शिक्षा व्यवस्था

आज गणमान्यों के सामने घुटनों पर झुके बच्चे क्या कल एक नागरिक के तौर पर खड़े हो पाएंगे

मणिपुर के मुख्यमंत्री के एक कार्यक्रम में घुटनों पर झुके स्कूली बच्चों को देखकर विचार आता है कि आज वरिष्ठों के सामने सजदे में खड़े होने के लिए मजबूर करने वाला वातावरण उन्हें सवाल करने के लिए तैयार करेगा या सब चीज़ें चुपचाप स्वीकार करने के लिए?

नवोदय विद्यालय में आत्महत्याओं के मामले में मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने जांच समिति गठित की

बीते दिनों आरटीआई के तहत मिली जानकारी में सामने आया था कि साल 2013 से लेकर 2017 के बीच स्कूल के 49 बच्चों ने आत्महत्या की, जिनमें से आधे दलित और आदिवासी थे. मानवाधिकार आयोग ने एचआरडी मंत्रालय को भेजा था नोटिस.

नवोदय विद्यालय: पिछले पांच सालों में 49 बच्चों ने की आत्महत्या, आधे दलित और आदिवासी

सबसे ज़्यादा 14 बच्चों ने साल 2017 में आत्महत्या की है. बताया जा रहा है कि एकतरफा प्यार, घर की समस्याएं, शारीरिक दंड, शिक्षकों द्वारा अपमान, पढ़ाई का दबाव, डिप्रेशन और दोस्तों के बीच लड़ाई आत्महत्या के मुख्य कारण हैं.

Patna: All India Students Federation activists raise slogans during a protest against the low pass percentage in the Intermediate exams, in Patna on Wednesday, June 13, 2018. (PTI Photo) (PTI6_13_2018_000049B)

बिहार इंटर रिज़ल्ट: जिन छात्र-छात्राओं को कॉलेज में होना चाहिए, वे पुलिस के डंडे खा रहे हैं

बिहार में इंटरमीडिएट के रिज़ल्ट को लेकर हंगामा मचा हुआ है. तमाम छात्र-छात्राओं के रिज़ल्ट में गड़बड़ियां सामने आई हैं. परीक्षा में शामिल होने के बाद भी कई छात्रों को ग़ैरहाज़िर कर दिया गया, वहीं कुछ को पूर्णांक से भी ज़्यादा नंबर दे दिए गए हैं.

बिहार के विश्वविद्यालयों में छात्र-छात्राओं के भविष्य से क्यों किया जा रहा है खिलवाड़?

ज्ञान की जब भी चर्चा होती है तो वो बिहार के ऐतिहासिक नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालय का ज़िक्र किए बिना पूरी नहीं होती, लेकिन उसी बिहार में आज शिक्षा व्यवस्था का हाल ये है कि आधा दर्जन विश्वविद्यालयों में विभिन्न सत्रों की परीक्षाएं कई सालों से लटकी हुई हैं.

मध्य प्रदेश के सभी स्कूलों में हाज़िरी दर्ज कराने के लिए कहना होगा ‘जय हिंद’

मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने कहा कि इससे बच्चों में देशभक्ति की भावना जगेगी. ‘यस सर’ या ‘यस मैडम’ जैसे अंग्रेज़ी शब्दों से क्या मिलेगा.

मध्य प्रदेश: शिक्षा मंत्री का फरमान, यस मैम की बजाय ‘जय हिंद’ बोलें स्कूली बच्चे

शिक्षा मंत्री विजय शाह का कहना है कि बच्चों में देशभक्ति की भावना जगाने के लिए यह फैसला लिया गया है.