सरकारी ठेके

बिहार: पुलिस विधेयक विधान परिषद से भी पास, संसद में उठा विधायकों से बदसलूकी का मुद्दा

बीते 23 मार्च पुलिस बल को कथित तौर पर बगैर वारंट के गिरफ़्तारी की शक्ति देने वाला विधेयक नीतीश कुमार सरकार के बिहार विधानसभा में पेश करने के बाद सदन में अराजकता की स्थिति देखने को मिली थी. विधानसभा में पुलिस बुला ली गई थी. कई विपक्षी विधायकों ने पुलिस पर उनके साथ दुर्व्यवहार करने की शिकायत की थी.

बिहार: पुलिस विधेयक को लेकर विधानसभा से सड़क तक हंगामा, विधायकों को घसीटकर बाहर किया गया

बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक, 2021 बिहार मिलिट्री पुलिस (बीएमपी) का नाम बदलने का प्रस्ताव करता है, उसे कहीं अधिक शक्तियां देता है और कथित तौर पर बगैर वारंट के लोगों को गिरफ़्तार करने का उसे अधिकार देता है. राजद नेता तेजस्वी यादव समेत अन्य लोगों का आरोप है कि सदन में पुलिस ने विपक्षी विधायकों पर हाथ उठाया गया और महिला विधायकों के साथ बदसलूकी की गई.

सोशल मीडिया पर ‘एंटी-नेशनल’ पोस्ट करने वालों का रिकॉर्ड तैयार करेगी उत्तराखंड पुलिस

उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने पुलिस को सोशल मीडिया पर ‘एंटी-नेशनल’ टिप्पणी करने वाले लोगों का रिकॉर्ड तैयार करने को कहा है. इससे पहले बिहार सरकार ने मंत्रियों व अधिकारियों के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर ‘अपमानजनक’ टिप्पणी करने को साइबर अपराध बताते हुए कड़ी कार्रवाई की बात कही थी.

Patna: Bihar Chief Minister Nitish Kumar attends the foundation stone laying ceremony of 'Multipurpose Prakash Kendra and Udyan' at the campus of Guru Ka Bagh in Patna, Sunday, Sept 9, 2018. (PTI Photo)(PTI9_9_2018_000102B)

बिहार सरकार का फरमान, विरोध प्रदर्शन या सड़क जाम में शामिल हुए तो नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी

नीतीश सरकार द्वारा जारी एक आदेश में विरोध प्रदर्शन या सड़क जाम करने वालों को सरकारी नौकरी और ठेकों से वंचित रखने की बात कही गई है. विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने इस पर कहा कि नीतीश कुमार मुसोलिनी और हिटलर को चुनौती दे रहे हैं. नौकरी भी नहीं देंगे और विरोध भी प्रकट नहीं करने देंगे.