राजस्थान विधानसभा

गजेंद्र सिंह शेखावत. (फोटो साभार: फेसबुक)

फोन टैपिंग के आरोप में गजेंद्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री गहलोत के ओएसडी पर मुक़दमा दर्ज कराया

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और कांग्रेस नेताओं के बीच लीक हुई फोन बातचीत से राजस्थान में पैदा हुए सियासी उठापटक और अवैध फोन टैप के आरोपों के आठ महीने बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार ने दो हफ़्ते पहले फोन टैपिंग की पुष्टि की थी.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट. (फोटो: पीटीआई)

राजस्थान: सियासी खींचतान के महीनों बाद गहलोत सरकार ने स्वीकारी फोन टैपिंग की बात

जुलाई 2020 में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राज्य के तत्कालीन पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह और कांग्रेस विधायक भंवर लाल शर्मा के बीच फोन पर बातचीत की रिकॉर्डिंग लीक हुई थी. तब फोन टैपिंग के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था कि नेताओं के फोन टैप करना उनकी सरकार का तरीका नहीं है.

कमलनाथ. (फोटो साभार: फेसबुक/कमलनाथ)

मध्य प्रदेश ने नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित किया, ऐसा करने वाला पांचवां राज्य

मध्य प्रदेश की सरकार ने विधानसभा में नागरिकता संशोधन क़ानून के प्रस्ताव पारित करते हुए इसे भारतीय संविधान की मूल भावना का उल्लंघन बताया. इससे पहले केरल, पंजाब, पश्चिम बंगाल और राजस्थान में इस क़ानून के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित किया जा चुका है.

Kolkata: West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee shows a document while addressing TMC Chhatra Parshad (TMC students wing) students during their protest dharma against CAA, NPR and NRC in Kolkata, Wednesday, Jan. 15, 2020. (PTI Photo/Swapan Mahapatra) (PTI1_15_2020_000215B)

नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित करने वाला पश्चिम बंगाल बना चौथा राज्य

पश्चिम बंगाल विधानसभा में पारित प्रस्ताव में केंद्र सरकार से इस क़ानून को रद्द करने के साथ एनआरसी को क्रियान्वित करने और एनपीआर को अपडेट करने की योजनाओं को निरस्त करने की भी अपील की गई है. इससे पहले केरल, पंजाब और राजस्थान में इस विवादास्पद क़ानून के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित किया जा चुका है.

राजस्थान विधानसभा भवन. (फोटो साभार: http://www.rajassembly.nic.in)

केरल, पंजाब के बाद राजस्थान विधानसभा में भी नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित

राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित करते हुए केंद्र सरकार से इस कानून को रद्द करने का आग्रह किया है. इस दौरान विधानसभा में भाजपा के कई नेताओं ने नागरिकता कानून के पक्ष में नारेबाजी की.

Jodhpur: Senior Congress leader and former chief minister Ashok Gehlot leaves after filing his nomination from Sardarpura constituency ahead of the state Assembly elections, in Jodhpur district, Monday, Nov. 19, 2018. (PTI Photo)(PTI11_19_2018_000161B)

महिलाओं-बच्चों के प्रति होने वाले अपराध की जानकारी देने से क्यों कतरा रही है राजस्थान सरकार

राजस्थान विधानसभा में भाजपा के तीन और कांग्रेस के एक विधायक ने महिलाओं और बच्चों के ख़िलाफ़ होने वाले अपराधों से जुड़े सवाल पूछे थे. गृह विभाग ने इन सवालों के जवाब देने में असमर्थता जता दी है.

अशोक गहलोत. (फोटो: पीटीआई)

राजस्थान: मॉब लिंचिंग पर उम्रक़ैद और ऑनर किलिंग के लिए फांसी की सज़ा का प्रावधान

राजस्थान विधानसभा में ‘राजस्‍थान लिंचिंग से संरक्षण विधेयक 2019’ और ‘वैवाहिक संबंधों की स्‍वतंत्रता में हस्‍तक्षेप का प्रतिषेध विधेयक 2019’ पेश किया गया. विधेयक में मॉब लिंचिंग और ऑनर किलिंग को संज्ञेय और ग़ैर-ज़मानती अपराध बनाया गया है.

राजस्थान विधानसभा भवन. (फोटो साभार: http://www.rajassembly.nic.in)

भाजपा विधायकों ने कहा, बुरी आत्माओं के साए में राजस्थान विधानसभा

भाजपा सचेतक ने कहा, ‘जहां विधानसभा है, वहां श्मशान था. मृत बच्चे दफ़नाए जाते थे. हो सकता है कि कोई आत्मा हो, जिसे शांति न मिली हो. इसीलिए सदन में कभी एक साथ 200 विधायक नहीं रहे.’