स्वास्थ्य विभाग

गोरखपुर के कोविड कंट्रोल रूम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. (साभार: सीएमओ)

उत्तर प्रदेश: कोविड की दूसरी लहर और स्वास्थ्य सुविधाओं से जूझते पूर्वांचल के अस्पताल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह ज़िले गोरखपुर और आस-पास के तीन ज़िलों- देवरिया, महराजगंज और कुशीनगर में कोरोना की दूसरी तीव्र लहर के बीच स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के बुरे हाल हैं. प्रदेश सरकार स्थिति नियंत्रण में होने की बात कह रही है, लेकिन ख़ुद सरकारी आंकड़े इसके उलट इशारा कर रहे हैं.

पंचायत चुनाव के दौरान लखनऊ के एक केंद्र पर बैलेट ले जाते कर्मचारी. (फोटो: पीटीआई)

कोविड से जान गंवाने वाले चुनाव अधिकारियों को न्यूनतम एक करोड़ रुपये मुआवज़ा मिले: हाईकोर्ट

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के दौरान चुनाव अधिकारियों की मौत के मसले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग की ओर से जानबूझकर उस व्यक्ति को आरटी-पीसीआर जांच के बिना ड्यूटी के लिए बाध्य करने के चलते मुआवज़ा राशि कम से कम एक करोड़ रुपये होनी चाहिए.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

यूपी: ग्रामीण क्षेत्रों में दिखने लगा कोविड का क़हर, कई गांवों में रोज़ उठ रहे हैं अर्थियां-जनाज़े

कोरोना की पहली लहर देश के ग्रामीण क्षेत्रों को बहुत प्रभावित नहीं कर पाई थी, लेकिन दूसरी लहर शोक का सागर लेकर आई है. बीते एक पखवाड़े में पूर्वांचल के गांवों में हर दिन कई लोग बुखार, खांसी व सांस की तकलीफ़ के बाद जान गंवा रहे हैं. जांच के अभाव में इन्हें कोरोना से हुई मौतों के तौर पर दर्ज नहीं किया गया है.

जीटीबी अस्पताल में भर्ती होने का इंतज़ार करता एक कोविड संक्रमित शख़्स. (फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19 की चुनौतियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय को ‘जाग’ जाना चाहिए: आईएमए

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 की दूसरी लहर से निपटने के लिए उपयुक्त कदम नहीं उठाए. मंत्रालय की ढिलाई और अनुचित कदमों को लेकर वह बिल्कुल हैरान है. साथ ही संगठन ने कहा कि मंत्रालय ने पेशवरों के सुझावों को कचरे के डिब्बे में फेंक दिया है.

बलिया के अस्पताल में कमरे में बंद वेंटिलेटर्स. (फोटो: स्पेशल अरेंजमेंट)

यूपी: कोविड के क़हर से ज़िंदगियां बचाने को जूझ रहे कई शहरों के अस्पताल में बेकार पड़े हैं वेंटिलेटर

देशभर में कोविड संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच मरीज़ों को समय पर वेंटिलेटर न मिलने की बात सामने आ रही है, वहीं उत्तर प्रदेश के दर्जन भर से अधिक ज़िलों के अस्पतालों में प्रशिक्षित स्टाफ की कमी या ऑक्सीजन का उचित दबाव न होने जैसी कई वजहों के चलते उपलब्ध वेंटिलेटर्स ही काम में नहीं आ रहे हैं.

कोविड संक्रमण के चलते जान गंवाने वाले यूपी के शिक्षक विजय बहादुर, केशव प्रसाद और रामभजन निषाद. (बाएं से दाएं)

उत्तर प्रदेश: क्या पंचायत चुनाव कोविड संक्रमण का सुपरस्प्रेडर साबित हुआ है

उत्तर प्रदेश के अलग-अलग ज़िलों से लगातार पंचायत चुनाव के प्रशिक्षण, मतदान और मतगणना में शामिल रहे शिक्षकों, कर्मचारियों, शिक्षा मित्रों आदि के कोविड संक्रमित होने और जान गंवाने की ख़बरें आ रही हैं. अधिकतर के परिजन अपने क़रीबियों को खोने का ज़िम्मेदार पंचायत चुनाव की ड्यूटी को ही मान रहे हैं.

यूपी के रामपुर में पंचायत चुनाव के दौरान एक केंद्र पर मतदाता. (फोटो: पीटीआई)

यूपी पंचायत चुनाव: शिक्षक संघ ने कहा- चुनाव ड्यूटी के बाद कोविड से 706 कर्मचारियों की जान गई

उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्य चुनाव आयोग और बेसिक शिक्षा मंत्री को लिखे पत्र में बताया है कि पंचायत चुनाव ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमित हुए 706 प्राथमिक शिक्षकों और बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की जान गई है. संघ ने मतगणना टालने की मांग की है.

मथुरा के एक केंद्र पर पंचायत चुनाव के लिए बैलेट बॉक्स आदि लेने पहुंचे पोलिंग एजेंट. (फोटो: पीटीआई)

यूपी: पंचायत चुनाव में संक्रमित कर्मचारियों की मौत पर कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को नोटिस भेजा

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव में ड्यूटी पर रहे कर्मचारियों की कोरोना संक्रमण से मौत की ख़बरों पर संज्ञान लेते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग की आलोचना की और पूछा कि महामारी संबंधी नियमों का पालन करवाने में विफल होने पर क्यों उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए.

ग्राम पंचायत चुनाव में वोट देने के लिए गोरखपुर के एक मतदान केंद्र पर खड़े मतदाता. (फोटो: पीटीआई)

गोरखपुर: पंचायत चुनाव में ड्यूटी के बाद 20 प्राथमिक शिक्षकों की कोविड से मौत

पंचायत चुनाव में ड्यूटी के बाद बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित हो रहे शिक्षकों की स्थिति के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ की गोरखपुर इकाई ने ज़िला प्रशासन से मांग की है कि मतगणना में जिन प्राथमिक शिक्षकों की ड्यूटी लगी है, उनकी आरटी-पीसीआर जांच हो और उन्हें पीपीई किट दिए जाएं.

(फोटो: पीटीआई)

यूपी: क्या महामारी के बीच पंचायत चुनाव करवाने की ज़िद सरकारी कर्मचारियों पर भारी पड़ रही है

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के तीन चरण बीतने के बाद चुनावी ड्यूटी करने वाले कर्मचारी बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित हुए हैं. ख़बरों के अनुसार, चुनाव में ड्यूटी कर चुके 135 शिक्षक, शिक्षा मित्र और अनुदेशक कोविड संक्रमण के चलते जान गंवा चुके हैं, वहीं अन्य कई विभागों के कर्मचारी भी इस संक्रमण से जूझ रहे हैं.

योगी आदित्यनाथ. (फोटो: पीटीआई)

भाजपा सांसद ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को लिखा पत्र, कहा- पड़े-पड़े धूल खा रहे हैं वेंटिलेटर

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज से भाजपा सांसद कौशल किशोर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे गए एक पत्र में किंग जॉर्ज अस्पताल मेडिकल यूनिवर्सिटी के कई विभागाध्यक्षों ने वार्डों में कभी ड्यूटी ही नहीं की और मीडिया में अपनी छवि चमकाने में व्यस्त रहे. इससे पहले कानून मंत्री बृजेश पाठक ने ख़राब होती स्वास्थ्य व्यवस्था की ओर ध्यान दिलाया था.

(फोटो: पीटीआई)

गुजरात सरकार को कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाना चाहिए: आईएमए

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से कहा गया है कि अगर संभव हो तो गुजरात सरकार को 14 दिनों का पूर्ण लॉकडाउन लगाना चाहिए. अगर राज्य सरकार इसके पक्ष में नहीं है तो उसे लोगों को उनके घरों तक सीमित करने के लिए पाबंदी लगाने के बारे में सोचना चाहिए. गुजरात हाईकोर्ट ने डॉक्टरों से कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए सुझाव मांगें थे.

नितिन पटेल. (फोटो साभार: फेसबुक)

कोविड-19: गुजरात के डिप्टी सीएम ने कहा, प्रशासन की जितनी क्षमता, उससे ज़्यादा बिस्तर चाहिए

गुजरात के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री नितिन पटेल ने कहा कि गुजरात में कोरोना वायरस के रोज़ाना 9,000 से ज़्यादा मामले सामने आ रहे हैं. समय-समय पर नई सुविधाएं और बिस्तर बढ़ा रहे हैं, लेकिन ये मांग की तुलना में कम पड़ रहे हैं.

उत्तर प्रदेश से भाजपा सांसद कोशल किशोर. (फोटो: फेसबुक)

यूपी: मंत्री के बाद भाजपा सांसद ने कोविड की स्थिति पर जताई चिंता, पंचायत चुनाव टालने की मांग

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को कोरोना वायरस से सर्वाधिक प्रभावित ज़िलों में लॉकडाउन लगाने की संभावना तलाशने का निर्देश दिया है. इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन कोरोना संक्रमित पाए गए हैं.

ब्रजेश पाठक. (फोटो साभार: फेसबुक)

यूपी: मंत्री ने कथित पत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल, लखनऊ में कोविड की स्थिति गंभीर

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ब्रजेश पाठक ने अपर मुख्य सचिव तथा प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को लिखे एक कथित पत्र में कहा है कि पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध इतिहासकार योगेश प्रवीन को दो घंटे तक एंबुलेंस न मिलना बेहद ही कष्टदायक है. मुख्यमंत्री कार्यालय से अनुरोध करने पर भी एंबुलेंस नहीं मिली. समय से इलाज न मिलने पर उनकी मौत हो गई.