सीएए प्रदर्शन

New Delhi: Jawaharlal Nehru University (JNU) student Umar Khalid speaks to the media moments after he was shot at, during an event at the Constitution Club in New Delhi on Monday, Aug 13, 2018. Khalid escaped unhurt. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI8_13_2018_000097B)

दिल्ली दंगा: उमर ख़ालिद यूएपीए क़ानून के तहत गिरफ़्तार

गिरफ़्तारी पर कार्यकर्ताओं के एक समूह ने बयान जारी कर दिल्ली पुलिस की निंदा करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने के लिए पुलिस अपनी दुर्भावनापूर्ण जांच के ज़रिये उन्हें फंसा रही है.

उमर ख़ालिद ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र, दंगे में फ़ंसाने की साज़िश का आरोप लगाया

जेएनयू के पूर्व छात्र कार्यकर्ता उमर ख़ालिद ने दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि पुलिस अधिकारी उन्हें फ़ंसाने के लिए उनके परिचितों को डरा-धमकाकर फ़र्ज़ी बयान देने को मजबूर कर रहे हैं.

हेट स्पीच पर अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करवाने की याचिका ख़ारिज

माकपा नेता बृंदा करात और केएम तिवारी ने भड़काऊ भाषण देने के लिए भाजपा नेताओं अनुराग ठाकुर और प्रवेश सिंह वर्मा के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने के लिए दिल्ली की एक अदालत में याचिका दी थी. इसके लिए केंद्र सरकार से मंज़ूरी न मिलने के बाद कोर्ट ने इसे ख़ारिज कर दिया.

दिल्ली दंगा: चुनाव आयोग पर पुलिस से मतदाता सूची साझा करने का आरोप, आयोग ने किया इनकार

चुनाव आयोग ने एक स्पष्टीकरण जारी कर कहा कि वे अन्य सरकारी विभागों के साथ मतदाता सूची और फोटो परिचय पत्र साझा करने के साल 2008 के अपने दिशा-निर्देशों से किसी भी तरह नहीं भटका है.

दिल्ली दंगों की साज़िश तो ज़रूर रची गई, लेकिन वैसी नहीं जैसी पुलिस कह रही है

फरवरी महीने में हुए दंगे और उसके बाद हुई ‘जांच’ का मक़सद सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों को दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के लिए ज़िम्मेदार ठहराना है, जिससे उनके आंदोलन को बदनाम किया जा सके. साथ ही भविष्य में ऐसा कोई प्रदर्शन करने के बारे में आम नागरिकों में डर बैठाया जा सके.

दिल्ली दंगा: साज़िशों के जाल में प्रोफेसर अपूर्वानंद को फंसाने की कोशिशें

दिल्ली दंगों संबंधी मामले में दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अपूर्वानंद से पूछताछ के बाद कई मीडिया रिपोर्ट्स में दिल्ली पुलिस द्वारा लीक जानकारी के आधार पर उन्हें ‘दंगों का मास्टरमाइंड’ कहा गया. प्रामाणिक तथ्यों के बिना आ रही ऐसी ख़बरों का मक़सद केवल उनकी छवि धूमिल कर उनके ख़िलाफ़ माहौल बनाना लगता है.

दिल्ली दंगा: दोहरे मानदंडों और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की कहानी

दिल्ली हिंसा से जुड़े मामलों में दिल्ली पुलिस के पक्षपाती रवैये को लेकर लगातार उंगलियां उठीं. इस धारणा को इसलिए भी बल मिला क्योंकि पुलिस ने गिरफ़्तार किए गए लोगों के बारे में अधिक जानकारी सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया.

दिल्ली दंगा: प्रोफेसर अपूर्वानंद से पुलिस ने पांच घंटे पूछताछ की, मोबाइल ज़ब्त

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद ने बताया कि दिल्ली दंगों के मामले में उनसे पूछताछ की गई. उन्होंने यह भी कहा कि यह परेशान करने वाली बात है कि एक ऐसा सिद्धांत रचा जा रहा है जहां प्रदर्शनकारियों को ही हिंसा का स्रोत बताया जा रहा है. उम्मीद करता हूं कि जांच पूरी तरह से निष्पक्ष और न्यायसंगत हो.

गृह मंत्रालय ने विवादित नागरिकता क़ानून के नियम बनाने के लिए तीन और महीने का समय मांगा

संसद से नागरिकता संशोधन क़ानून पारित होने के बाद देश में बड़े पैमाने पर इसके ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए थे. इसका विरोध करने वालों का कहना है कि यह धर्म के आधार पर भेदभावपूर्ण है और संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन करता है.

दिल्ली दंगा: जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद से पूछताछ, मोबाइल ज़ब्त

दिल्ली पुलिस ने फरवरी में दिल्ली में हुए दंगों की कथित साज़िश को लेकर उमर खालिद पर गंभीर आरोप लगाए हैं. खालिद ने सभी आरोपों को ख़ारिज़ करते हुए कहा कि दंगों के लिए वास्तव में ज़िम्मेदार लोगों को पकड़ने के बजाय सांप्रदायिक सद्भाव के लिए काम करने वाले संगठनों और व्यक्तियों को फंसाया जा रहा है.

दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ़्तार छात्रा की रिहाई के लिए नागरिकों ने अपील की

दिल्ली दंगों के संबंध में गिरफ़्तार गुलफ़िशा फातिमा बीते सौ दिन से ज़्यादा समय से तिहाड़ जेल में हैं. नागरिक समाज के सदस्यों, शिक्षाविदों, लेखकों समेत 450 से अधिक लोगों ने उन्हें छोड़ने की मांग करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस महामारी का फायदा उठाकर प्रदर्शनकारियों को ग़ैर-क़ानूनी ढंग से गिरफ़्तार कर रही है.

अपने ही अधिकारी के ख़िलाफ़ गई दिल्ली पुलिस, ‘संवेदनशील’ बताकर दंगों की सूचना देने से इनकार

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे को लेकर द वायर द्वारा दायर किए गए आरटीआई आवेदन पर अपीलीय अधिकारी द्वारा आदेश देने के बाद भी दिल्ली पुलिस ने जानकारी देने से मना कर दिया. पुलिस ने सिर्फ़ गिरफ़्तार किए गए लोगों, दर्ज की गई एफआईआर, मृतकों एवं घायलों की संख्या की सूचना दी है.

दिल्ली दंगों के 19 मामलों में पुलिस की दलील, आरोपी को ज़मानत देने से ग़लत संदेश जाएगा: रिपोर्ट

बीते 29 मई को दिल्ली हाईकोर्ट ने दंगे के एक आरोपी को ज़मानत देते हुए पुलिस की इस दलील को ख़ारिज कर दी थी कि ज़मानत देने से समाज में गलत संदेश जाएगा. हाईकोर्ट ने कहा था कि अदालत का काम क़ानून के मुताबिक न्याय देना है, न कि समाज को संदेश देना.

गर्भवती सफ़ूरा ज़रगर को न्याय के मंदिर में इंसाफ़ नहीं

वीडियो: दिल्ली पुलिस ने अप्रैल की शुरुआत में जामिया मिलिया इस्लामिया की छात्रा सफ़ूरा ज़रगर को दिल्ली हिंसा से जुड़े एक मामले में गिरफ़्तार किया था. 27 वर्षीय सफ़ूरा 21 हफ्ते की गर्भवती हैं और पॉली सिस्टिक ओवेरियन डिसऑर्डर से पीड़ित हैं. दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया है. इस मुद्दे पर सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ दवे और सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर से आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

दिल्ली हिंसा मामले में स्क्रिप्ट पहले ही लिखी गई, अब बस किरदार तलाश रही है पुलिस

वीडियो: लॉकडाउन के दौरान दिल्ली दंगों के षड्यंत्र रचने के आरोप में कई छात्रों व सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से अधिकतर छात्र सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों में शामिल थे. छात्र नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया है.