विज्ञान

भारतीय विज्ञान संस्थान अन्य स्थानों पर स्थापित करने की कोई योजना नहीं: शिक्षा मंत्री

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी. उनसे सवाल किया गया था कि क्या एम्स, आईआईटी और एनआईटी की तर्ज पर भारतीय विज्ञान संस्थान को भी अधिक से अधिक स्थानों पर स्थापित करने की कोई योजना है?

होम्योपैथी के ज़रिये कोविड-19 से बचाव का दावा राहत नहीं चिंता की बात है

देश में कोविड-19 महामारी के शुरुआती दौर में आयुष मंत्रालय द्वारा जारी एक परामर्श में आर्सेनिकम एल्बम 30 C नाम की होम्योपैथिक दवा को दिन में तीन बार लेने की सलाह दी गई थी. लेकिन शोध बताते हैं कि ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिलता कि होम्योपैथी कोविड या किसी भी अन्य मर्ज़ के ख़िलाफ़ कोई सुरक्षा प्रदान करती है.

क्या वजह है कि कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाना मुश्किल साबित हो रहा है

अमूमन वायरस का डीएनए ऐसा होता है कि अनेक वायरस बनाते समय उनके ब्लू-प्रिंट में कोई ग़लती नहीं होती, इसीलिए वे ज़्यादा स्थिर रहते हैं और ब्लू प्रिंट में आसानी से बदलाव नहीं आते. पर कोरोना वायरस का ब्लू-प्रिंट डीएनए नहीं आरएनए है. बावजूद इसके ये अपने ब्लू-प्रिंट में कुछ हद तक ग़लतियां रोकने में सक्षम है, इसी कारण से हम नहीं जानते कि अगर कोई एक वैक्सीन विकसित की जाए, तो वह सब तरह के कोविड-19 वायरस पर असर करेगी या नहीं?

कोरोना वायरस: ताकि लोकतंत्र की उम्मीदें कायम रहें…

इतिहास से अगर कुछ साबित होता है तो सिर्फ़ यही कि आधुनिक राज्य आम तौर पर हुकूमत करने के लिए और ख़ास तौर पर दमन करने के लिए जो तरीके अपनाता है, किस तरह उनकी जड़ें महामारियों से निपटने के उपायों तक भी जाती हैं.

नोबेल विजेता अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी ने कहा, डगमगाती स्थिति में है भारतीय अर्थव्यवस्था

अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार जीतने वाले भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी ने कहा कि भारत में एक बहस चल रही है कि कौन सा आंकड़ा सही है और सरकार का खासतौर से यह मानना है कि वो सभी आंकड़े गलत हैं, जो असुविधाजनक हैं.

भारतीय-अमेरिकी अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी समेत तीन लोगों को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार

इन तीनों अर्थशास्त्रियों को वैश्विक गरीबी कम करने की दिशा में दिए किए गए उनके शोध के लिए नोबेल पुरस्कार दिया गया है. बनर्जी ने कलकत्ता विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और हार्वर्ड विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है.

साल 2018, 2019 के लिए ओल्गा तोकार्चुक और पीटर हंडके को साहित्य का नोबेल

यौन उत्पीड़न के आरोपों के चलते साल 2018 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार नहीं दिया गया था. इन आरोपों की वजह से स्वीडिश अकादमी के बोर्ड के कुछ सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया था. इसलिए साल 2018 का भी नोबेल पुरस्कार इस साल दिया गया है.

लीथियम आयन बैटरी पर काम करने के लिए तीन वैज्ञानिकों को रसायनशास्त्र का नोबेल पुरस्कार

तीनों वैज्ञानिकों जॉन गुडइनफ, एम. स्टेनली व्हिटिंघम और असाही कासेई को लीथियम आयन बैटरी का विकास करके स्मार्टफोन और पेट्रोल-डीजल जैसे जीवाश्म ईंधन मुक्त समाज का रास्ता साफ करने के लिए साल 2019 का रसायनशास्त्र का नोबेल पुरस्कार देने का ऐलान किया गया.

तीन ब्रह्मांड वैज्ञानिकों ने भौतिकी का नोबेल पुरस्कार जीता

जेम्स पीबल्स, माइकल मेयर और डीडियर क्वेलोज को ब्रह्मांड के फैलाव और इसमें पृथ्वी के स्थान को समझने में योगदान के लिए साल 2019 के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है.

कोशिका अनुसंधान के लिए तीन वैज्ञानिकों को चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार

तीन वैज्ञानिकों विलियम जी. केलिन, पीटर जे. रेटक्लिफ और ग्रेग एल. सेमेंजा ने खोज कर बताया कि किस तरह से शरीर की कोशिकाएं ऑक्सीजन को महसूस करती हैं.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi waves at the crowd after attending the 70th Republic Day celebrations at Rajpath, in New Delhi, Saturday, Jan. 26, 2019. (PTI Photo/ Kamal Kishore)(PTI1_26_2019_000021B)

आज़ादी से 2014 तक जितने अंतरिक्ष अभियान हुए, लगभग उतने ही बीते चार वर्षों में शुरू हुए: मोदी

मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चाहे चक्रवात हो, या फिर रेल और सड़क सुरक्षा, देश अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग जानमाल की रक्षा में बख़ूबी कर रहा है.

क्यों भारतीय विज्ञान कांग्रेस को भारतीय पुराण कांग्रेस में तब्दील कर दिया गया है?

इससे पहले कि ये छद्म आयोजन इतने बड़े हो जाएं कि देश के तौर पर हमारी भविष्य यात्राओं के मुंह भूत की ओर घुमा दिए जाएं और हमें वहां ले जाकर खड़ा कर दिया जाए, जब हमारे पुरखों ने लज्जा ढकने के लिए आगे-पीछे पत्ते लपेटना भी नहीं सीखा था, हमें होश संभालकर सचेत हो जाने की ज़रूरत है.

साइंस कांग्रेस में आंध्र यूनिवर्सिटी के वीसी: कौरव थे टेस्ट ट्यूब बेबी, रावण के थे हवाई अड्डे

जालंधर में आयोजित भारतीय विज्ञान कांग्रेस में आंध्र यूनिवर्सिटी के कुलपति जी. नागेश्वर राव ने कहा कि विज्ञान और तकनीक भारत के लिए कोई नई बात नहीं हैं, यह बहुत पहले से देश में मौजूद थीं. भगवान राम ने ऐसे अस्त्रों का इस्तेमाल किया था जो लक्ष्य का पीछा कर उसे भेदने के बाद वापस आ जाते थे, जैसा गाइडेड मिसाइल में होता है.

क्या आप ग्रेगर मेंडल और उनके मटर के पौधों की कहानी जानते हैं?

विशेष: मेंडल ने हमें बताया है कि एक नवजात में कोई भी विशेषता इससे निर्धारित होती है कि उसे अपने मां-बाप से कौन से गुण मिले हैं. हालांकि उनकी इस महत्वपूर्ण खोज का अर्थ लोग 35 साल बाद समझ सके.

क्या आप उस इकलौते चिकित्सक की कहानी जानते हैं जिसे मृत्यु के बाद नोबेल पुरस्कार दिया गया?

विशेष रिपोर्ट: नोबेल पुरस्कार के 100 से भी अधिक साल के इतिहास में केवल एक बार हुआ है जब एक व्यक्ति को मरने के बाद पुरस्कार मिला है. यह सम्मान 2011 के चिकित्सा क्षेत्र के पुरस्कार के लिए राल्फ स्टीनमैन को हासिल है.