मौलिक अधिकार

(फोटो: रॉयटर्स)

खेती के लिए सिंचाई में किसी भी तरह की बाधा पैदा करना मौलिक अधिकार का उल्लंघन: इलाहाबाद हाईकोर्ट

खेत में सिंचाई के लिए ट्यूबवेलों में बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट की पीठ ने यह टिप्पणी की. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज़िला मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया कि क्षेत्र के ट्यूबवेलों का रखरखाव के साथ-साथ लगातार बिजली मुहैया कराई जानी चाहिए.

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हमारा संविधान: न्याय की देवी और मौलिक अधिकार

वीडियो: हमारा संविधान की इस कड़ी में अधिवक्ता अवनि बंसल न्याय की देवी के बारे में जानकारी दे रही हैं. उनके हाथ में तलवार, तराजू और आंख पर काली पट्टी बंधी होना क्या दर्शाता है? मौलिक अधिकार क्यों संविधान द्वारा लाई गई सामाजिक क्रांति का प्रतीक हैं और क्यों इनकी बहुत महत्ता है?

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हमारा संविधान: अनुच्छेद 13- कोई भी क़ानून जो मौलिक अधिकारों से विरोधाभास है अमान्य हो जाएगा

वीडियो: भारत के संविधान का अनुच्छेद 13 कहता है कि कोई भी क़ानून, अध्यादेश, आदेश, नियम, प्रथा- जो संविधान के लागू होने से पहले से अस्तित्व में है या बाद में बनाया गया हो- यदि वह भाग तीन में दिए गए मौलिक अधिकारों से किसी भी प्रकार से विरोधाभास दर्शाता है या उनका हनन करता है तो ऐसे क़ानून को अमान्य माना जाएगा.

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हमारा संविधान: क्या कहता है संविधान का अनुच्छेद 12

वीडियो: संविधान का अनुच्छेद 12 भाग तीन के लिए ‘राज्य’ को परिभाषित करता है. संसद, विधानसभा, नगर निकायों के साथ कौन-सी अन्य संस्थाएं है, जिनके ख़िलाफ़ नागरिक मौलिक अधिकारों के हनन के लिए अदालत जा सकते है. इस अनुच्छेद और संबंधित फैसलों के बारे में बता रही हैं अवनि बंसल.

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: मुनव्वर फ़ारूक़ी के दो और साथियों को हाईकोर्ट से सशर्त अंतरिम ज़मानत मिली

हिंदू देवी-देवताओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के विवाद से जुड़े हास्य कार्यक्रम के आयोजन में शामिल होने के दो और आरोपियों को जमानत मिलने के साथ अब मामले के सभी छह आरोपियों को अलग-अलग अदालतों से अंतरिम जमानत मिल चुकी है.

मुनव्वर फारूकी. (फोटो साभार: यूट्यूब)

रिहाई के बाद मुनव्वर फ़ारूक़ी ने कहा, ‘मुझे उस बात के चलते खरोंच आई, जो मैंने की तक नहीं’

धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में पैंतीस दिन जेल में बिताकर आए स्टैंड-अप कॉमेडियन मुनव्वर फ़ारूक़ी ने रिहाई के बाद जारी अपने पहले वीडियो में कहा कि वे हमेशा दर्शकों को हंसाकर उन्हें ख़ुश करना चाहते हैं और उनका यह इरादा कभी नहीं रहा कि उनके चुटकुलों से किसी का भी दिल दुखे.

मुनव्वर फारूकी. (फोटो साभार: फेसबुक)

100 से अधिक कलाकारों ने मुनव्वर फ़ारूक़ी और चार अन्य पर लगे आरोप ख़ारिज करने की अपील की

स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फ़ारूक़ी और चार अन्य को हिंदू देवताओं और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के ख़िलाफ़ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में बीते एक जनवरी को इंदौर से गिरफ़्तार किया गया था. फ़ारूक़ी को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम ज़मानत मिलने के बाद छह फरवरी की रात को रिहा किया गया था.

मुनव्वर फारूकी. (फोटो साभार: फेसबुक)

इंदौर: देर रात सुप्रीम कोर्ट के जज की कॉल के बाद हुई मुनव्वर फ़ारूक़ी की रिहाई

केंद्रीय जेल प्रशासन ने इलाहाबाद की एक अदालत के जारी पेशी वॉरंट का हवाला देते हुए फारुकी की रिहाई में शनिवार देर शाम असमर्थता जताई थी. हालांकि देर रात सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश ने इंदौर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को फोन किया और उन्हें अपलोड किए गए आदेशों के लिए वेबसाइट देखने और उसका अनुपालन करने के लिए कहा.

मुनव्वर फारूकी. (फोटो साभार: फेसबुक)

सुप्रीम कोर्ट से मुनव्वर फ़ारूक़ी को मिली अंतरिम ज़मानत, यूपी पुलिस की गिरफ़्तारी से भी संरक्षण

स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फ़ारूक़ी को जनवरी में हिंदू देवताओं के ख़िलाफ़ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में इंदौर में गिरफ़्तार किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि उनकी गिरफ़्तारी में 2014 में दिए सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया गया था.

मुनव्वर फारूकी. (फोटो साभार: फेसबुक)

मध्य प्रदेश: हाईकोर्ट ने मुनव्वर फ़ारूक़ी और नलिन यादव की ज़मानत याचिका ख़ारिज की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फ़ारूक़ी की ज़मानत याचिका यह कहते हुए ख़ारिज कर दी कि ज़मानत देने का कोई आधार नहीं बनता है. फ़ारूक़ी को इस महीने की शुरुआत में हिंदू देवताओं के ख़िलाफ़ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था.

मुनव्वर फारूकी. (फोटो साभार: फेसबुक)

मुनव्वर फ़ारूक़ी को जेल में रखना मौलिक स्वतंत्रता की गंभीर अवहेलनाः पीयूडीआर

स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फ़ारूक़ी को इस महीने की शुरुआत में हिंदू देवताओं के ख़िलाफ़ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है. पीपुल्स यूनियन फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स ने कहा कि यह मामला मौलिक स्वतंत्रता की उपेक्षा और इसे बनाए रखने में न्यायपालिका के विफलता का प्रतीक है.

A Hindu devotee takes a ritual dip in the polluted Yamuna river in New Delhi March 21, 2010. The Earth is literally covered in water, but more than a billion people lack access to clean water for drinking or sanitation as most water is salty or dirty. March 22 is World Water Day. REUTERS/Danish Siddiqui (ENVIRONMENT)

साफ़ जल नागरिकों का मौलिक अधिकार, शासन यह सुनिश्चित करने को बाध्य: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने यमुना नदी में प्रदूषण से संबंधित दिल्ली जल बोर्ड की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान देशभर की नदियों में प्रदूषण की न्यायिक समीक्षा का दायरा बढ़ाते हुए केंद्र सरकार, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और दिल्ली तथा हरियाणा सहित पांच राज्यों को नोटिस जारी किया है.

(फोटो साभार: seelatest.com)

हिमाचल प्रदेशः नए धर्मांतरण क़ानून में वहीं प्रावधान, जिन्हें 2012 में हाईकोर्ट ने ख़ारिज किया था

साल 2012 में हिमाचल प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार बीते दिनों लागू हुए नए धर्मांतरण विरोधी क़ानून जैसा एक क़ानून लाई थी, जिसे हाईकोर्ट द्वारा असंवैधानिक और मौलिक अधिकारों का हनन बताते हुए उस पर रोक लगा दी गई थी.

जस्टिस मदन बी. लोकुर. (फोटो साभार: फेसबुक/National Commission for Protection of Child Rights)

यूपी के धर्मांतरण रोधी क़ानून में कई ख़ामियां हैं, ये अदालत में नहीं टिक पाएगाः जस्टिस लोकुर

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मदन बी. लोकुर ने सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस साल जैसा कार्य किया, उससे निश्चित तौर पर कहीं बेहतर किया जा सकता था. पिछले कुछ वर्षों में सामाजिक न्याय का विचार ठंडे बस्ते में चला गया है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन हमें इसके साथ जीना होगा.

इलाहाबाद हाईकोर्ट परिसर. (फोटो: पीटीआई)

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने धर्मांतरण विरोधी क़ानून के तहत आरोपी की गिरफ़्तारी पर रोक लगाई

उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर का मामला. मुस्लिम युवक के ख़िलाफ़ पहले से शादीशुदा महिला से शादी करने को लेकर धर्मांतरण विरोधी क़ानून के तहत मामला दर्ज किया गया था. इलाहाबाद हाईकोर्ट का कहा कि महिला वयस्क हैं और वह अपना भला-बुरा अच्छी तरह समझती हैं.