हनुमान

हनुमान के जन्मस्थान को लेकर कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में विवाद

कर्नाटक का ये दावा है कि हनुमान का जन्म कोप्पल ज़िले में ऐनेगुंडी के पास किष्किन्धा में अंजनाद्रि पहाड़ी पर हुआ था. वहीं, आंध्र प्रदेश ने कहा है कि तिरुपति की सात पहाड़ियों में से एक हनुमान का जन्मस्थान है, जिसे अंजनाद्रि भी कहा जाता है. तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ने पिछले साल दिसंबर में विद्वानों की एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था, जो 21 अप्रैल तक अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है.

Lucknow: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath during a BJP Sikh Samaj Sammelan, in Lucknow, Monday, Oct 29, 2018. (PTI Photo)(PTI10_29_2018_000208B)

हनुमान की जाति बताकर योगी आदित्यनाथ ने देश का माहौल बिगाड़ा: शंकराचार्य अधोक्षजानंद

शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ ने कहा कि रामभक्त हनुमान का अपमान करने वाले लोग उस राजनीतिक दल से जुड़े हैं जो स्वयं को हिंदू अस्मिता का रक्षक बताता है. एक ओर पार्टी राम मंदिर पर शीर्ष अदालत में जल्द सुनवाई की मांग कर रही है, वहीं दूसरी ओर बजरंग बली का अपमान कर रही है.

Lucknow: UPCC President Raj Babbar addresses a press conference at the party office in Lucknow on Monday, July 30, 2018. (PTI Photo/Nand Kumar) (PTI7_30_2018_000136B)

हनुमान को ज़्यादा परेशान न करें नहीं तो भाजपा की पूरी लंका जला डालेंगे: राज बब्बर

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा कि भाजपा ने हनुमान जी की जाति बतानी शुरू की जिससे नाराज़ होकर उन्होंने अपनी पूंछ के बल पर उनकी तीन राज्यों की सरकार छीन ली.

भाजपा नेता ने कहा, हनुमान मुसलमान थे, इसलिए मुस्लिमों में रहमान-रमज़ान जैसे नाम होते हैं

राजस्थान विधानसभा चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हनुमान को दलित बताया था, जिसके बाद विभिन्न नेता हनुमान की जाति की अपने हिसाब से व्याख्या करने लगे हैं.

आपराधिक गतिविधियों से कोई भी आध्यात्मिकता जुड़ी नहीं हो सकती है: दिल्ली हाईकोर्ट

अदालत दिल्ली के करोल बाग क्षेत्र में बनी 108 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा के अवैध निर्माण पर सुनवाई कर रही है. उसने इतनी ऊंची प्रतिमा सार्वजनिक भूमि पर बनने देने को दुर्भाग्यपूर्ण क़रार दिया.

हनुमान की नई छवि के मायने

हनुमान की यह छवि रचने वाले कलाकार करण आचार्य का कहना है कि उनके हनुमान शक्तिशाली हैं न कि दमनकारी. लेकिन जो इसे गर्व के साथ जोड़कर देख रहे हैं, वे शायद बिल्कुल ऐसा नहीं सोचते.