व्यापार

व्यापार संगठनों द्वारा जीएसटी की समीक्षा को लेकर बुलाए गए भारत बंद का मिला-जुला असर

खुदरा कारोबारियों के संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स की ओर से कहा गया कि एक मार्च से जीएसटी संबंधित मुद्दों को लेकर विभिन्न राज्यों में मुख्यमंत्रियों को लक्ष्य कर एक आक्रामक अभियान शुरू किया जाएगा. ट्रांसपोर्टरों ने भी इस बंद का समर्थन करते हुए पेट्रोल और डीज़ल के बढ़ते दामों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया.

कोविड-19: विश्व खाद्य कार्यक्रम प्रमुख ने कहा, 2020 की तुलना में 2021 के और ख़राब रहने की आशंका

विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) प्रमुख का कहना है कोविड-19 वायरस दोबारा फैल रहा है. ग़रीब और मध्य आय वाले देशों की अर्थव्यवस्थाएं लगातार बिगड़ रही हैं. अगर हमें अरबों डॉलर की सहायता नहीं मिली तो 2021 में हमारा सामना व्यापक स्तर पर अकाल से होगा.

राजस्थान: लॉकडाउन में कैब और ऑटो चालक कैसे कर रहे हैं अपना गुज़ारा

वीडियो: कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन से कई व्यापार ठप पड़ गए हैं. इनमें ऑटो और कैब ड्राइवर भी शामिल हैं. लॉकडाउन के कारणा उन्हें हुईं परेशानियों को लेकर याक़ूत अली ने उनसे बातचीत की.

पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन व 11 अन्य आईएमएफ की मुख्य बाहरी सलाहकार समूह में शामिल

रघुराम राजन तीन साल तक भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रह चुके हैं. वह अभी शिकागो विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं.

वित्त वर्ष 2020-21 में भारत की वृद्धि दर 4.8 फीसदी रहने का अनुमान: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ये बेहद प्रारंभिक पूर्वानुमान है और 10 मार्च तक उपलब्ध आंकड़ों और सूचनाओं पर आधारित है.

कोरोना लॉकडाउन: वित्त वर्ष 2020-21 में भारत की आर्थिक विकास दर 1.6 फीसदी पर आ सकती है

वैश्विक बैंकिंग समूह गोल्डमैन सैश के अर्थशास्त्रियों ने कहा कि भारत सरकार ने अभी तक आर्थिक संकट को लेकर आक्रामक रवैया नहीं दिखाया है. प्रयासों को तेज करने की जरूरत है.

आजादी के बाद सबसे बड़े आर्थिक आपातकाल के दौर में देश: रघुराम राजन

आरबीआई के पूर्व गवर्नर एवं अर्थशास्त्री रघुराम राजन ने कोरोना वायरस के कारण पैदा हुई चुनौतियों पर कहा कि सरकार राजनीतिक विभाजन की रेखा को लांघ कर विपक्ष से भी मदद ले सकती है, जिसके पास पिछले वैश्विक वित्तीय संकट से देश को निकालने का अनुभव है.

बचत खातों में न्यूनतम राशि से छूट, किसी भी एटीएम से पैसा निकालने पर नहीं लगेगा शुल्क

कोरोना वायरस को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र के बैंक समेत सभी बैंक अगले तीन महीने तक खाते में न्यूनतम राशि रखने और अन्य बैंक के ग्राहकों द्वारा एटीएम से पैसा निकालने पर लगने वाले शुल्क से छूट देंगे.

कोरोना वायरस से उपजे भीषण आर्थिक आघात का सामना करने के लिए देश को तैयार रहना होगा

जब सरकार कोरोना वायरस से मुक़ाबला करने के लिए आर्थिक गतिविधियां बंद करेगी तब मालूम होगा कि इससे बेरोज़गारी और बढ़ेगी, साथ ही लोगों की कमाई में गिरावट आएगी. ऐसे में देश के दिहाड़ी मज़दूरों और स्वरोज़गार में लगे लोगों के लिए इनकम ट्रांसफर सरकार की प्राथमिकता में होना चाहिए.

New Delhi: Finance Minister Nirmala Sitharaman addresses a press conference after presenting the Union Budget 2019-20, in New Delhi, Friday, July 5, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI7_5_2019_000138B)

सरकार ने निर्यात प्रोत्साहन के लिए घोषित की 50,000 करोड़ रुपये की योजना

सरकार ने यह घोषणा ऐसे समय की है जब भारत से वाणिज्यिक वस्तुओं का निर्यात अगस्त में एक साल पहले की तुलना में 6.05 प्रतिशत नीचे आ गया है. अगस्त में देश से वस्तुओं का निर्यात 26.13 अरब डॉलर रहा.

इंजीनियरिंग सामान, रत्न और आभूषण के निर्यात में गिरावट, अगस्त में निर्यात छह प्रतिशत कम रहा

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2019 में निर्यात वाले 30 महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से 22 में गिरावट दर्ज की गई. वहीं, अगस्त 2016 के बाद अगस्त 2019 में आयात में सबसे ज़्यादा गिरावट आई है.

डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, अमेरिका भारत को व्यापार में तरजीह देने का दर्जा वापस लेगा

ट्रम्प ने कहा कि भारत, अमेरिका को यह आश्वासन देने में विफल रहा है कि कि वह अमेरिकी उत्पादकों को भारत के बाज़ार में समान और उचित पहुंच प्रदान करेगा.

भारत में विकास तो हुआ लेकिन स्पष्ट दिखने वाली ग़रीबी भी है: नोबेल विजेता पॉल क्रुगमैन

अमेरिकी अर्थशास्त्री पॉल क्रुगमैन ने कहा कि भारत में ऊंचे दर्जे की आर्थिक असमानता है और तरक्की के साथ-साथ यह बढ़ती ही गई है. बढ़ी हुई बेरोज़गारी भारत के विकास मॉडल की राह में रोड़ा बन सकती है.

विश्व व्यापार संगठन में बातचीत असफल, खाद्य सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं

भारत ने प्रमुखता से उठाई खाद्य सुरक्षा से जुड़ा सार्वजनिक खाद्य भंडारण का मुद्दा, अमेरिका स्थायी समाधान ढूंढने की प्रतिबद्धता से पीछे हटा, भारत जैसे विकासशील देशों को निराशा.