्ट प्रक्रिया, रातों-रात उत्पादन क्षमता नहीं बढ़ाई जा सकती: अदार पूनावाला

टीकों की बढ़ती मांग के बीच कोविशील्ड बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के अदार पूनावाला ने कहा कि भारत की आबादी बहुत बड़ी है और सभी वयस्कों के लिए पर्याप्त खुराक का उत्पादन करना कोई आसान काम नहीं है. उन्होंने कहा कि कंपनी उत्पादन बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और अगले कुछ महीनों में 11 करोड़ टीकों की आपूर्ति की जाएगी.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

मरीज़ को निवास प्रमाण-पत्र के आधार पर अस्पताल में भर्ती से इनकार नहीं किया जा सकता: अदालत

कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के मद्देनज़र सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को यह निर्देश दिया कि वह दो हफ़्ते के भीतर अस्पताल में मरीज़ों को भर्ती करने की राष्ट्रीय नीति बनाए. इधर, हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि कोविड-19 संबंधी दवाएं और उपकरण आदि अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से ज़्यादा पर न बेचे जाएं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

ऑक्सीजन आपूर्ति संबंधी अवमानना कार्रवाई आदेश वापस लेने के लिए केंद्र ने अदालत से अनुरोध किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा था कि केंद्र सुनिश्चित करे कि दिल्ली को आवंटित मात्रा 490 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिले और चेतावनी दी थी कि इसमें असफल होने पर वह अवमानना की कार्यवाही कर सकती है. केंद्र की ओर से कहा गया है कि उसके अधिकारी कड़ी मेहनत कर रहे हैं. ऐसे आदेशों से उनके मनोबल पर ग़लत प्रभाव पड़ेगा.

WhatsApp Image 2021-04-29 at 00.10.30 (1)

यूपी में जंगलराज: ऑक्सीजन की कमी के शिकायत करने पर जेल जाते-जाते बचा अमेठी का युवा

वीडियो: उत्तर प्रदेश के अमेठी शहर के एक युवा द्वारा अपने नाना के लिए ऑक्सीजन की मांग की गई तो उसके ख़िलाफ़ केस दर्ज करा दिया है. इस घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े किए हैं.

अदार पूनावाला. (फोटो: रॉयटर्स)

कोविड टीका आपूर्ति का भारी दबाव, ताक़तवर लोग धमका रहे थे: अदार पूनावाला

देश में कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान टीके की बढ़ती मांग के बीच लंदन पहुंचे सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा कि वे दबाव के चलते देश से बाहर गए हैं. उन्होंने कहा कि सब उनके कंधों पर आ पड़ा है, जो उनके वश की बात नहीं है. उन्होंने भारत के बाहर वैक्सीन निर्माण की व्यावसायिक योजनाओं के संकेत दिए हैं.

शिवराज सिंह चौहान. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर राज्य सरकार को लगाई फटकार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि अख़बारों में प्रकाशित ख़बरों के अनुसार पिछले दो हफ़्तों में ऐसी तमाम घटनाएं हुई हैं, जिसमें ऑक्सीजन आपूर्ति में बाधा और ऑक्सीजन की कमी की वजह से लोगों ने जान गंवा दी. इस बीच राज्य के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने दावा किया कि अब प्रदेश में चिकित्सकीय ऑक्सीजन संबंधी कोई दिक्कत नहीं है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

पानी सिर के ऊपर से गुज़र चुका है, केंद्र दिल्ली को 490 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आपूर्ति करे: अदालत

दिल्ली हाईकोर्ट की पीठ ने कहा कि केंद्र सुनिश्चित करे कि दिल्ली को आवंटित मात्रा 490 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिले और चेतावनी दी कि इसमें असफल होने पर वह अवमानना की कार्यवाही कर सकती है. इस बीच केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि दिल्ली का दैनिक ऑक्सीजन कोटा बढ़ाकर 590 मीट्रिक टन कर दिया गया है. वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि रोज़ाना 976 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता है.

पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर में एक रैली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह. (फोटो: पीटीआई)

कोविड: वैज्ञानिकों ने कहा- केंद्र ने वायरस के वैरिएंट्स से जुड़ी चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया

भारत सरकार द्वारा स्थापित वैज्ञानिक सलाहकारों के एक मंच के चार वैज्ञानिकों ने कहा है कि वायरस के नए प्रकारों के विषय में चेतावनी के बाद भी केंद्र द्वारा कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए प्रमुख प्रतिबंध लगाने के बारे में कुछ नहीं किया गया.

New Delhi: AICC spokesperson Randeep Singh Surjewala addresses a press conference in New Delhi on Thursday. PTI Photo by Ravi Choudhary (PTI4_19_2018_000111B)

कांग्रेस ने कहा- मतगणना के दौरान टीवी पर किसी चुनावी चर्चा में हिस्सा नहीं लेंगे

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि देश में कोरोना वायरस की गंभीर स्थिति के मद्देनज़र पार्टी के प्रवक्ता विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद टीवी चैनलों पर होने वाली परिचर्चा हिस्सा नहीं लेंगे. असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, पुदुचेरी और केरल के विधानसभा चुनाव की मतगणना जारी है.

(फोटो: रॉयटर्स)

कोविड टीकाकरण: आम आदमी की ज़िंदगी के प्रति भारत सरकार इतनी बेपरवाह क्यों है

टीकाकरण अगर सफल होना है तो उसे मुफ़्त होना ही होगा, यह हर टीकाकरण अभियान का अनुभव है, तो भारत में ही क्यों लोगों को टीके के लिए पैसा देना पड़ेगा? महामारी की रोकथाम के लिए टीका जीवन रक्षक है, फिर भारत सरकार के लिए एक करदाता के जीवन का महत्त्व इतना कम क्यों है कि वह इसके लिए ख़र्च नहीं करना चाहती?

कोवैक्सीन और कोविशील्ड. (फोटो: रॉयटर्स)

कोर्ट ने केंद्र की टीकाकरण नीति पर सवाल उठाए, कहा- निर्माताओं पर न छोड़ें टीके की क़ीमत-वितरण

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की कोविड-19 टीकाकरण नीति पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि हमें राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के मॉडल को क्यों नहीं अपनाना चाहिए? केंद्र सौ प्रतिशत का अधिग्रहण क्यों नहीं कर सकता, निर्माताओं की पहचान करें और उनके साथ बातचीत करें और फिर राज्यों को वितरित करें.

(फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19: कोर्ट ने केंद्र से अस्पतालों में भर्ती के लिए राष्ट्रीय नीति बनाने के बारे में पूछा

भर्ती के मामलों में अस्पतालों द्वारा मरीज़ों से की जा रही मनमानी और अन्यायपूर्ण व्यवहार के मद्देनज़र सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है. अदालत को बताया गया था कि कोविड-19 संक्रमित मरीज़ों से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कुछ अस्पताल स्थानीय पते का प्रमाण मांग रहे हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

दिल्ली: बत्रा अस्पताल ने कहा, ऑक्सीजन की कमी से डॉक्टर समेत 12 कोविड मरीज़ों की मौत

मृतक डॉक्टर की पहचान 62 वर्षीय डॉ. आरके हिमथानी के रूप में हुई है. वह बत्रा अस्पताल के गैस्ट्रोएंटेराइटिस विभाग के प्रमुख थे. कोरोना वायरस महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच देश के विभिन्न अस्पतालों में कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी से मौत होने मामले लगातार सामने आ रहे हैं.