यूरोप

विमानन कंपनियों का नुकसान इस साल 118.5 और अगले साल 38.7 अरब डॉलर रहने का अनुमान: आईएटीए

बीते जून महीने में विमानन कंपनियों के वैश्विक संगठन अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात संघ ने कंपनियों को 2020 में 84.3 अरब डॉलर और 2021 में 15.1 अरब डॉलर का नुकसान होने का अनुमान लगाया था.

New Delhi: Commuters drive through heavy smog, a day after Diwali celebrations, in New Delhi, Thursday, Nov 08, 2018. According to the officials, Delhi recorded its worst air quality of the year the morning after Diwali as the pollution level entered 'severe-plus emergency' category due to the rampant bursting of toxic firecrackers. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI11_8_2018_000035B)

दुनियाभर में कोविड-19 से हुई 15 प्रतिशत मौतों का संबंध वायु प्रदूषण से: अध्ययन

जर्मनी के मैक्स प्लांक रसायन विज्ञान संस्थान के अध्ययन में कहा गया है कि वायु प्रदूषण और कोविड-19 मृत्यु दर के बीच सीधे जुड़ाव को नहीं दिखता, लेकिन वायु प्रदूषण के कारण इस बीमारी की गंभीरता बढ़ने और स्वास्थ्य संबंधी अन्य जोखिमों के बीच प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष संबंध देखा गया है.

कोविड-19: ब्रिटेन में नए आंकड़े जारी, अब तक 32 हज़ार से अधिक की मौत, यूरोप में सर्वाधिक प्रभावित

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय से जारी साप्ताहिक आंकड़ों में इंग्लैंड और वेल्स में 7 हज़ार से ज़्यादा मौतों को जोड़ा गया है, जिसके चलते पूरे ब्रिटेन में हुई मौतों की संख्या 32,313 हो गई है. सरकार अब तक अपने दैनिक आंकड़ों में सिर्फ अस्पतालों में होने वाली मौतों को ही जोड़ती आ रही थी.

अमेरिका: भारत वापसी की इच्छा रखने वालों से भारतीय दूतावास ने संपर्क करना शुरू किया

आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार देशभर में 3 मई तक लागू लॉकडाउन समाप्त होने के बाद खाड़ी देशों एवं अन्य क्षेत्रों में फंसे हजारों भारतीयों को वापस लाने के लिए नौसेना के पोतों के बेड़े के अलावा सैन्य एवं वाणिज्यिक विमानों को तैनात करने की वृहद योजना पर काम कर रही है.

कोरोनाः एम्स की सभी ओपीडी सेवाएं अस्थाई तौर पर बंद

दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ने कहा है कि ओपीडी के लिए नियमित पंजीकरण की प्रक्रिया भी रोक दी गई है. अब सिर्फ आपातकालीन सर्जरी ही की जा रही हैं.

कोरोना वायरस से निपटने के लिए लॉकडाउन पर्याप्त नहींः डब्ल्यूएचओ

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि कोरोना की वैक्सीन को बाजार में आने में कम से कम एक साल का समय लग सकता है. लॉकडाउन हटने के बाद वायरस तेजी से न फैले इसके लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर और दुरुस्त करने की जरूरत है.

फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति जैक शिराक का निधन

जैक शिराक पहले ऐसे नेता थे, जिन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यहूदी नरसंहार में फ्रांस की भूमिका को स्वीकार किया था और 2003 में इराक़ पर अमेरिकी हमले का विरोध किया था.

दलाई लामा ने महिलाओं पर की गई टिप्पणी के लिए माफी मांगी

बीबीसी से एक साक्षात्कार में महिला उत्तराधिकारी के सवाल पर दलाई लामा ने कहा था कि अगर मेरे बाद कोई महिला दलाई लामा बनती है तो उस महिला को आकर्षक होना चाहिए.

अगर मेरे बाद दलाई लामा कोई महिला बने तो वह आकर्षक होनी चाहिए: दलाई लामा

बीबीसी से एक साक्षात्कार में महिला उत्तराधिकारी के सवाल पर दलाई लामा ने कहा कि अगर कोई महिला लामा आती हैं और वो खुश दिखती हैं तो लोग भी उन्हें देखकर खुश होंगे और अगर कोई महिला लामा दुखी दिखती हैं तो लोग उन्हें देखना पसंद नहीं करेंगे.

फिलिस्तीनियों को उनके हाल पर छोड़ दिया जाना हिंसा के प्रति दुनिया की बेपरवाही का सबूत है

फिलीस्तीन के ज़ख़्म से ख़ून धीरे-धीरे रिस रहा है, लेकिन वह हमारी आत्माओं को नहीं छूता. जिस तरह दुनिया का हर मुल्क इस्राइल के साथ गलबहियां करने में एक दूसरे से प्रतियोगिता कर रहा है, उससे यह साबित होता है कि फिलिस्तीनियों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है.

क्या गांधी नस्लवादी थे?

उम्र के दूसरे दशक में गांधी निस्संदेह एक नस्लवादी थे. वे सभ्यताओं के पदानुक्रम यानी ऊंच-नीच में यक़ीन करते थे, जिसमें यूरोपीय शीर्ष पर थे, भारतीय उनके नीचे और अफ्रीकी सबसे निचले स्थान पर. लेकिन उम्र के तीसरे दशक तक पहुंचते-पहुंचते उनकी टिप्पणियों में अफ्रीकियों के भारतीयों से हीन होने का भाव ख़त्म होता गया.

सीएनएन ट्रंप के सामने खड़ा हो सकता है, तो भारतीय मीडिया सत्ता से सवाल क्यों नहीं कर सकता?

भारत के ज़्यादातर पत्रकार आज़ाद नहीं हैं बल्कि मालिक के अंगूठे के नीचे दबे हैं. वह मालिक, जो राजनेताओं के सामने दंडवत रहता है.

लंबे समय से वेदांता का इतिहास जनविरोधी गतिविधियों का ही रहा है

वेदांता की छवि हमेशा से ही पर्यावरण और मानवाधिकारों का उल्लंघन करने वाली कंपनी की रही है. दिलचस्प ये है कि कंपनी नरेंद्र मोदी सरकार के ‘विकास एजेंडा’ के झंडाबरदारों में से एक है.

श्रीकांत वर्मा: क्या कहूं आज जो नहीं कही, दुख ही जीवन की कथा रही

श्रीकांत वर्मा के साहित्य में जीवन-मरण का स्मरण किसी प्रकार के रहस्यवाद से परे है. बात सीधी-सपाट है. आदमी अपने ‘रक्तचाप’ से मरता है, अपने ‘पाप’ से नहीं.

बॉन यूएन क्लाइमेट कॉन्फ्रेंस: जलवायु कूटनीति के बदलते समीकरण

जलवायु परिवर्तन के प्रकोपों को गुटों की कूटनीति में बंट कर नहीं, बल्कि मानवता का सामूहिक संकट समझ कर ही जूझा जा सकता है.