रक्षा

पत्रकारों का काम सरकारों का प्रवक्ता बनना नहीं, उनसे सवाल पूछना है

पत्रकारिता और देशभक्ति का साथ विवादास्पद है. देशभक्ति अक्सर सरकार के पक्ष का आंख मूंदकर समर्थन करती है और फिर प्रोपगेंडा में बदल जाती है. आज सरकार राष्ट्रवाद के नाम पर अपना प्रोपगेंडा फैलाने की कला में पारंगत हो चुकी है और जिन पत्रकारों पर सच सामने रखने का दारोमदार था, वही इसमें सहभागी हो गए हैं.

केंद्र के 10 मंत्रालयों एवं विभागों में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की 28,713 पद ख़ाली

एक जनवरी 2017 की स्थिति के अनुसार, केंद्र के विभागों में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की 28713 रिक्तियां खाली रह गई थी.