वित्त मंत्री

बचत खातों में न्यूनतम राशि से छूट, किसी भी एटीएम से पैसा निकालने पर नहीं लगेगा शुल्क

कोरोना वायरस को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र के बैंक समेत सभी बैंक अगले तीन महीने तक खाते में न्यूनतम राशि रखने और अन्य बैंक के ग्राहकों द्वारा एटीएम से पैसा निकालने पर लगने वाले शुल्क से छूट देंगे.

New Delhi: Finance Minister Nirmala Sitharaman addresses a press conference after presenting the Union Budget 2019-20, in New Delhi, Friday, July 5, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI7_5_2019_000138B)

आर्थिक हालात सुधारने के लिए केंद्र ने जारी किए उपाय, सीएसआर उल्लंघन अब आपराधिक मामला नहीं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोन की अर्जियों पर ऑनलाइन नजर रखने, होम लोन एवं कार लोन की शर्तें आसान करने, कैपिटल गेन पर सरचार्ज वापस लेने, लोन सेटलमेंट की शर्तें आसान करने, लघु उद्योगों को 30 दिन में जीएसटी रिफंड करने जैसे कई प्रमुख घोषणाएं कीं.

New Delhi: Union Minister for Railways, Coal and Finance Piyush Goyal addresses a press conference after the Cabinet meeting in New Delhi on Wednesday, June 13, 2018. (PTI Photo/Vijay Verma) (PTI6_13_2018_000147B)

अरुण जेटली की अनुपस्थिति में रेल मंत्री पीयूष गोयल को मिला वित्त मंत्रालय का प्रभार

कैंसर का इलाज कराने के लिए अरुण जेटली इ​न दिनों अमेरिका में हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार आख़िरी बजट भी पीयूष गोयल पेश करेंगे.

लोगों के पास बचे 500 व 1000 रुपये के पुराने नोट नहीं लिए जाएंगे: केंद्र सरकार

केंद्र सरकार ने राज्यसभा में यह भी स्पष्ट किया है कि देश भर में सार्वजनिक बैंकों के 50 फीसदी एटीएम बंद करने की कोई योजना नहीं है. साथ ही नोटबंदी के बाद छापे गए 2000 रुपये और 500 रुपये के नए नोटों की ख़राब गुणवत्ता को सरकार ने ख़ारिज किया.

मोदी सरकार ने माना, नोटबंदी के दौरान चार लोगों की हुई थी मौत

नोटबंदी के दौरान नोट बदलने के लिए बैंकों की लाइन में लगे लोगों की मौत का ब्योरा सिर्फ भारतीय स्टेट बैंक ने दिया है. बैंक ने बताया है कि इस दौरान एक ग्राहक और बैंक के तीन कर्मचारियों की मौत हुई थी.

केंद्र और आरबीआई के बीच बढ़ रहे झगड़े का नतीजा विनाशकारी हो सकता है

भारतीय रिज़र्व बैंक की निधियां राष्ट्र की सामाजिक संपत्ति हैं और जनहित का हवाला देकर मनमाने ढंग से उनका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.

बड़े उद्योगपतियों की मदद के लिए आरबीआई पर मोदी सरकार का हमला घातक साबित होगा

बेस्ट ऑफ 2018: आरबीआई अधिनियम की धारा 7 का इस्तेमाल जनहित में नहीं है- यह मौके की फ़िराक़ में बैठे कॉरपोरेट्स को आरबीआई द्वारा पैसा देने के लिए मजबूर करने के इरादे से उठाया गया एक बेशर्मी भरा कदम है.

मिस्टर जेटली! ये अपनी पीठ थपथपाने का वक्त नहीं है

अरुण जेटली को एनडीए बनाम यूपीए सरकार के झगड़े से निकलकर भूमंडलीय आर्थिक खतरों के काले बादलों पर ध्यान लगाना चाहिए. यह पिछली सरकार के प्रदर्शन से तुलना करके अपनी पीठ थपथपाने का वक्त नहीं है.

एसबीआई का चुनावी बॉन्ड से चंदा पाने वाले राजनीतिक दलों की जानकारी देने से इनकार: आरटीआई

बैंक ने मांगी गई जानकारी को संबंधित लोगों के बारे में व्यक्तिगत सूचना बताते हुए कहा कि ये सूचनाएं उसके पास ‘दूसरों की अमानत’ के तहत रखी गई हैं और क़ानून में इस तरह की जानकारी न देने की छूट है. बैंक द्वारा उपलब्ध करवाए गए ब्यौरे के अनुसार मार्च 2018 में उसने 222 करोड़ रुपये मूल्य से अधिक के चुनावी बॉन्ड बेचे.

मुख्य आर्थिक सलाहकार अ​रविंद सुब्रमण्यम का इस्तीफ़ा

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने फेसबुक पर दी जानकारी, बताया- मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम पारिवारिक वजहों से अमेरिका लौट रहे हैं.

जन गण मन की बात, एपिसोड 199: नीरव मोदी पर वित्त मंत्री का बयान

जन गण मन की बात की 199वीं कड़ी में विनोद दुआ नीरव मोदी और पीएनबी घोटाले पर वित्त मंत्री अरुण जेटली के बयान पर चर्चा कर रहे हैं.

Pharmacists dispense free medication, provided by the government, to patients at Rajiv Gandhi Government General Hospital (RGGGH) in Chennai July 12, 2012. Chennai is the capital of Tamil Nadu, one of two Indian states offering free medicine for all. The state provides a glimpse of the hurdles India faces as it embarks on a programme to extend free drug coverage nationwide. Picture taken July 12, 2012. To match Analysis INDIA-DRUGS/ REUTERS/Babu (INDIA - Tags: SOCIETY DRUGS HEALTH) - RTR357H6

दुनिया के सबसे बड़े स्वास्थ्य कार्यक्रम से ग़रीबों का नहीं कॉरपोरेट का भला होगा

यह बजट दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के बारे में न होकर एक ऐसे देश का बजट था, जो स्वास्थ्य पर दुनिया के किसी भी देश की तुलना में कम ख़र्च करता है, जहां सरकार चाहे कोई भी हो, नागरिकों के स्वास्थ्य को लेकर कोई प्रतिबद्धता नहीं दिखाती.

बजट 2018: वादों और दावों की भूलभुलैया

दो हज़ार करोड़ के फंड के साथ पचास करोड़ लोगों को बीमा देने की करामात भारत में ही हो सकती है. यहां के लोग ठगे जाने में माहिर हैं. दो बजट पहले एक लाख बीमा देने का ऐलान हुआ था, आज तक उसका पता नहीं है.

चुनावी बॉन्ड से लोग डर के मारे सिर्फ़ सत्तारूढ़ पार्टी को चंदा देंगे: विपक्ष

मोदी सरकार द्वारा चुनावी बांड की पहल पर कांग्रेस, माकपा और आप ने कहा यह दलों को चंदा देने वालों की जानकारी छुपाने में मददगार साबित होगा.