रविशंकर प्रसाद

कोरोना महामारी के बीच भारत के न्यायालयों में लंबित मामलों में अत्यधिक वृद्धि

नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड के आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर 2019 से 31 दिसंबर 2020 के बीच सुप्रीम कोर्ट में 10.35 फ़ीसदी, 25 हाईकोर्ट में 20.4 फ़ीसदी और जिला न्यायालयों में 18.2 फ़ीसदी लंबित मामले बढ़े हैं.

किसान आंदोलन: सरकार का ‘टुकड़े-टुकड़े’ राग और सीएए आंदोलन का एक साल

वीडियो: केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि नए कृषि क़ानून के ख़िलाफ़ किसान आंदोलन का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि आंदोलन ज्यादातर वामपंथियों और माओवादियों के हाथ में चला गया है. इस मुद्दे पर डीयू के प्रोफ़ेसर अपूर्वानंद से आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

हाईकोर्ट और ज़िला अदालतों में 37 लाख मामले 10 साल से भी ज़्यादा समय से लंबित: एनजेडीजी डेटा

नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड के आंकड़ों के मुताबिक देश भर की विभिन्न अदालतों में 6.60 लाख मामले 20 साल से ज़्यादा समय और 1.31 लाख मामले तीन दशकों यानी कि 30 साल से भी ज़्यादा समय से लंबित हैं.

आरोग्य सेतु ऐप निजता में सेंध लगाने वाली अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली है: राहुल गांधी

राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आरोग्य सेतु ऐप शक्तिशाली सहयोगी है जो लोगों की सुरक्षा करता है. इसमें डाटा सुरक्षा की ठोस व्यवस्था है.

भाजपा के नए अध्यक्ष चुने गए जेपी नड्डा

पिछले साल जून में भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए गए जेपी नड्डा अमित शाह की जगह भाजपा के नए अध्यक्ष बने हैं. मौजूदा समय में गृह मंत्री का उत्तरदायित्व निभा रहे अमित शाह ने साढ़े पांच वर्षों तक भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाई.

सरकार का फैसला, थरूर की अगुवाई वाली आईटी समिति की जगह संयुक्त समिति के पास जाएगा निजता विधेयक

कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता वाली सूचना प्रौद्योगिकी पर संसद की स्थायी समिति को दरकिनार करते हुए सरकार ने व्यक्तिगत डाटा संरक्षण विधेयक संयुक्त प्रवर समिति के पास भेज दिया. इस समिति की अध्यक्षता सत्तापक्ष का सदस्य करेगा. थरूर ने कहा कि यह एक खतरनाक परंंपरा की शुरुआत है.

देश की निचली अदालतों में 10 साल से अधिक पुराने 23.90 लाख मामले लंबित: सरकार

लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से पेश आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में 59,867 मामले लंबित हैं, जबकि हाईकोर्ट में 44,76,625 मामले और ज़िला एवं निचली अदालतों में 3.14 करोड़ मामले लंबित हैं.

पाकिस्तान का डाक सेवा बंद करना अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन: रविशंकर प्रसाद

पाकिस्तान ने 27 अगस्त से भारत के साथ डाक सेवाओं पर एकतरफा रोक लगाई हुई है. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का कहना है कि पाकिस्तान ने यह कदम भारत को बिना कोई पूर्व सूचना दिए उठाया है.

तीन तलाक़ क़ानून पर सवाल उठाने वाले कभी मुस्लिम महिलाओं की तकलीफ को नहीं समझ पाए

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद तीन तलाक़ हो रहे थे, इसलिए जब तक समाज और ग़लत काम कर रहे मर्दों के दिमाग में क़ानून का डर नहीं आएगा, तब तक तीन तलाक़ के ख़िलाफ़ चल रही मुहिम का कोई नतीजा नहीं निकलेगा.

पटना साहिब सीट: भाजपा के रविशंकर प्रसाद 2.72 लाख वोटों से आगे, शत्रुघ्न सिन्हा पिछड़े

लोकसभा चुनाव परिणाम 2019: बिहार की राजधानी की पटना साहिब सीट पर कांग्रेस के शत्रुघ्न सिन्हा और भाजपा के रविशंकर प्रसाद के बीच सीधा मुक़ाबला है. लंबे समय तक भाजपा में रहे सिन्हा लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में शामिल में हुए थे.

द वायर बुलेटिन: प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी लोकसभा सीट से नामांकन पत्र दाख़िल किया

क़ब्र संबंधी बयान पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज होने समेत दिनभर की महत्वपूर्ण ख़बरों का अपडेट.

चुनावों में सांप्रदायिक बयानबाज़ी रोकने की शक्ति नहीं है हमारे पास: चुनाव आयोग

सुप्रीम कोर्ट में आयोग ने कहा कि हम सिर्फ नोटिस जारी करके जवाब मांग सकते हैं. हमें किसी पार्टी के पहचान को रद्द करने या उम्मीदवार को अयोग्य ठहराने का अधिकार नहीं है.

रिश्वत के मामलों से निपटने के लिए चुनाव आयोग में मांगी थी अधिक शक्तियां, केंद्र ने ठुकराया

चुनाव आयोग ने जनप्रतिनिधित्व क़ानून, 1951 में संशोधन करके धारा 58बी शामिल करने की मांग की थी, ताकि राजनीतिक दलों द्वारा मतदाताओं को रिश्वत देने पर चुनाव को स्थगित या रद्द किया जा सके. लेकिन केंद्र सरकार ने इस मांग को ख़ारिज कर दिया.

आधार में दिया गया नाम-पता ठोस सबूत नहीं: इलाहाबाद उच्च न्यायालय

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि आधार कार्ड के संबंध में उसके सामने बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आते हैं जिनमें किसी खास साल के साथ जनवरी की 1 तारीख को जन्मतिथि घोषित की गई होती है जबकि कुछ मामलों में तो केवल जन्म के साल की जानकारी दर्ज रहती है.