विकास

संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- भारत ने दुनिया को युद्ध नहीं, बुद्ध दिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र को संबोधित करते हुए स्वच्छता, स्वास्थ्य बीमा, बैंक खातों, आतंकवाद, जन कल्याण, पर्यावरण जैसे मुद्दों पर बात की. यह संयुक्त राष्ट्र में मोदी का दूसरा संबोधन था.

लोकतंत्र और आज़ादी के असल मायने आदिवासी समाज से सीखने होंगे

विश्व आदिवासी दिवस: आदिवासियों की अपनी बोलचाल की भाषा और आम चर्चा में लोकतंत्र या आज़ादी शब्द का कोई स्थान नहीं है. किसी आदिवासी से इन शब्दों के बारे में पूछें तो वो शायद चुप रहे, लेकिन इसके असली मायने का एहसास उन्हें स्वाभाविक रूप से है.

असहिष्णुता, घृणा अपराध की बढ़ती घटनाओं का विकास पर होगा गंभीर असर: आदि गोदरेज

गोदरेज ग्रुप के चेयरमैन और कारोबारी आदि गोदरेज ने कहा कि देश में सब कुछ ठीक नहीं है. हम एक ऐसे भारत की उम्मीद करते हैं जहां भय और संदेह का माहौल नहीं हो और राजनीतिक नेतृत्व पर जवाबदेह होने का भरोसा कर सकें.

उत्तराखंड: विकास की जगह भाजपा को चौकीदार, राष्ट्रवाद, सर्जिकल स्ट्राइक और मोदी मैजिक का सहारा

लोकसभा चुनाव: भाजपा हो या कांग्रेस दोनों के इर्द-गिर्द ही उत्तराखंड की राजनीति का पहिया राज्य बनने के दौर से घूम रहा है. चाल-चरित्र के मामले में दोनों में कोई भी बुनियादी फ़र्क़ न होने से अलग राज्य बनने के पीछे के सपने चकनाचूर होते चले गए.

क्या मोदी सरकार का आख़िरी बजट वास्तव में भारत की तरक्की की कहानी बयां करता है?

3000 करोड़ रुपये की मूर्ति, 1 लाख करोड़ रुपये की बुलेट ट्रेन उस देश की सबसे पहली ज़रूरतें हैं, जहां छह करोड़ बच्चे कुपोषित हैं, शिक्षकों के दस लाख पद ख़ाली हैं, सवा तीन लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं और 20 करोड़ लोग रोज़ भूखे सोते हैं.

क्या विकास का वर्तमान मॉडल हमारे सामाजिक मूल्यों का विनाश कर रहा है?

वर्तमान समय में संस्थाएं गोल हासिल करने वाली वाली कंपनी और व्यक्ति, टारगेट हासिल करने वाला एजेंट बनकर रह गया है.

हमें राजनीतिक आज़ादी तो मिल गई, लेकिन सामाजिक और आर्थिक आज़ादी कब मिलेगी?

आज़ादी के 71 साल: सरकार यह महसूस नहीं करती है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक सुरक्षा पर किया गया सरकारी ख़र्च वास्तव में बट्टे-खाते का ख़र्च नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य के लिए किया गया निवेश है.

मोदी सरकार को आर्थिक वृद्धि की ‘सनक’ से बाहर आकर विकास के सही मायने समझने की ज़रूरत: ज्यां द्रेज

प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज ने कहा कि सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों से जुड़ी ज़िम्मेदारियों को औद्योगिक घरानों या राज्य सरकारों के भरोसे छोड़ दिया है.

मोदी सरकार के भारी-भरकम दावे हवा में उड़ गए, डींग हांकने से सच्चाई छुप नहीं सकती: कांग्रेस

राहुल गांधी ने कहा, रोज़गार सृजन 8 साल, बैंक ऋण कारोबार 63 साल और नया निवेश 13 साल के निचले स्तर पर.

पश्चिम बंगाल: वरिष्ठ भाजपा नेता तृणमूल कांग्रेस में शामिल

2016 में भाजपा में शामिल हुए कर्नल दीप्तांशु चौधरी ने कहा कि भाजपा की प्राथमिकता विकास की बजाय जनता के बीच दरार पैदा करना है.

गुजरात चुनाव परिणाम: ‘बंदरों ने शेर को तमाचा जड़ दिया है’

गुजरात में भाजपा की मामूली अंतर से जीत को लेकर राजनीति दलों में छिड़ा वाकयुद्ध. शिवसेना और सपा ने कहा- गुजरात मॉडल की पोल खुली, गहलोत बोले- भाजपा की उल्टी गिनती शुरू.

मोदी ने ख़ुद को छोटा बना लिया है: शिवसेना

शिवसेना ने अपने मुखपत्र में पूछा, भाजपा चुनाव प्रचार अभियान में निचले स्तर तक क्यों चली गई, मोदी के चुनावी भाषणों से विकास का एजेंडा गायब है.

गुजरात किसी भी पैमाने पर कोई मॉडल नहीं है: अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज

मनरेगा का मसौदा तैयार करने वाले अर्थशास्त्री ने कहा, आप विकास सूचकों की किसी भी रैंकिंग, गरीबी सूचकांक देखिए, गुजरात लगभग हमेशा बीच के आसपास ही रहा है.

उत्तर प्रदेश में पहला मौका जब मुख्यमंत्री निकाय चुनाव प्रचार कर रहे हैं: सपा

योगी प्रचार के लिए पहुंचे मथुरा. वृंदावन और बरसाना क्षेत्रों का विकास पांच हजार वर्ष पुरानी परंपराओं के अनुसार कराने की मंशा जताई.

नोटबंदी के कारण अगले एक साल तक अर्थव्यवस्था धीमी रहेगी: मनमोहन सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, नोटबंदी कालेधन का उचित समाधान नहीं है, इसने आर्थिक विकास की प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाया.