Agriculture ordinance

किसान आंदोलन: किसान संगठनों ने डेढ़ साल तक कृषि क़ानून स्थगित रखने का प्रस्ताव ठुकराया

किसान संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति के 18 महीनों के लिए कृषि क़ानून स्थगित रखने के प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए क़ानूनों को पूरी तरह रद्द करने और एमएसपी के लिए क़ानून बनाने की मुख्य मांगें दोहराई हैं. शुक्रवार को दोनों पक्षों के बीच 11वें दौर की बातचीत होनी है.

ग़ैर क़ानूनी आधार पर कृषि मंत्रालय ने कृषि क़ानूनों के दस्तावेज़ सार्वजनिक करने से इनकार किया

विशेष रिपोर्ट: नए कृषि क़ानूनों के विरोध के बीच केंद्र सरकार ने कहा था कि इसे काफ़ी विचार-विमर्श के बाद बनाया गया है. आरटीआई के तहत इससे जुड़े दस्तावेज़ मांगे जाने पर कृषि मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में मामले के विचाराधीन होने का हवाला देते हुए इससे इनकार किया. आरटीआई एक्ट में कहीं भी ऐसा प्रावधान नहीं है.

ट्रैक्टर रैली: पुलिस और किसान संगठनों के बीच बैठक बेनतीजा रही

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ क़रीब दो महीने से प्रदर्शन कर रहे किसानों ने गणतंत्र दिवस पर राजधानी दिल्ली में ट्रैक्टर रैली निकालने का आह्वान किया है. दिल्ली पुलिस चाहती है कि यह रैली दिल्ली के बाहर हो.

किसान संगठन कृषि क़ानूनों को डेढ़ साल तक निलंबित रखने के प्रस्ताव पर विचार करने को तैयार

सरकार ने तीनों कृषि क़ानूनों को एक वर्ष या उससे अधिक समय के लिए निलंबित रखने और किसान संगठनों तथा सरकार के प्रतिनिधियों की एक समिति गठित करने भी प्रस्ताव रखा. किसान संगठनों ने प्रस्ताव पर चर्चा करने पर सहमति जताई है.

कोर्ट के हस्तक्षेप से इनकार के बाद केंद्र ने प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली के ख़िलाफ़ याचिका वापस ली

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे किसानों की गणतंत्र दिवस पर प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली को लेकर दर्ज केंद्र की याचिका पर सीजेआई एसए बोबड़े की अगुवाई वाली पीठ ने कोई भी निर्देश देने से इनकार करते हुए कहा कि यह पुलिस से जुड़ा मामला है और केंद्र के पास आदेश देने का अधिकार है.

किसान आंदोलन: टिकरी बॉर्डर पर ज़हरीला पदार्थ खाने वाले किसान की मौत

मृतक किसान की पहचान 42 वर्षीय जय भगवान राणा के तौर पर हुई है. वह हरियाणा के रोहतक ज़िले के रहने वाले थे. केंद्र के विरोध में एक महीने से ज़्यादा समय से चल रहे किसान आंदोलन के दौरान अब तक कम से कम पांच लोग दिल्ली के विभिन्न प्रदर्शन स्थलों पर आत्महत्या कर चुके हैं.

किसान आंदोलन का एक अहम पड़ाव ‘बस्ताड़ा’ टोल प्लाज़ा

वीडियो: पंजाब, हरियाणा और दिल्ली को जोड़ने वाले राजमार्ग पर एक टोल प्लाज़ा अब एक नई विरोध स्थल और किसानों की यात्रा के लिए एक विश्राम स्थल में बदल गया है. इसे बस्ताड़ा टोल प्लाज़ा के नाम से जाना जाता है.

मीडिया बोल: किसान आंदोलन के ख़िलाफ़ क्यों जुटे हैं टीवी चैनल

वीडियो: किसानों और उनके आंदोलन के ख़िलाफ़ सिर्फ सरकारी एजेंसियां ही अभियान नहीं चला रही हैं, टीवी चैनलों के ज़रिये उनकी छवि बिगाड़ने और देश विरोधी बताने के लिए झूठी कहानियां चलाई जा रही हैं. इस मुद्दे पर वरिष्ठ पत्रकार शीतल पी. सिंह और पंजाब के स्वतंत्र पत्रकार शिव इंदर सिंह से उर्मिलेश की बातचीत.

किसानों को डराने के लिए एनआईए का इस्तेमाल कर रही है केंद्र सरकार: विपक्ष

किसान आंदोलन में शामिल कई लोगों को एनआईए का समन मिलने के बाद कांग्रेस और अकाली दल ने केंद्र की आलोचना की है. सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि जब खालसा एड ने गुजरात में सहायता की, तब सरकार को उसमें कुछ ग़लत नहीं लगा पर अब किसानों की मदद करने वालों के पीछे एनआईए लगा दिया गया.

हेमा मालिनी पंजाब आकर कृषि क़ानून समझाएं, आने-जाने-रहने का ख़र्च हम उठाएंगे: किसान संगठन

मथुरा से भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसानों के आंदोलन को लेकर कहा था कि किसानों को पता नहीं है कि वे क्या चाहते हैं क्योंकि उनके पास कोई एजेंडा नहीं है. उन्हें विपक्षी दलों द्वारा अपने हितों को साधने के लिए भड़काया जा रहा है.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

ट्रैक्टर रैली रोकने की याचिका पर कोर्ट ने कहा- पुलिस अपनी शक्तियां प्रयोग करने को स्वतंत्र

किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली या गणतंत्र दिवस समारोहों को बाधित करने की कोशिश करने के अन्य प्रदर्शनों पर रोक लगाने की केंद्र की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह क़ानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला है और फ़ैसला लेने का पहला हक़ पुलिस को है कि राष्ट्रीय राजधानी में किसे प्रवेश की अनुमति दी जानी चाहिए.

पंजाब: कृषि क़ानूनों के विरोध में भाजपा के दस वरिष्ठ नेता अकाली दल में शामिल

शिरोमणि अकाली दल में शामिल हुए नेताओं ने कहा कि उन्होंने पहले ही भाजपा को चेतावनी दी थी कि वे किसान विरोधी कृषि क़ानून वापस लें, लेकिन ऐसा करने के बजाय उल्टा क़ानूनों का समर्थन करने को कहा गया.

किसान आंदोलन: किसान नेता के बाद कार्यकर्ता और टीवी पत्रकार को मिला एनआईए का समन

पिछले कुछ दिनों में एनआईए द्वारा कम से कम 13 लोगों को नोटिस भेजा गया है. इनमें किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा, पंजाबी अभिनेता और कार्यकर्ता दीप सिंधू, पंजाब के एक टीवी पत्रकार जसबीर सिंह और कार्यकर्ता गुरप्रीत सिंह शामिल हैं.

कृषि क़ानून: एनआईए ने प्रदर्शनकारी नेता को समन भेजा, नेता बोले- आंदोलन पटरी से उतारने की साज़िश

कृषि क़ानूनों को लेकर प्रदर्शन कर रहे एक संगठन के प्रमुख बलदेव सिंह सिरसा को एनआईए ने प्रतिबंधित सिख्स फॉर जस्टिस के एक नेता के ख़िलाफ़ दर्ज मामले में समन भेजा है. सिरसा ने कहा कि पहले सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के ज़रिये आंदोलन पटरी से उतारने की कोशिश की, अब वह एनआईए का उपयोग कर रही है.

सरकार के साथ किसानों की नौवें दौर की बातचीत भी बेनतीजा, अगली बैठक 19 जनवरी को

किसान संगठनों ने कहा कि वे गतिरोध को दूर करने के लिए सीधी वार्ता जारी रखने को प्रतिबद्ध हैं. दूसरी ओर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि नौवें दौर की वार्ता सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका. उन्होंने उम्मीद जताई कि 19 जनवरी को होने वाली बैठक में किसी निर्णय पर पहुंचा जा सकता है.