मोहम्मद अली जिन्ना

पाकिस्तान ने शादमान चौक का नाम बदलकर भगत सिंह चौक किया

शादमान चौक पर 23 मार्च 1931 को अंग्रेजी हुकूमत ने क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी पर चढ़ाया था. उस दौरान यह चौक एक जेल का हिस्सा था.

जिन्ना को आरोपों से बरी करने का वक़्त आ गया है

यह सही है कि विभाजन से भारतीय मुसलमानों का सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ, लेकिन इसके लिए जिन्ना या मुस्लिम लीग को क़सूरवार ठहराना इतिहास का सही पाठ नहीं है.

मीडिया बोल, एपिसोड 48: एएमयू में जिन्ना विवाद और मीडिया

मीडिया बोल की 48वीं कड़ी में उर्मिलेश अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मुहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर हुए विवाद और उसकी मीडिया कवरेज पर वरिष्ठ पत्रकार सबा नक़वी और प्रोफेसर सलिल मिश्रा से चर्चा कर रहे हैं.

अपने-अपने जिन्ना

भारतीय राजनीति में जिन्ना के बरक्स अगर किसी दूसरे व्यक्तित्व को खड़ा किया जा सकता है तो वो हैं वीर सावरकर. संयोग नहीं है कि अपनी ज़िंदगी के पहले हिस्से की उपलब्धियों को अपनी बाद की ज़िंदगी में धो डालने वाले यह दोनों नेता विभाजन के द्विराष्ट्र सिद्धांत के पैरोकार थे.

Aligarh: Aligarh Muslim University's Women's College joined in a protest with university students during a protest at the gate of their campus in Aligarh on Thursday. PTI Photo (PTI5_3_2018_000172B)

अलीगढ़ ज़िले में इंटरनेट सेवाओं पर रोक, एएमयू में छात्रों का धरना जारी

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में मुहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर हुए विवाद को देखते हुए प्रशासन ने उठाया क़दम. ज़िले में धारा 144 भी लागू.

‘एएमयू पर हमला करने वाले याद रखें कि सावरकर ने जिन्ना की मुस्लिम लीग के साथ गठबंधन किया था’

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में इतिहास के प्रोफेसर मोहम्मद सज्जाद का कहना है कि सरकार की तरह एएमयू इतिहास को अपने हिसाब से तोड़ने-मरोड़ने में विश्वास नहीं रखता.