वी नारायणसामी

पुदुचेरी में चुनाव से पहले गिरी कांग्रेस सरकार

वीडियो: पुदुचेरी के राजनीतिक समीकरण अचानक पूरी तरह से बदल गए हैं. कांग्रेस की सरकार गिर चुकी है और वहां राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है. इस पूरे घटनाक्रम के बारे में विस्तार से बता रहे हैं द वायर के पॉलिटिकल अफेयर्स एडिटर अजय आशीर्वाद.

New Delhi: President Ram Nath Kovind speaks as Prime Minister Narendra Modi looks on, during the second day of the Conference of Governors at Rashtrapati Bhavan, in New Delhi on Tuesday, June 05, 2018. (PTI Photo/RB) (PTI6_5_2018_000087B)

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पुदुचेरी में राष्ट्रपति शासन को मंज़ूरी दी

बीते 21 फरवरी को विधायकों के लगातार इस्तीफ़ा देने के चलते 33 सदस्यीय पुदुचेरी विधानसभा में सत्ताधारी कांग्रेस-डीएमके गठबंधन के विधायकों की संख्या घटकर 11 हो गई थी, जबकि विपक्षी दलों के 14 विधायक थे. इसके बाद विश्वास मत प्रस्ताव पर मतदान से पहले मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने इस्तीफ़ा दे दिया था और केंद्र शासित प्रदेश की कांग्रेस नीत सरकार गिर गई थी.

विश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले मुख्यमंत्री का इस्तीफ़ा, पुदुचेरी में कांग्रेस सरकार गिरी

कांग्रेस के विधायक के. लक्ष्मीनारायणन और डीएमके के विधायक वेंकटेशन के रविवार को इस्तीफ़ा देने के बाद 33 सदस्यीय पुदुचेरी विधानसभा में कांग्रेस-डीएमके गठबंधन के विधायकों की संख्या घटकर 11 हो गई थी. इससे पहले कांग्रेस के चार विधायकों ने इस्तीफ़ा दिया था, जबकि पार्टी के एक अन्य विधायक को अयोग्य ठहराया गया था.

पुदुचेरी की राजनीति में क्या हो रहा है, किरण बेदी को एलजी के पद से क्यों हटाया गया?

वीडियो: पुदुचेरी में राजनीतिक रस्साकशी जारी है एक ओर जहां कांग्रेस सरकार के विधायक पार्टी छोड़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उपराज्यपाल के पद से किरण बेदी को हटा दिया गया है. किरण बेदी के स्थान पर नई नियुक्ति होने तक तेलंगाना की राज्‍यपाल तामिलिसाई सौंदर्यराजन को फिलहाल पुदुचेरी के उपराज्‍यपाल की जिम्‍मेदारी संभालने को कहा गया है.

पुदुचेरी: 4 विधायकों के इस्तीफ़े के बाद अल्पमत में कांग्रेस सरकार, उपराज्यपाल पद से हटाई गईं बेदी

पुदुचेरी में पिछले एक महीने में चौथे कांग्रेस विधायक ने इस्तीफ़ा दे दिया जिसके बाद केंद्र शासित प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में अपना बहुमत खो दिया. इस बीच उपराज्यपाल किरण बेदी को उनके पद से हटा दिया गया, जिसकी मांग सत्ताधारी पार्टी लंबे समय से कर रही थी.

पुदुचेरी: उपराज्यपाल को हटाने की मांग को लेकर पिछले तीन दिन से मुख्यमंत्री धरने पर

पुदुचेरी में सत्तारूढ़ कांग्रेस नीत धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गठबंधन का निर्वाचित सरकार की विकास योजनाओं तथा कल्याणकारी क़दमों को बाधित करने के ख़िलाफ़ उपराज्यपाल किरण बेदी को पद से हटाने की मांग की जा रही है. यह प्रदर्शन ऐसे समय हो रहा है जब क़रीब तीन महीने बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.

पुडुचेरी विधानसभा में नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित

पुडुचेरी नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में प्रस्ताव पारित करने वाला पहला केंद्र शासित प्रदेश बन गया है. इससे पहले केरल, पंजाब, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश विधानसभाओं में इस क़ानून के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित हो चुके हैं.

New Delhi: A view of Supreme Court of India in New Delhi, Thursday, Nov. 1, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI11_1_2018_000197B)

पुदुचेरीः किरण बेदी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री नारायणसामी को भेजा नोटिस

केंद्र और पुदुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की अवकाश पीठ ने निर्देश दिया है कि सात जून को होने वाली कैबिनेट बैठक में लिए किसी भी वित्तीय फैसले को 21 जून तक लागू न किया जाए.

पुदुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी के ख़िलाफ़ ​मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को केंद्र ने दी चुनौती

बीते दिनों मद्रास हाईकोर्ट ने यह व्यवस्था दी थी कि पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी केंद्र शासित प्रदेश की निर्वाचित सरकार के रोज़मर्रा के कार्यों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती हैं.

उपराज्यपाल को सरकार के दैनिक कामकाज में दख़ल देने का अधिकार नहीं: मद्रास हाईकोर्ट

पुुदुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी और मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी के बीच अधिकारों को लेकर लंबे समय से टकराव चल रहा है. इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी और कहा गया था कि सरकार के दैनिक कामकाज में उपराज्यपाल का दख़ल केंद्र शासित प्रदेश प्रतिनिधित्व अधिकार के ख़िलाफ़ है.

पुदुचेरी: उपराज्यपाल किरण बेदी के ख़िलाफ़ धरने पर बैठे मुख्यमंत्री नारायणसामी

धरने पर बैठे पुदुचेरी के मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने कहा कि चुनी हुई सरकार के रोज़मर्रा के कामकाज़ में दख़लअंदाज़ी करने को लेकर उपराज्यपाल किरण बेदी के ख़िलाफ़ यह उनका शांतिपूर्वक धरना है.

भारत के करीब 35% मुख्यमंत्रियों पर आपराधिक मामले, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री शीर्ष स्थान पर

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 22 मामलों के साथ पहले स्थान पर हैं और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक मामले के साथ सबसे कम आपराधिक मामलों वाले मुख्यमंत्री हैं.