​दिल्ली

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

मरीज़ को निवास प्रमाण-पत्र के आधार पर अस्पताल में भर्ती से इनकार नहीं किया जा सकता: अदालत

कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के मद्देनज़र सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को यह निर्देश दिया कि वह दो हफ़्ते के भीतर अस्पताल में मरीज़ों को भर्ती करने की राष्ट्रीय नीति बनाए. इधर, हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि कोविड-19 संबंधी दवाएं और उपकरण आदि अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से ज़्यादा पर न बेचे जाएं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

ऑक्सीजन आपूर्ति संबंधी अवमानना कार्रवाई आदेश वापस लेने के लिए केंद्र ने अदालत से अनुरोध किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा था कि केंद्र सुनिश्चित करे कि दिल्ली को आवंटित मात्रा 490 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिले और चेतावनी दी थी कि इसमें असफल होने पर वह अवमानना की कार्यवाही कर सकती है. केंद्र की ओर से कहा गया है कि उसके अधिकारी कड़ी मेहनत कर रहे हैं. ऐसे आदेशों से उनके मनोबल पर ग़लत प्रभाव पड़ेगा.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर और न्यूजीलैंड दूतावास में पहुंचे ऑक्सीजन सिलेंडर.

कोविड-19: दूतावासों के यूथ कांग्रेस से ऑक्सीजन मांगने पर उलझे विदेश मंत्री और कांग्रेस नेता

दिल्ली में कोविड संकट के बीच फिलीपींस और न्यूज़ीलैंड दूतावासों द्वारा यूथ कांग्रेस प्रमुख श्रीनिवास बीवी से ऑक्सीजन सिलेंडर की मदद मांगी गई थी, जिसे लेकर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने विदेश मंत्रालय पर निशाना साधा था. इसके बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि यूथ कांग्रेस द्वारा की गई आपूर्ति ‘अनचाही’ थी.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

पानी सिर के ऊपर से गुज़र चुका है, केंद्र दिल्ली को 490 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आपूर्ति करे: अदालत

दिल्ली हाईकोर्ट की पीठ ने कहा कि केंद्र सुनिश्चित करे कि दिल्ली को आवंटित मात्रा 490 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिले और चेतावनी दी कि इसमें असफल होने पर वह अवमानना की कार्यवाही कर सकती है. इस बीच केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि दिल्ली का दैनिक ऑक्सीजन कोटा बढ़ाकर 590 मीट्रिक टन कर दिया गया है. वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि रोज़ाना 976 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता है.

(फोटो: रॉयटर्स)

कोविड टीकाकरण: आम आदमी की ज़िंदगी के प्रति भारत सरकार इतनी बेपरवाह क्यों है

टीकाकरण अगर सफल होना है तो उसे मुफ़्त होना ही होगा, यह हर टीकाकरण अभियान का अनुभव है, तो भारत में ही क्यों लोगों को टीके के लिए पैसा देना पड़ेगा? महामारी की रोकथाम के लिए टीका जीवन रक्षक है, फिर भारत सरकार के लिए एक करदाता के जीवन का महत्त्व इतना कम क्यों है कि वह इसके लिए ख़र्च नहीं करना चाहती?

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

दिल्ली: बत्रा अस्पताल ने कहा, ऑक्सीजन की कमी से डॉक्टर समेत 12 कोविड मरीज़ों की मौत

मृतक डॉक्टर की पहचान 62 वर्षीय डॉ. आरके हिमथानी के रूप में हुई है. वह बत्रा अस्पताल के गैस्ट्रोएंटेराइटिस विभाग के प्रमुख थे. कोरोना वायरस महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच देश के विभिन्न अस्पतालों में कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी से मौत होने मामले लगातार सामने आ रहे हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

अदालत ने केंद्र से पूछा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को मांग से अधिक पर दिल्ली को कम ऑक्सीजन क्यों

केंद्र की ओर से पेश हुए सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि केंद्र सरकार अदालत के सवाल पर हलफ़नामा देगी और मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र को अधिक ऑक्सीजन देने का कारण बताएगी. इस बीच केंद्र ने राज्यों से शुक्रवार को कहा कि वे उपलब्ध ऑक्सीजन को महत्वपूर्ण वस्तु की तरह लें और निजी अस्पतालों समेत सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन की खपत की समीक्षा करवाएं.

हरिद्वार कुंभ 2021 के दौरान निकला नागा साधुओं का जत्था. (फोटो: रॉयटर्स)

कुंभ 2021: क्या नेताओं के लिए ग्रहों की चाल आम ज़िंदगियों से ज़्यादा महत्वपूर्ण है

अमूमन कुंभ मेला हर बारह साल पर लगता है, लेकिन इस बार हरिद्वार में हुआ कुंभ पिछली बार हुए आयोजन के ग्यारह साल बाद हुआ क्योंकि केंद्र और राज्य सरकार के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने से कहीं अधिक ज़रूरी ज्योतिषियों को ख़ुश रखना था.

एक शवदाह गृह के बाहर शवों के साथ उनके परिजन. (फोटो: पीटीआई)

कोविड-19: दिल्ली के श्मशानों में दाह संस्कार के लिए करना पड़ रहा है 16 से 20 घंटे का इंतज़ार

कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप की वजह से दिल्ली में मरने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. एक शवदाह गृह पर पिता के अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे व्यक्ति ने कहा कि अगर अस्पताल में आप मरीज़ को ऑक्सीजन नहीं दे पा रहे हैं, तब कम से कम श्मशान घाट पर कुछ जगह उपलब्ध करा दीजिए, ताकि लोग आराम से दुनिया छोड़ सके.

भाजपा सांसद गौतम गंभीर. (फोटो: पीटीआई)

गौतम गंभीर के कोविड की दवाइयां मुफ़्त बांटने पर कोर्ट ने पूछा, क्या उनके पास इसका लाइसेंस है

पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद गौतम गंभीर द्वारा उनके क्षेत्र में कोरोना के इलाज में काम आने वाली दवा निशुल्क बांटे जाने को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने सवाल उठाया कि क्या वे ऐसी दवाइयां बांट सकते हैं और क्या वे इन्हें खरीद सकने के पात्र हैं.

(फोटो: पीटीआई)

जजों के लिए पांच सितारा होटल में कोविड केंद्र बनाने का अनुरोध नहीं किया गया: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली में चाणक्यपुरी की एसडीएम गीता ग्रोवर ने अशोका होटल में 100 रूम अलग करने और एक कोविड हेल्थ केयर सुविधा केंद्र में तब्दील करने के लिए उन्हें प्राइमस अस्पताल को सौंपने का एक आदेश जारी किया था. दिल्ली सरकार ने अब इस आदेश को वापस ले लिया है.

अशोका होटल. (फोटो: आईटीडीसी)

दिल्ली सरकार ने पांच सितारा होटल में हाईकोर्ट जजों के लिए कोविड अस्पताल बनाने का निर्णय लिया

दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने पांच सितारा अशोका होटल में हाईकोर्ट के जजों, न्यायिक अधिकारियों और उनके परिवारों के लिए एक विशेष कोविड हेल्थ केयर केंद्र स्थापित करने का फैसला लिया है. महामारी के दौर में जब आम नागरिकों के लिए बेड और ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं हैं, तब जजों के लिए ऐसी सुविधा पर लोग सवाल उठा रहे हैं.

Coronavirus Crematorium Delhi Reuters

दिल्ली: श्मशान घाट से सटे शहीद भगत सिंह कैंप के लोग धुएं और गंध में रहने को मजबूर

दिल्ली स्थित पश्चिम पुरी श्मशान घाट के पास स्थित शहीद भगत सिंह कैंप में तक़रीबन 900 झुग्गियां हैं, जिनमें 1500 लोग रहते हैं. यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि पहले एक दिन में तीन-चार शवों का दाह संस्कार किया जाता था, लेकिन अब 200-250 शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है. इन लोगों को इससे कोविड-19 महामारी के फैलने का भी ख़तरा सता रहा है.

(फोटोः पीटीआई)

दिल्ली: बेघरों के लिए काम करने वाले डॉक्टर को कोविड संक्रमित होने के बाद नहीं मिला बेड, मौत

तक़रीबन एक दशक से और कोरोना महामारी के दौरान भी दिल्ली के बेघर लोगों के लिए काम करने वाले 60 वर्षीय डॉ. प्रदीप बिजलवान का शुक्रवार को निधन हो गया. वे कोरोना संक्रमित थे और अस्पताल में जगह न मिलने के बाद अपने घर पर ही इलाज करवा रहे थे.

जीटीबी अस्पताल में भर्ती होने का इंतज़ार करता एक कोविड संक्रमित शख़्स. (फोटो: रॉयटर्स)

ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित करने वाले को लटका देंगे, हम किसी को नहीं बख़्शेंगे: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों द्वारा दायर ऑक्सीजन की कमी संबंधी मामले सुनते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से महामारी की चरम स्थिति आने पर इंफ्रास्ट्रक्चर, अस्पताल, चिकित्साकर्मियों, दवाई, टीका और ऑक्सीजन के आशय में तैयारियों को लेकर सवाल करते हुए कहा कि हम इसे लहर कह रहे हैं, यह असल में एक सुनामी है.