सांप्रदायिक हिंसा

दिल्ली दंगा: आरोपियों की पैरवी कर रहे वकील के ऑफिस में छापेमारी, कंप्यूटर और दस्तावेज़ ज़ब्त

वरिष्ठ अधिवक्ता महमूद प्राचा दिल्ली दंगों के आरोपियों की अदालत में पैरवी कर रहे हैं. प्राचा के सहयोगी वकीलों का आरोप है कि पुलिस की यह छापेमारी सभी रिकॉर्ड और दस्तावेज़ नष्ट करने का प्रयास था.

दिल्ली दंगा: पुलिस द्वारा इनकार के बाद कोर्ट ने एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने का आदेश दिया

दिल्ली दंगों में आरोपी एक व्यक्ति ने अपने पड़ोसियों द्वारा ​उनके घर पर हमला करने का आरोप लगाया था. पुलिस ने ऐसा कोई अपराध होने से इनकार करते हुए दावा किया था कि ख़ुद को बचाने के लिए आरोपी ये आरोप लगा रहा है.

दिल्ली दंगा: अदालत ने छात्र कार्यकर्ता गुलफ़िशा फ़ातिमा को ज़मानत दी

बीते फरवरी माह में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के ज़ाफ़राबाद क्षेत्र में दंगों से संबंधित एक मामले में गुलफ़िशा फ़ातिमा को गिरफ़्तार किया गया था. इस मामले में सह-आरोपी पिंजरा तोड़ की सदस्य देवांगना कलीता और नताशा नरवाल को पहले ही ज़मानत दी जा चुकी है.

दिल्ली दंगा: ख़ालिद सैफ़ी को ज़मानत मिली, पुलिस को अदालत की फटकार

दिल्ली दंगा मामले में एक आरोपी ख़ालिद सैफ़ी को ज़मानत देते हुए एडिशनल सेशन जज ने कहा कि उनके ख़िलाफ़ महत्वहीन सामग्री के आधार पर तैयार की गई चार्जशीट में दिल्ली पुलिस ने कोई दिमाग नहीं लगाया बल्कि बदले की भावना से काम किया.

दिल्ली हाईकोर्ट ने ताहिर हुसैन को पार्षद पद के लिए अयोग्य ठहराने के फ़ैसले पर रोक लगाई

दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में गिरफ़्तार ताहिर हुसैन को पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने कथित तौर पर बिना सूचना के लगातार निगम की तीन बैठकों में शामिल न होने के कारण पार्षद के तौर पर अयोग्य ठहराया दिया था. अदालत ने इस फ़ैसले को मनमाना और ग़ैर क़ानूनी बताया है.

New Delhi: Jawaharlal Nehru University (JNU) student Umar Khalid speaks to the media moments after he was shot at, during an event at the Constitution Club in New Delhi on Monday, Aug 13, 2018. Khalid escaped unhurt. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI8_13_2018_000097B)

दिल्ली दंगा: यूएपीए के तहत उमर ख़ालिद, शरजील इमाम के ख़िलाफ़ केस चलाने की पुलिस को अनुमति

पुलिस ने दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में जेएनयू के एक पूर्व छात्र उमर ख़ालिद को 14 सितंबर और शरजील इमाम को 25 अगस्त को यूएपीए के तहत गिरफ़्तार किया था. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय और दिल्ली सरकार से इनके ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने की अनुमति मिल गई है.

दिल्ली दंगों में जलीं मस्जिदें फिर से हुईं खड़ी

वीडियो: बीते फरवरी में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान कम से कम 14 मस्जिदों और एक सूफी दरगाह को जला दिया गया था. अब ज़्यादातर मस्जिदों की मरम्मत का काम पूरा हो चुका है.

म्यांमार के शरणार्थी शिविरों में अमानवीय स्थिति में रह रहे रोहिंग्या: मानवाधिकार संगठन

मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि म्यांमार के पश्चिम रखाइन प्रांत में 24 शिविरों में अमानवीय स्थिति है और यह रोहिंग्याओं के जीवन के अधिकार एवं अन्य मूलभूत अधिकारों के लिए ख़तरा है. रिपोर्ट में इन शिविरों को खुली जेल बताया गया है.

विरोधियों ने साज़िश के तहत भारत में जन्म लिया है, जिससे वे सरकार का विरोध कर सकें…

जनता के हर विरोध को अपराध ठहराया जा रहा है. वह दिन दूर नहीं है जब सरकार भारतीयों को यह बताएगी कि उनका बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ बोलना, किसानों का सरकार के ख़िलाफ़ खड़े होना, सब कुछ अंतरराष्ट्रीय साज़िश है. भारत में जन्म लेना भी एक षड्यंत्र घोषित किया जा सकता है.

दिल्ली दंगा: गिरफ़्तार छात्रा ने तिहाड़ जेल कर्मचारियों पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए

दिल्ली हिंसा से जुड़े मामले में यूएपीए के तहत गिरफ़्तार छात्रा गुलफिशा फातिमा ने स्थानीय अदालत की सुनवाई में आरोप लगाया कि जेल में उनके साथ भेदभाव होता है, सांप्रदायिक टिप्पणियां की जाती हैं. ऐसे में अगर वे ख़ुद को कोई नुक़सान पहुंचाती हैं, तो जेल प्रशासन इसका ज़िम्मेदार होगा.

दिल्ली दंगे की चश्मदीद ने पुलिस पर लगाया धमकाने का आरोप, बच्चों के लिए मांगी सुरक्षा

दिल्ली के चांदबाग इलाके की रहने वाली दंगा पीड़ित महिला का आरोप है कि उन्होंने दिल्ली पुलिस के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज करवाई थी, इसलिए पुलिस अब बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है.

दिल्ली दंगा: चुनाव आयोग पर पुलिस से मतदाता सूची साझा करने का आरोप, आयोग ने किया इनकार

चुनाव आयोग ने एक स्पष्टीकरण जारी कर कहा कि वे अन्य सरकारी विभागों के साथ मतदाता सूची और फोटो परिचय पत्र साझा करने के साल 2008 के अपने दिशा-निर्देशों से किसी भी तरह नहीं भटका है.

दिल्ली दंगों की साज़िश तो ज़रूर रची गई, लेकिन वैसी नहीं जैसी पुलिस कह रही है

फरवरी महीने में हुए दंगे और उसके बाद हुई ‘जांच’ का मक़सद सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों को दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के लिए ज़िम्मेदार ठहराना है, जिससे उनके आंदोलन को बदनाम किया जा सके. साथ ही भविष्य में ऐसा कोई प्रदर्शन करने के बारे में आम नागरिकों में डर बैठाया जा सके.

कोर्ट में बोली दिल्ली पुलिस, भड़काऊ भाषण देने के आरोप में गिरफ़्तार छात्रा के भाषण का वीडियो नहीं

दिल्ली पुलिस ने फरवरी में हुई हिंसा के दौरान भड़काऊ भाषण देने के आरोप में जेएनयू छात्रा देवांगना कलीता को गिरफ़्तार किया था. उनकी ज़मानत याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट के उनके कथित भड़काऊ भाषण के वीडियो मांगने पर पुलिस ने कहा कि उनके पास ऐसा कोई वीडियो नहीं है.

दिल्ली दंगा: दोहरे मानदंडों और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की कहानी

दिल्ली हिंसा से जुड़े मामलों में दिल्ली पुलिस के पक्षपाती रवैये को लेकर लगातार उंगलियां उठीं. इस धारणा को इसलिए भी बल मिला क्योंकि पुलिस ने गिरफ़्तार किए गए लोगों के बारे में अधिक जानकारी सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया.