मौजपुर

फोटो: शोम बसु

दिल्ली की सांप्रदायिक हिंसा के लिए नरेंद्र मोदी की राजनीति ज़िम्मेदार है

दिल्ली की हिंसा का कोई ‘हिंदू’ या ‘मुस्लिम’ पक्ष नहीं है, बल्कि यह लोगों को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की एक घृणित सियासी चाल है. 2002 के दंगों ने भाजपा को गुजरात में अजेय बना दिया. गुजरात मॉडल के इस बेहद अहम पहलू को अब दिल्ली में उतारने की कोशिश ज़ोर-शोर से शुरू हो गई है.

Delhi Violence

दिल्ली दंगों के दौरान पुलिस को देखकर लगा मानो उसे लकवा मार गया हो: पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह

साक्षात्कार: बीते रविवार से दिल्ली में शुरू हुए दंगे की आग में अब तक 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 300 से अधिक लोग घायल हैं. इस दौरान दिल्ली पुलिस की भूमिका पर लगातार उठ रहे सवालों पर पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह से विशाल जायसवाल की बातचीत.

नई दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में आकाश नापा. (फोटो: श्रृष्टि श्रीवास्तव)

दिल्ली दंगों के दौरान जिस पत्रकार को गोली लगी, वो किस हाल में है?

विशेष रिपोर्ट: उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों की कवरेज के लिए गए एक स्थानीय चैनल के संवाददाता आकाश नापा को गोली लगी है. वे जीटीबी अस्पताल में भर्ती हैं.

Guest wait to board the first underground metro train after its inauguration by Prime Minister Manmohan Singh, in New Delhi, December 19, 2004. The technology used to run the metro system is so advanced there is no possibility of a train wreck, the chief of the project has claimed. New Delhi aims to have 62 kilometres of track running by December 2005 with a capacity of two million passengers a day. REUTERS/Kamal Kishore  KK/LA

राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर भगवाधारी समूह ने लगाया ‘देश के गद्दारों को, गोली मारो…’ का नारा

भगवा रंग की टी-शर्ट और कुर्ते पहने पांच से छह व्यक्तियों ने उस समय नारे लगाने शुरू कर दिए जब ट्रेन राजीव चौक स्टेशन पर रुकने ही वाली थी. ट्रेन से उतरने के बाद भी इन लोगों ने सीएए के समर्थन में और ‘देश के गद्दारों को, गोली मारो…’ जैसे नारे लगाए. सीआईएसएफ के जवानों ने इन व्यक्तियों को रोककर उन्हें दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस. (फोटो: रॉयटर्स)

दिल्ली हिंसा पर यूएन चीफ ने कहा- महात्मा गांधी के विचारों की पहले से कहीं अधिक जरूरत है

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि दिल्ली के उत्तर पूर्व इलाके में सांप्रदायिक हिंसा में अनेक लोगों के हताहत होने से संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ‘बहुत दुखी’ हैं और उन्होंने हिंसा के मामले में अधिकतम संयम बरतने की अपील की है.

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‘मेरी दाढ़ी-टोपी की वजह से मुझ पर हमला हुआ’

वीडियो: बीत दिनों दिल्ली के उत्तर पूर्वी हिस्से में भड़की हिंसा में 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और तीन सौ से ज़्यादा लोग घायल हैं. इस दौरान चांद बाग के मोहम्मद ज़ुबैर भी दंगाइयों की बर्बरता का शिकार बने और खून में लथपथ उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं. ज़ुबैर से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

पूर्व सीजेआई केजी बालाकृष्णन. (फोटो: पीटीआई)

जस्टिस मुरलीधर का तबादला आदेश जारी करते हुए सावधानी बरतनी चाहिए थी: पूर्व सीजेआई बालकृष्णन

केंद्र सरकार ने बीते 26 फरवरी को दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस एस. मुरलीधर के तबादले का आदेश जारी किया था. उसी दिन जस्टिस मुरलीधर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कथित घृणा भाषण देने के लिए तीन भाजपा नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने में दिल्ली पुलिस की नाकामी को लेकर ‘नाराजगी’ जाहिर की थी.

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‘राजनीतिक दबाव के चलते दंगा रोकने में नाकाम हुई दिल्ली पुलिस’

वीडियो: बीते रविवार से दिल्ली में शुरू हुए दंगे की आग में अब तक 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 300 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं. इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय से लेकर दिल्ली पुलिस तक पूरा प्रशासनिक महकमा मूकदर्शक बना रहा. दंगा रोकने में नाकाम रही दिल्ली पुलिस पिछले कुछ समय से अपनी कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवालों के घेरे में है. सांप्रदायिकता, दंगा और पुलिस की भूमिका पर पूर्व आईपीएस अधिकारी और ‘शहर में कर्फ्यू’ के लेखक विभूति नारायण राय से विशाल जायसवाल की बातचीत.

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दिल्ली हिंसा के दौरान सीलमपुर ने पेश की हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल

वीडियो: उत्तरी पूर्वी दिल्ली में दंगे भड़कने के एक दिन बाद सांप्रदायिकता की आगे के बीच इस क्षेत्र का सीलमपुर शांति का माहौल बनाए रखने में कामयाब रहा. सीलमपुर जे ब्लॉक के स्थानीय लोगों से सृष्टि श्रीवास्तव की बातचीत.

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दिल्ली हिंसा के दौरान क्या था खजूरी ख़ास इलाके का हाल

वीडियो: उत्तर पूर्वी दिल्ली में बीते दिनों हुई हिंसा के दौरान खजूरी ख़ास क्षेत्र भी प्रभावित हुआ है. मंगलवार को क्षेत्र में हुई हिंसा के बाद वहां के स्थानीयों से सृष्टि श्रीवास्तव की बातचीत.

New Delhi: Azra Khatun weeps as she waits to receive the body of her newphew Ashfaq Hussain (22), who was killed during communal violence in northeast Delhi area over the amended citizenship law, outside the mortuary of GTB hospital in New Delhi, Thursday, Feb 27, 2020. The death toll in the communal violence has reached 32 on Thursday. (PTI Photo/Vijay Verma)(PTI2_27_2020_000069B)

‘मरने वाला हिंदू हो या मुसलमान, था तो किसी का बच्चा ही’

वीडियो: दिल्ली में हुई हालिया हिंसा में जान गंवाने वालों में एक गर्भवती महिला के ऑटो ड्राइवर पति, एक नवविवाहित युवक, एक इलेक्ट्रिशियन, एक ड्राईक्लीनर जैसे लोग शामिल हैं. जीटीबी अस्पताल के बाहर से पीड़ितों से बातचीत.

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दिल्ली दंगा: पत्रकारों पर हुए हमले की आपबीती

वीडियो: दिल्ली में दंगाइयों ने विभिन्न मीडिया संस्थानों के कई पत्रकारों को निशाना बनाया. एक पत्रकार को गोली मार दी गई, कई घायल हुए और महिला पत्रकारों को उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा. इस बारे में द वायर के पत्रकारों- अजय आशीर्वाद, नाओमी बार्टन और अविचल दुबे से धीरज मिश्रा की बातचीत.

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दिल्ली की हिंसा को हिंदू या मुसलमान मत कहिए

वीडियो: उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा में मारे गए लोगों की संख्या 40 से अधिक हो गई है. इस बारे में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद का नज़रिया.

फोटो: पीटीआई

दिल्ली दंगों में जान गंवाने वाले लोग कौन हैं?

उत्तर पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा में जान गंवाने वालों की संख्या 40 से अधिक हो गई है. दिल्ली के कई अस्पतालों में 300 से अधिक घायलों का इलाज जारी है. जान गंवाने वालों में एक गर्भवती महिला के ऑटो ड्राइवर पति, एक नवविवाहित युवक, सिविल सेवा की परीक्षाओं की तैयारी कर रहा छात्र, एक बढ़ई जैसे लोग शामिल हैं.