राजद्रोह कानून

New Delhi: A view of Supreme Court of India in New Delhi, Thursday, Nov. 1, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI11_1_2018_000197B)

राजद्रोह क़ानून को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा

दो पत्रकारों की ओर से दायर याचिका में सुप्रीम कोर्ट से धारा 124-ए को असंवैधानिक घोषित करने का अनुरोध किया गया. याचिका में दावा किया गया कि धारा 124-ए बोलने एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का हनन है.

राजद्रोह मामलों में केंद्र की कोई भूमिका नहीं, राज्य दर्ज कराते हैं मुक़दमे: केंद्र सरकार

राजद्रोह के मामलों में दोषिसिद्धि की दर काफी कम होने को लेकर राज्यसभा में विपक्ष ने केंद्र सरकार की आलोचना की. गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने राज्यसभा में बताया कि सरकार ने राजद्रोह सहित आपराधिक क़ानून सुधारों के लिए एक समिति गठित की है और विभिन्न पक्षों से इस संबंध में सुझाव मांगे गए हैं.

साल 2019 में राजद्रोह के 93 मामलों में 96 गिरफ़्तार: केंद्र

गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने राज्यसभा को बताया कि 2019 में 76 लोगों के ख़िलाफ़ आरोपपत्र दायर किए गए, जबकि 29 लोगों को अदालतों द्वारा बरी कर दिया गया.सर्वाधिक मामले कर्नाटक में दर्ज किए गए.

साल 2019 में बढ़े राजद्रोह के मामले, दोषसिद्धि न्यूनतम रही: एनसीआरबी

साल 2019 में राजद्रोह के 93 मामले दर्ज किए गए थे, जो इससे पहले के सालों के मुक़ाबले अधिक हैं, हालांकि केवल तीन फीसदी राजद्रोह मामलों में ही आरोपों को साबित किया जा सका.

अभिव्यक्ति की आज़ादी दबाने के लिए राजद्रोह क़ानून का इस्तेमाल कर रही है सरकार: जस्टिस लोकुर

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मदन बी. लोकुर ने एक कार्यक्रम में कहा कि बोलने की आज़ादी को कुचलने के लिए सरकार फ़र्ज़ी ख़बरें फैलाने के आरोप का तरीका भी अपना रही है. कोरोना के मामलों और इससे संबंधित अव्यवस्थाओं की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों पर फेक न्यूज़ देने के आरोप लगाए जा रहे हैं.

गांधी की 150वीं जयंती पर राजद्रोह क़ानून को ख़त्म करना उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी

ब्रिटिश राज में बने राजद्रोह क़ानून को सरकारों द्वारा अक्सर आज़ाद अभिव्यक्ति रखने वालों या सत्ता के विरुद्ध बोलने वालों के ख़िलाफ़ इस्तेमाल किया गया है.

New Delhi: Union Home Minister Rajnath Singh addresses the National Traders Conclave at Constitution Club, in New Delhi on Monday, July 23, 2018. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI7_23_2018_000049B)

हमारा बस चले तो ऐसा राजद्रोह क़ानून बनाएंगे कि लोगों की रूह कांप उठे: राजनाथ सिंह

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर राज्य के लिए अलग प्रधानमंत्री की उनकी मांग को लेकर हमला करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं इन नेताओं को बताना चाहता हूं कि यदि आप ऐसी मांगें जारी रखते हैं, तो हमारे पास संविधान के अनुच्छेद 370 और 35ए को निरस्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा.

राजद्रोह कानून को खत्म करने का प्रस्ताव नहीं: केंद्र सरकार

केंद्रीय राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने कहा कि आपराधिक कानूनों में संशोधन एक सतत प्रक्रिया है और इस पर राज्य सरकारों सहित विभिन्न पक्षों से सलाह के बाद ही किसी तरह का फैसला लिया जाता है.